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Kadak Baat : Rahul Naveen बने ED के नए डायरेक्टर, घोटालेबाज नेताओं की उड़ गई नींद

ED को नया चीफ मिल गया है राहुल नवीन को नया डायरेक्टर बनाया गया है

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PM MODI : एक तरफ ईडी सीबीआई के हंटर से बड़े बड़े नेताओं की नींद उड़ गई है। दूसरी तरफ PM MODI ने रातोंरात खेल कर दिया है। ईडी को नया चीफ देकर राहुल गांधी से लेकर अखिलेश यादव, केजरीवाल, तेजस्वी यादव समेत तमाम नेताओं की धड़कने बड़ा दी है। क्योंकि एक ऐसे शख्त को मोदी ने पावर दी है। जो सीधा आरोपियों की कमर तोड़ने का काम करता है।  दरअसल।

ED के अगले डायरेक्टर 1993 बैच भारतीय रेवेन्यू सर्विस के अधिकारी राहुल नवीन होंगे। राहुल नवीन अभीतक कार्यवाहक प्रमुख के पद पर कार्यरत थे। लेकिन अब राहुल नवीन को स्थाई तौर पर दो साल के कार्यकाल के लिए ईडी का डायरेक्टर नियुक्त कर दिया गया है।

तो पीएम मोदी ने लाल किले की प्रचीर से भी साफ साफ मैसेज दिया है कि किसी भी भ्रष्टाचारी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।  ये बात तभी दोहराई गई जब ईडी का नया चीफ घोषित कर दिया गया। अब अलग अलग पार्टियों के तमाम नेताओं की नींद उड़ गई है। क्योंकि अभी तक केजरीवाल ही जेल में बंद हैं। लेकिन अब नंबर लगने वाला है राहुल गांधी का।  सोनिया गांधी मल्लिकार्जुन खड़गे का। तेजस्वी यादव का। विपक्ष के तमाम नेताओं का।  उन नेताओं का जिनपर घोटाले की जांच चल रही है।

 बात करें कांग्रेस नेताओं की तो। सोनिया गांधी से लेकर राहुल गांधी खड़गे पर 5 हजार करोड़ की नेशनल हेराल्ड की प्रोपर्टी को कब्जाने का आरोप है। हालांकि में खबर भी आई थी कि इस केस में जल्द ही सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पूछताछ भी होगी। क्योंकि राहुल गांधी 12 सालों से इस केस में बच रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का सहारा ले रहे हैं। अभिषेक मनु सिंघवी ही इनके केस की भी पैरोकारी कर रहे हैं इसी का नतीजा है कि कांग्रेस उन्हें तोहफा देने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ती। 

अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि उन्हें तेलंगाना से राज्यसभा भेजने की तैयारी चल रही है। खैर अब सिंघवी खड़े हो या। कोई और बड़ा वकील। जब सबूत ईडी के पेश होंगे।तो विपक्ष के घोटालेबाज नेता बच नहीं पाएंगे।  क्योंकि ईडी की कमान एक ऐसे अफसर के हाथ में गई है। जो सख्ती से एक्शन लेते हैं।  केजरीवाल की तकलीफ भी और ज्यादा बढ़ने वाली है। दूसरी तरफ हेमंत सोरेन फिर बुरे जाल में फंसने वाले हैं।  क्योंकि ईडी के जो चीफ बने है उन्होंने ही हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था। तो समस्या तो बढ़नी ही है।

 बता दें की ईडी के इंचार्ज डायरेक्टर  पर नियुक्त होने से पहले राहुल नवीन, संजय मिश्रा के साथ मिलकर काम कर रहे थे।  उनके साथ काम करके उन्होंने एजेसी के संचालव का अनुभव हासिल किया था। और इसलिए अब उन्हें इस पद की अहम जिम्मेदारी दी गई है। ईडी के निदेशक की नियुक्ति प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति करती है। उसी समिति ने राहुल नवीन की नियुक्ति की है। राहुल नवीन पहले इस पद पर कार्यवाहक के तौर पर काम कर चुके हैं। ऐसे में उनके लिए यह नियुक्ति एक प्रमोशन की तरह मानी जा रही है।  बता दें की राहुल नवीन 1993 बैच के अधिकारी है वो एजेंसी के अंदर बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड के लिए जाने जाते हैं उनके अब तक के कार्यकाल के दौरान ही ईडी ने कई बड़े मामलों का खुलासा किया था जिसके चलते उन्हें प्रमोशन दिया गया है।

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