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Kadak Baat: Supreme Court में फिर फंस गए Arvind Kejriwal, जमानत देने से पहले उठ गई बेंच

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई हुई लेकिन सीएम को राहत नहीं मिली है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अभी कोई फैसला नहीं सुनाया है।

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शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट में अरविन्द केजरीवाल की सांसे अटकी हुई हैं।  राहत मिलेगी।  या आफत बढ़ेगी सस्पेंस बना हुआ है।  क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बीच में ही बेंच उठ गई है जिससे केजरीवाल के वकीलों का भी सिर चकरा गया है।  केजरीवाल और उनके वकीलों को उम्मीद थी कि आज उन्हें अंतरिम जमानत मिल जाएगी।  लेकिन जब ईडी ने सबूत दिखाए।  केजरीवाल के विरोध में बयान पेश किए।  तो सीएम साहब की सारी उम्मीदें टूट गई।  क्योंकि जजों की बेंच सुनवाई के बाद बिना फैसला सुनाए तुरंत उठ गई।  अब खबर है कि केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर 9 मई को दोबारा सुनवाई हो सकती है।  लेकिन हालात नजर नहीं आ रहे हैं।  कि उन्हें राहत मिलेगी।  खैर एक तरफ केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट में फंसे हैं तो दूसरी तरफ राउज एवेन्यू कोर्ट केजरीवाल औऱ सिसोदिया के होश उड़ा देने वाला फैसला सुना दिया है।  जिससे सीएम साहब की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

  • SC में सुनवाई के बीच राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल की न्यायिक हिरासत बढ़ाई
  • निचली अदालत ने केजरीवाल की 13 दिन और न्यायिक हिरासत बढ़ाई है
  • केजरीवाल को अब 20 मई तक जेल में ही रहना होगा
  • राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत फिर से बढ़ा दी है
  • CBI केस में सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 15 मई तक के लिए बढ़ा दी है
 चारों तरफ से अब केजरीवाल पर आफत आ पड़ी है।  ना उपरी अदालत से राहत मिल रही है और ना ही निचली अदालत से।  खैर सुप्रीम कोर्ट में ED की दलील देने के बाद कैसे केजरीवाल फंस गए चलिए बताते हैं। 

जमानत के विरोध में ED ने क्या दलील दी?


  • कोर्ट का नजरिया क्या है? आपको राजनेताओं के लिए अलग कैटेगरी नहीं बनानी चाहिए।
  • क्देश में इस वक्त 5 हजार केस हैं जिनमें सांसद शामिल हैं।क्या इन सभी को जमानत पर रिहा कर दिया जाना चाहिए?
  • अगर कोई किसान जिसका बुवाई का सीजन चल रहा है,क्या वो किसी सांसद से कम महत्वपूर्ण है?
  • जमानत पर रिहाई दी तो यह संदेश जाएगा कि केजरीवाल ने कुछ नहीं कियाा था, लेकिन उन्हें चुनाव से पहले गिरफ्तार कर लिया गया।
  • अगर उन्होंने सहयोग किया होता और 9 समन नजरंदाज ना किए होते तो शायद गिरफ्तारी ना होती।
ED ने साफ साफ कोर्ट में कहा कि केजरीवाल को छोड़ना केस को प्रभावित कर सकता है।  क्योंकि उनके खिलाफ शराब घोटाले में पुख्ता सबूत हैं।  ऐसे में केजरीवाल के वकील ने फिर से वही बाते दोहराई।  कहा केजरीवाल कोई आतंकी नहीं है।  क्यों उन्हें चुनाव के दौरान जल्दबाजी में गिरफ्तार किया गया।  ऐसे में केजरीवाल के वकीलों ने शर्तें भी रख दी कि अगर कोर्ट केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे देता है तो हम किसी फाइल पर साइन नहीं करेंगे। शर्त है कि LG किसी भी काम को इस आधार पर ना रोकें कि फाइल पर साइन नहीं है। ऐसा कुछ नहीं बोलूंगा, जो नुकसान पहुंचाने वाला हो।

कोर्ट में इतना गिड़गिड़ाने के बाद भी केजरीवाल को राहत नहीं मिली है।  मामले पर सुनवाई टाल दी गई है।  अब 9 मई को फिर से सुनवाई होगी ईडी फिर से केजरीवाल की जमानत का विरोध करेगी। और सुनवाई सेलग रहा है कि केजरीवाल फंसते नजर आ रहे हैं और फंसने का रीजन यही है कि क्यों केजरीवाल ने ED ने 9 समन को इग्नौर किया।  जब बेगुनाह थे तो क्यों ईडी के सवालों के भागते रहे।  अब इसी कड़ी में केजरीवाल चारों तरफ से फंसते नजर आ रहे हैं।  आखिरी उम्मीद को भी सुप्रीम कोर्ट नेतोड़ दिया है।  
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