गोमूत्र के संग्रहण के लिए गांवों में 200 लीटर क्षमता के टैंक लगाए गए हैं. इससे पशुपालकों को गोमूत्र बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ता. गांव में ही इसकी खरीद और संग्रह की व्यवस्था की गई है. स्थानीय स्तर पर संग्रहण की व्यवस्था होने से पशुपालकों, विशेषकर महिलाओं को इससे जोड़ना आसान हुआ है.
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राज्य10 Aug, 202603:54 PMबुलंदशहर में एफपीओ के जरिए शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट, 15 गांवों में खोली गईं गोमूत्र डेयरी
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ब्लॉग26 Jul, 202604:17 PMगोसंरक्षण से ग्रामीण समृद्धि: उत्तर प्रदेश का बहुआयामी विकास मॉडल
उत्तर प्रदेश गोबर को हरित ऊर्जा में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा रहा है. फिक्स और पोर्टेबल बायोगैस संयंत्रों की योजना और आईआईटी दिल्ली के सहयोग से युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देने की पहल से गांवों में स्थानीय स्तर पर नए रोजगार निर्मित होंगे.
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ब्लॉग25 Jul, 202610:32 AMइसलिए नहीं आते अविमुक्तेश्वरानंद की सभाओं में लोग
कुछ दिन पहले इन्हीं अविमुक्तेश्वरानंद ने भारत माता पर सवाल खड़े कर दिए थे. जिस भाषा में वह अपने समर्थकों को संबोधित करते हैं, वह बताती है कि अगर किसी से उनकी वैचारिक असहमति है, तो उनके हमले किसी भी स्तर तक जा सकते हैं. लेकिन यह व्यवहार किसी संत को शोभा नहीं देता.
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