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केजरीवाल के खिलाफ मिले 3 ऐसे सबूत, जिसने पूरी AAP को फंसा दिया

ED की चार्जशीट में ईडी ने केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल को 37वें नंबर का आरोपी बनाया गया है।

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Kejriwal : Kejriwalका अब जेल से बाहर आना बहुत मुश्किल है। क्योंकि सीएम साहब की वो चोरी पकड़ी गई है। जिससे आम आदमी पार्टी तबाह हो सकती है। दरअसल ईडी ने कोर्ट में वो फाइल रख दी है। जिसने ना सिर्फ आम आदमी पार्टी बल्कि पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है।  केजरीवाल के बैंक नोट, उनके सीरियल नंबर और व्हाट्सएप चैट जज साहब को दिखा दिए हैं। जिससे बड़े बड़े नेता फंस रहे हैं।  दरअसल ये सबूत ईडी ने अपनी चार्जशीट में दिखाए है।  ED ने हवाला के जरिए पैसे ट्रांसफर होने पर चरणप्रीत को आरोपी बताया है।  केजरीवाल और अपराध की आय को हैंडल करने वाले विनोद चौहान के बीच हुए डायरेक्ट मैसेज को सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किया है तो चलिए ईडी की चार्जशीट क्या क्या खुलासा कर रही है। शुरूआत से पूरा बताते हैं।दरअसल  ।



ED की चार्जशीट में खुलासा 

शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी भी शामिल है।
चार्जशीट में AAP को आरोपी नंबर 38 बताया गया है और केजरीवाल 37वें नंबर के आरोपी हैं।
चार्जशीट के मुताबिक अरविंद केजरीवाल किंगपिन हैं और साजिशकर्ता हैं।
गोवा इलेक्शन रिश्वत के पैसे के इस्तेमाल की उन्हें जानकारी थी और वो भी इसमें शामिल थे ।
शराब नीति के जरिए कुल 100 करोड़ की रिश्वत ली गई।
इसमें से गोवा विधानसभा चुनाव के लिए AAP को 45 करोड़ दिए गए थे।
अपराध की आय से हासिल रकम में AAP 45 करोड़ की लाभार्थी रही है।
हवाला के जरिए 45 करोड़ रुपये गोवा ट्रांसफर किए गए ।
AAP ने अपराध की आय के 45 करोड़ इस्तेमाल किए और उसे छुपाने की गतिविधियों में शामिल रही।

यानी की 45 करोड़ का खेल आम पार्टी के लिए काल बनने वाला है। क्योंकि अगर आरोप सिद्ध हो जाते हैं। तो आम आदमी पार्टी इतिहास बनने में वक्त नहीं लगाएगी। खैर आगे ईडी ने चार्जशीट आगे क्या बोल रही है। इसका खुलासा भी करते हैं।  दरअसल चार्जशीट में ईडी ने प्रोसीड ऑफ क्राइम का भी जिक्र किया है।


 ED की चार्जशीट में खुलासा 


आरोपी विनोद चौहान के मोबाइल से हवाला नोट नंबर के काफी स्क्रीन शॉट बरामद हुए हैं।
ये नोट नंबर आयकर विभाग ने भी पहले बरामद किए थे।
ये स्क्रीनशॉट दर्शाते हैं कि कैसे विनोद चौहान प्रोसीड ऑफ क्राइम यानी अपराध से अर्जित आय को दिल्ली से गोवा हवाला के जरिए ट्रांसफर कर रहा था।
हवाला से गोवा पहुंचे पैसे को वहां मौजूद चरणप्रीत सिंह मैनेज कर रहा था।
गोवा भेजे गए पैसों को लेकर विनोद चौहान और अभिषेक के बीच जो बातचीत हुई उसके सबूत ED के पास हैं।
ये मनी ट्रेल सीधे तौर पर साबित करता है कि कैसे साउथ ग्रुप से बतौर रिश्वत अपराध से अर्जित पैसा AAP ने गोवा इलेक्शन में इस्तेमाल किया था।
हवाला मनी ट्रांसफर से जुड़े विनोद चौहान और अभिषेक के बीच व्हाट्सएप चैट भी मौजूद हैं।
ईडी ने हवाला टोकन मनी का स्क्रीनशॉट भी मुहैया कराया है।
चरणप्रीत के बैंक खाते का विवरण खंगाला गया है उसे AAP से सीधे 1 लाख रुपये से ज्यादा हासिल हुए थे।
चरणप्रीत सिंह चैरियट प्रोडक्शंस मीडिया का कर्मचारी था और 2020 से फ्रीलांस के तौर पर AAP के गोवा चुनावी अभियान का हिस्सा बना था



चार्जशीट में हर एक कड़ी को बारिकी से खोला गया है। और बताया गया है कि कैसे घोटाले की शुरुआत हुई।  कैसे एंड तक पहुंचा। और किन किन लोगों ने घोटाले की रकम को हजम किया। चार्जशीट में ईडी ने केजरीवाल को घोटाले का किंगपिन बताया है। खुलासा किया है कि केजरीवाल और सी अरविंद जो की मनीष सिसोदिया का सचिव थे। दोनों के बयान से साबित हुआ था कि केजरीवाल ने जांच को गुमराह करने की कोशिश की है। इस मामले में बड़ी संख्या में सबूत भी नष्ट किए गए हैं। जो कि बड़ी साजिश के संकेत देते हैं।  चार्जशीट में साफ साफ खुलासा हो रहा है कि केजरीवाल हवाला कारोबारियों से बातचीत करते थे। क्योंकि केजरीवाल और विनोद चौहान के बीच बातचीत के डायरेक्ट मैसेज के सबूत मिले हैं।  और ये सबूत ईडी ने कोर्ट को दिखा दिए हैं।  कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए केजरीवाल को तलब कर लिया है। क्योंकि सबूतों को देखकर कोर्ट भी हैरान है। अब कोर्ट का अगला एक्शन आम आदमी पार्टी की तबाही लेकर आ सकता है। 
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