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अखिलेश ने बीजेपी अध्यक्ष पर ली चुटकी तो शाह ने दिया मजेदार जवाब, सांसदों ने खूब लगाए ठहाके
लोकसभा में बुधवार को सरकार ने वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया गया। इस दौरान विधेयक पर चर्चा के दौरान हंसी-मजाक का माहौल भी दिखा
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लोकसभा में बुधवार को सरकार ने वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया गया। इस दौरान विधेयक पर चर्चा के दौरान हंसी-मजाक का माहौल भी दिखा।वहीं, अखिलेश यादव के तंज पर अमित शाह ने पलटवार करते हुए 25 साल की 'गारंटी' की याद भी दिलाई।
बीजेपी अध्यक्ष पर उठाए सपा प्रमुख ने सवाल
दरअसल, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि ये जो बिल लाया जा रहा है, भाजपा के अंदर एक मुकाबला चल रहा है। खराब हिंदू कौन बड़ा है, जो पार्टी खुद को कहती है कि वो दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, वो अभी तक अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव नहीं कर सकी है। ये भाजपा क्या है। इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उसी अंदाज में सपा सांसद अखिलेश यादव को जवाब दिया।
शाह ने दिया जवाब
गृहमंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव ने हंसते-हंसते अपनी बात रखी और मैं भी हंसते हुए जवाब देना चाहूंगा। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि मेरे सामने जितनी भी पार्टियां हैं, उनमें परिवार के पांच लोगों को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनना है। हमें 12-13 करोड़ सदस्यों में से प्रक्रिया के बाद चुनना है। इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष के लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव में थोड़ा समय लग रहा है, आपकी पार्टी में अध्यक्ष के चुनाव में बिल्कुल भी समय नहीं लगेगा। लेकिन, मैं ये बात गारंटी से कह सकता हूं कि आप 25 साल अध्यक्ष बने रहेंगे। अमित शाह की टिप्पणी पर अखिलेश यादव भी मुस्कुराते हुए नजर आए। अखिलेश यादव ने कहा कि अध्यक्ष जी जो बात सामने से निकलकर आई है, मैं उसको आगे बढ़ा देता हूं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जो बात गुपचुप हो रही है, कहीं ऐसा तो नहीं था कि कुछ दिन पहले जो यात्रा हुई है, वो कहीं 75 वर्ष की एक्सटेंशन वाली यात्रा तो नहीं थी।
वहीं, सोशल मीडिया पर अमित शाह और अखिलेश यादव का वीडियो वायरल हो रहा है। इस पर सोशल मीडिया यूजर्स अलग-अलग कमेंट कर रहे हैं।वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने महाकुंभ को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में आस्था सबकी है, लेकिन कुंभ कोई पहली बार नहीं हो रहा था, ये भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने ऐसा प्रचार किया कि 144 वर्षों के बाद पहली बार महाकुंभ होने जा रहा है। धर्म की चीजों से कारोबार नहीं हो सकता। कुंभ हमारा क्या कारोबार की चीज है?
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