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केजरीवाल के इस्तीफ़ा देते ही कांग्रेस ने कर दिया बड़ा खेल, भयंकर खुलासे से AAP में मचा बवाल!

केजरीवाल के इस्तीफ़े के साथ अब दिल्ली को नया मुख्यमंत्री मिल गया है आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के लिए आतिशी के नाम का ऐलान किया है। इसी के साथ अब कांग्रेस ने केजरीवाल को आईना दिखाते हुए मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस का कहना है कि केजरीवाल को मर्यादा और नैतिकता के आधार पर जेल में ही इस्तीफ़ा देना चाहिए था।

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Kejriwal की कुर्सी जाते ही दिल्ली में कांग्रेस ने खेल शुरू कर दिया है। वो कांग्रेस जो अभी तक आम आदमी पार्टी की मसीहा बन रही थी। उसने मौक़ा मिलते ही चौका मारने का काम किया। जिससे केजरीवाल भी सदमे में चले गए हैं। क्योंकि एक तरफ़ कुर्सी आतिशी को सौंपनी पड़ी है। तो दूसरी तरफ़ छूटते ही कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी को औक़ात दिखाने का काम कर दिया है।  दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने ने आम आदमी पार्टी ने ज़ख़्मों पर नमक छिड़कते हुए कहा कि

"अगर मर्यादा और नैतिकता को आधार बनाकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देना था तब शराब घोटाले में जेल जाने पर इस्तीफ़ा क्यों नहीं दिया। मुख्यमंत्री के इस्तीफ़े के फ़ैसले के बाद दिल्ली की जनता राहत महसूस कर रही है क्योंकि जिसे जनता ने ईमानदार समझकर सत्ता सौंपी थी वो पार्टी भ्रष्टाचारी निकली। अब मुख्यमंत्री के इस्तीफ़े के निर्णय के बाद जनता कह रही है कि दिल्ली को भ्रष्टाचार  से मुक्ति मिलेगी "। 

ये वही कांग्रेस है जो लोकसभा चुनाव में शराब घोटाले में केजरीवाल के साथ खड़ी थी। सोनिया गांधी से लेकर राहुल गांधी तक केजरीवाल के समर्थन में हो रही रैलियों में शामिल हो रहे हैं। मोदी सरकार को कोस रहे थे। लेकिन जब लोकसभा चुनाव में दिल्ली में एक भी सीट हाथ नहीं लगी। कांग्रेस ने तुरंत आंख दिखाते हुए केजरीवाल को आईना दिखा दिया। घोटाले पर कोसना शुरू कर दिया है। कांग्रेसी के प्रदेश अध्यक्ष चिल्ला चिल्लाकर अब केजरीवाल को भ्रष्टाचारी बता रहे हैं। केजरीवाल के इस्तीफ़े पर ख़ुशी दिखा रहे हैं। क्योंकि अब कांग्रेस को उम्मीद है कि दिल्ली के चुनाव में उसके लिए रास्ता खुलेगा। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस केजरीवाल को घेर पाएगी। क्योंकि खुले शब्दों में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि "अगर उन्हें पद का लालच नहीं था तो शराब घोटाले में नाम आने के तुरंत बाद या जेल जाने पर ही इस्तीफ़ा क्यों नहीं दिया गया "।

केजरीवाल ने बेशक सीएम पद छोड़कर आतिशी को मुख्यमंत्री बना दिया है। लेकिन उनकी आगे की राह मुश्किल  हो गई है। क्योंकि कांग्रेस ने मोर्चा संभाल लिया है।केजरीवाल की विधानसभा चुनाव की रणनीति को पहले ही तबाह कर दिया है। क्योंकि अब कांग्रेस ने साफ़ कर दिया है कि केजरीवाल उनके आगे कितना भी गिड़गिड़ाए। गठबंधन के लिए माहौल बनाए, लेकिन अब कांग्रेस एक्ला चलों की नीति पर काम करेगी। हरियाणा में कांग्रेस पहले ही आम आदमी पार्टी को खदेड़ चुकी है। अब बचा कुचा दिल्ली में कांग्रेस को आईना दिखा दिया है।

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