पंचांग के अनुसार, 5 जुलाई 2026 को सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जिसके स्वामी राहु हैं. चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में गोचर करेगा.
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धर्म ज्ञान05 Jul, 202607:00 AM5 जुलाई का पंचांग: भगवान सूर्य की पूजा करना सबसे उत्तम, पंचमी तिथि, शुभ मुहूर्त और राहुकाल जानें
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धर्म ज्ञान02 Jul, 202607:00 AMAaj Ka Panchang 2 July 2026: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि और दिशाशूल
पंचांग के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जिसके स्वामी राहु हैं. चंद्रमा उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में गोचर करेंगे और इसके बाद यह श्रवण नक्षत्र में प्रवेश करेंगे.
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धर्म ज्ञान26 Jun, 202607:00 AM26 जून 2026 का पंचांग: शुक्रवार को बन रहा शुभ संयोग, शाम से शुरू होगा सर्वार्थसिद्धि योग
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति भी इस दिन महत्वपूर्ण रहेगी. सूर्य मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे, वहीं चंद्रमा दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक तुला राशि में रहेंगे और उसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे. चंद्रमा के राशि बदलने का असर अलग-अलग राशियों के लोगों पर अलग तरीके से पड़ सकता है.
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धर्म ज्ञान24 Jun, 202607:00 AMPanchang 24 June 2026: जानें बुधवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
24 जून 2026 (बुधवार) को हर्षण योग नहीं, बल्कि परिघ योग है. वैदिक पंचांग के अनुसार 24 जून 2026 को कोई वज्र योग नहीं है बल्कि परिघ और शिव योग बन रहे हैं.
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धर्म ज्ञान23 Jun, 202607:00 AMपंचांग 23 जून 2026: मंगलवार को हनुमान पूजा का शुभ संयोग, जानें राहुकाल, अभिजित मुहूर्त और दिशाशूल
23 जून 2026 (मंगलवार) को हर्षण योग नहीं, बल्कि वरीयान योग है. वैदिक पंचांग के अनुसार 23 जून 2026 को कोई वज्र योग नहीं है.
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धर्म ज्ञान17 Jun, 202607:30 AM7 जून 2026 का पंचांग: रात में लगेगी चतुर्थी, जानें शुभ-अशुभ समय
17 जून के शुभ और अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से 2 बजकर 8 मिनट तक रहेगा. इस अवधि में नए और मांगलिक कार्य शुरू करने से परहेज किया जाता है. इसके अलावा, यमगण्ड सुबह 7 बजकर 25 मिनट से 9 बजकर 6 मिनट तक और कुलिक काल सुबह 10 बजकर 47 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. वहीं दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा.
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धर्म ज्ञान16 Jun, 202607:30 AM16 जून 2026 का पंचांग: वृद्धि योग के साथ अभिजीत और विजय मुहूर्त का शुभ संयोग
ज्योतिष के अनुसार 16 जून को मंगलवार का दिन होने के कारण मंगल संबंधी कार्यों में सावधानी बरतनी चाहिए. वृद्धि योग के कारण प्रगति और विकास से जुड़े कामों में अच्छे परिणाम की उम्मीद की जा सकती है.
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मनोरंजन14 Jun, 202607:30 AMआज का पंचांग: पुरुषोत्तम मास में दर्श अमावस्या, पितरों के तर्पण का विशेष महत्व
इस दिन वर्ज्य समय और बाण काल का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए. ज्योतिष के अनुसार अमावस्या के दिन नए काम शुरू करने से बचना बेहतर होता है. पितर पूजन, तर्पण और दान-पुण्य जैसे कार्य इस तिथि पर शुभ फल देते हैं. लोगों को सलाह दी जाती है कि राहुकाल और दुर्मुहूर्त में कोई महत्वपूर्ण कार्य या यात्रा न करें.