Kadak Baat : नतीजों के बाद Supreme Court ने लगा दी Kejriwal सरकार को फटकार, सिंघवी के भी उड़ गए होश

Kadak Baat : दिल्ली में पानी संकट पर सुप्रीम कोर्ट से केजरीवाल सरकार को फटकार पड़ी है। कोर्ट ने याचिका में खामियां दूर करने के लिए कहा था लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया।

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11 Jun 2024
( Updated: 05 Dec 2025
09:53 PM )
Kadak Baat : नतीजों के बाद Supreme Court  ने लगा दी Kejriwal  सरकार को फटकार, सिंघवी के भी उड़ गए होश
Arvind Kejriwal : दिल्ली की सातों सीटों पर मिली हार के सदमें से Kejriwal  उभर नहीं पा रहे थे। कि इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने सीएम साहब की कुर्सी हिलाकर रख दी है। केजरीवाल सरकार की हरकतों और झूठ पर सुप्रीम कोर्ट के जज इस कदर भड़के ।कि आम आदमी पार्टी के वकील सिंघवी भी हैरान रह गए ।दरसअल दिल्ली वाले पानी की किल्लत से दिन रात जूझ रहे हैं। लेकिन दिल्ली सरकार लोगों की समस्या का कोई हल नहीं निकाल पा रही है। और तो और आतिशी से लेकर सौरभ भारद्वाज और आम आदमी पार्टी के तमाम नेता दिल्ली में पानी की किल्लत को लेकर बवाल काटते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में सही सबूत और तथ्य पेश करना भूल गए। पानी की किल्लत पर सबूतों में वो कमिया दूर करना भूल गए। 

जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पहली सुनवाई में आदेश दिया था। दोबारा पानी कि किल्लत पर हरियाणा के खिलाफ रोना रोना शुरू कर दिया। बस सेम चीजे सुनकर । वही कमियों वाली फाइलें देखकर जज साहब बुरी तरह आम आदमी पार्टी की सरकार पर भड़क उठे। और याचिका खारिज करने की चेतावनी दे डाली। कोर्ट से  छुटते ही कहा की कोर्ट को हल्के में न लें। कितनी भी जरूरी याचिका क्यों ना हो खारिज करने में वक्त नहीं लगेगा। क्या कुछ हुआ कोर्ट में चलिए विस्तार से बताते हैं। दरअसल


सुप्रीम कोर्ट ने AAP को पानी कि किल्लत के लिए लगाई याचिका में दोष दूर करने का निर्देश दिया था ।
कोर्ट को पता चला कि रजिस्ट्री द्वारा याचिका में बताए गए दोषों को दिल्ली सरकार की ओर से दूर नहीं किया गया है। 
याचिका में दोष होने के कारण न तो मामले में स्थिति रिपोर्ट दाखिल हो पाई और न ही अन्य पक्षों के हलफनामे दाखिल हुए।
लेकिन आम आदमी पार्टी ने कमियों को दूर नहीं किया. जिसको देखकर SC भड़क गया ।
कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई 12 जून तक के लिए टाल दी है।
दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर गंभीर जल संकट का मुद्दा उठाया है।
दिल्ली सरकार ने याचिका में हिमाचल से और हरियाणा से अतिरिक्त जल दिलाए जाने की मांग की है।



सुप्रीम कोर्ट के जज इसलिए भी दिल्ली सरकार पर और ज्यादा भड़के। क्योंकि कोर्ट में हरियाणा सरकार की ओर से हलफनामा दिया गया। जिसपर कोर्ट ने सवाल किया। तो हरियाणा सरकार की ओर से बताया गया कि याचिका के दोष दूर नहीं किये गए हैं इसलिए रजिस्ट्री ने हलफनामा स्वीकार नहीं किया। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए दिल्ली सरकार से कहा कि पिछले सप्ताह ही दोषों की ओर इशारा किया गया था और अभी तक आपने उन्हें दूर नहीं किया। कोर्ट से छूटते ही याचिका खारिज करने की ओर इशारा दे दिया। हालांकि पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार को निर्देश दिया था।  कि वो 137 क्यूसेक अतिरिक्त जल दिल्ली के लिए छोड़ेंगी और हरियाणा उसे दिल्ली तक पहुंचाने में मदद करेगा। बावजूद उसके भी दिल्ली सरकार माहौल बनाने में जुटी है।


सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल को 7 जून से अतिरिक्त पानी छोड़ने का निर्देश दिया था।
अपर यमुना रिवर बोर्ड से आदेश का अनुपालन कर 10 जून को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा था ।



10 जून को सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में पानी की किल्लत पर बड़ा फैसला सुना सकता है। साथ ही आम आदमी पार्टी सरकार की कमियों पर एक्शन ले सकता है। क्योंकि केजरीवाल सरकार अपनी तरफ से दिल्ली में पानी किल्लत की असली वजहों को दूर नहीं कर रही है।और सारा ठीकरा हरियाणा पर फोड़ दिया है।आए दिन आतिशी प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर बैठ जाती है। और पानी की किल्लत के लिए भी बीजेपी पर ही सवाल उठाती है। भीषण गर्मी के बीच पानी कि किल्लत से दिल्ली से लोग त्राहिमाम त्राहिमाम कर रहे हैं। बच्चे बूढ़े पानी के टैंकरों के पीछे भाग रहे हैं। पानी की किल्लत की राजधानी की आ रही तस्वीरों ने सबको चौंकाकर रख दिया है। यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले पर गंभीर एक्शन ले रहा है।

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