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'हमारा सिर्फ एक पड़ोसी गड़बड़ है, छेड़े तो छोड़ेंगे नहीं...', पहलगाम हमले की बरसी पर राजनाथ सिंह ने दी पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बर्लिन में पाकिस्तान पर सख्त बयान देते हुए कहा कि भारत सभी पड़ोसियों से अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन किसी भी छेड़खानी का करारा जवाब देगा. पहलगाम हमले की बरसी पर उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए सेना की बढ़ती ताकत पर जोर दिया.
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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के आज से ठीक एक साल पहले पाकिस्तान से आए आतंकियों ने कायराना हरकत करते हुए बैसरन घाटी पर घूमने गए पर्यटकों पर जानलेवा हमला किया. इसमें 26 लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी. ऐसे में अब एक साल बाद भी भारत लगातार आतंक के खिलाफ सख्त रूख अख़्तियार किए हुए है. और आंतक के खिलाफ अपनी लड़ाई को जारी रखने की बात कही है.
जर्मनी की धरती से भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को लेकर एक स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया है. बर्लिन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे सभी पड़ोसी ठीक हैं, सिर्फ एक गड़बड़ है.यह इशारा साफ तौर पर पाकिस्तान की ओर था, जिसने एक बार फिर दोनों देशों के रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र
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पहलगाम हमले की पहली बरसी के मौके पर सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इस ऑपरेशन ने भारत की सैन्य ताकत को नई पहचान दी है. उन्होंने कहा कि भारत ने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया, लेकिन अगर कोई देश भारत के साथ छेड़खानी करने की कोशिश करेगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. उनका यह बयान भारत की बदलती रणनीति और सख्त रुख को बताता है.
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भारतीय प्रवासियों की भूमिका
बर्लिन में अपने पहले दौरे के दौरान राजनाथ सिंह ने भारतीय प्रवासियों की भूमिका को भी सराहा. उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय, भारत और जर्मनी के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहे हैं. 'आपकी साख बढ़ेगी तो भारत की साख भी बढ़ेगी,' यह कहते हुए उन्होंने प्रवासी भारतीयों को देश का प्रतिनिधि बताया.
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अब पहले वाला भारत नहीं
रक्षामंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अब तेजी से बदल रहा है. उन्होंने कहा कि 'भारत अब पहले वाला भारत नहीं रहा.' आज दुनिया में भारत की साख लगातार बढ़ रही है और देश लोकतंत्र के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनेगा. साथ ही महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ रही है. जर्मनी की प्रतिष्ठा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर जर्मनी की अपनी अलग पहचान और विश्वसनीयता है. इसमें वहां के नागरिकों के साथ-साथ भारतीय समुदाय का भी महत्वपूर्ण योगदान है.
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बताते चलें कि यह दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है. राजनाथ सिंह तीन दिवसीय यात्रा पर जर्मनी पहुंचे हैं, जहां वे अपने समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस के साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा कर रहे हैं. सात साल बाद किसी भारतीय रक्षा मंत्री का यह दौरा हो रहा है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में नई मजबूती आने की उम्मीद है. जर्मनी से दिया गया यह संदेश साफ है कि भारत अब न केवल आर्थिक बल्कि सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर भी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो चुका है.