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सीएम बनते ही Atishi का पहला धमाकेदार बयान, बोलीं- ना पहनाएगा कोई माला, ना मनाएगा जश्न!
दिल्ली की मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद आतिशी ने पहला बयान दिया है और कहा कि कोई मुझे बधाई ना दे और ना ही कोई माला पहनाए।मैं इस सरकार के कार्यकाल के पूरा होने तक ही मुख्यमंत्री रहूंगी। आतिशी के बयान पर स्वाति मालीवाल ने तंज कसा है।
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एक तरफ आप के मचे सियासी घमासान के बीच बीजेपी ने खेल शुरू कर दिया है। तो दूसरी तरफ़ सत्ता के लालच में केजरीवाल के सारे सपने चूर चूर हो गए। ना सीएम की कुर्सी बची। ना घर गाड़ी बंगले। क्योंकि अब दिल्ली की मुख्यमंत्री बनी हैं आतिशी। मुख्यमंत्री बनने का ऐलान होते ही Atishi ने पहला ऐसा बयान दिया है। पार्टी के साथ साथ केजरीवाल के घर में भी कोहराम मच गया है। आतिशी ने कहा कि "कोई मुझे बधाई ना दे और ना ही कोई माला पहनाए।मैं इस सरकार के कार्यकाल के पूरा होने तक ही मुख्यमंत्री रहूंगी। नए चुनाव के बाद यदि पार्टी के पक्ष में जनादेश आता है तो केजरीवाल ही मुख्यमंत्री होंगे" ।
यानी की आतिशी ने ये माहौल बनाने की कोशिश की है कि उन्हें बेशक मुख्यमंत्री बनाया गया है लेकिन केजरीवाल के इस्तीफ़ा देने से पूरी पार्टी दुखी है। और वो नहीं चाहती ही कोई उन्हें माला पहनाए कोई उनका ज़ोरों शोरों से स्वागत करे। खैर पार्टी में सीएम पद को लेकर अंदरखाने उथापटक मची हुई है। क्योंकि कुर्सी के दावेदार कई लोग बताए जा रहे थे। लेकिन आखिरी दांव आतिशी पर खेला गया। जिसकी वजह भी निकलकर सामने आ गई है। सौरभ भारद्वाज ने खुलासा कर दिया है कि आख़िर क्यों आतिशी को मुख्यमंत्री बनाया गया है। दरअसल बयान देते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि । "सीएम भले ही कोई बने, कुर्सी केजरीवाल की है"
बस सौरभ भारद्वाज के इसी बयान को तुरंत बीजेपी ने लपक लिया। और तंज कसते हुए वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि आतिशी बेशक मुख्यमंत्री बन गई। लेकिन आम आदमी पार्टी के भ्रष्टाचार को कोई छुपा नहीं सकता ।
खैर आतिशी का दांव भी आम आदमी पार्टी पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। क्योंकि सिर्फ़ बीजेपी ही नहीं आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल ने भी आतिशी पर तंज कसा और कहा कि आतिशी के नाम का ऐलान दिल्ली के लिए दुखद दिन है। आतिशाी के माता पिता ने संसद हमले के दोषी अफ़ज़ल गुरू को फांसी से बचाने के लिए राष्ट्रपति को पत्र लिखा था। तो ऐसी महिला को मुख्यमंत्री बनाया जाना दुखद है।
स्वाति मालीवाल के आरोपों पर आम आदमी पार्टी बुरी तरह भड़क उठी। उलटा स्वाति से ही इस्तीफ़े की मांग कर डाली है। लेकिन अब आम आदमी पार्टी कितना भी भ्रष्टाचार के सवाल पर चीखे चिल्लाए। दिल्ली में केजरीवाल का खेल बिगड़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
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