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कानपुर में वक्फ ने 548 जमीनों पर किया अवैध कब्जा, योगी ने कहा 1-1 इंच जमीन वापस लेंगे !
कानपुर में 3 महीने हुए सर्वे में कुल 1670 संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। सर्वे में सामने आया है कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में 548 सरकारी हैं
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उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ को लेकर एक मोटी लकीर खींच दी है। योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वक्फ बोर्ड किसी भू-माफिया की तरह काम कर रहा है। और उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड ने जितनी भी जमीनों पर अवैध कब्जा किया है। उसका एक एक इंच जमीन वापस लिया जाएगा। तो एक तरफ तो मोदी सरकार है जिसने वक्फ को जेपीसी में भेज दिया और दूसरी तरफ योगी ने खुले तौर पर वक्फ को चुनौती दे डाली। और चुनौती ही नहीं बल्कि काम भी शुरु कर दिया है। कानपुर में वक्फ की जमीनों का सर्वे करवा दिया गया है। कुंभ की जमीन पर वक्फ का दावा ठोकने वालों को योगी सीधी चेतावनी दे चुके है कि अगर कुंभ की जमीन को अपना बताया तो डेंटिंग-पेंटिंग का सामना करना पड़ सकता है। योगी जो भी बोलते है उसका कुछ आधार जरुर होता है, इसलिए वो अपनी बात पर अटल रहते है। और यही योगी की सबसे बड़ी ताकत भी है कि जो कहा है वो करके दिखाएंगे। बिना किसी किंतु-परंतु के। अब यहां कानपुर को आप उदाहरण के तौर पर देख सकते है। कानपुर में वक्फ की कुल 1670 संपत्तियां है।
उनका जब सर्वे करवाया गया तो पता चला कि 548 सरकारी जमीनों पर कब्जा कर वक्फ की भूमि बता दिया गया। जिला प्रशासन ने सभी संपत्तियों की सर्वे रिपोर्ट शासन को भेज दी हैं। अब ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी रिपोर्ट का अध्ययन कर आगे की कार्रवाई करेगी। और आगे की कार्यवाही का मतलब है कि ये जमीनें खाली करवाई जाएगी। और इन पर बुलडोजर भी चलाया जाएगा। अगर अवैध निर्माण किया गया होगा। क्योंकि सर्वे में पता चला है कि इन सरकारी संपत्तियों पर मस्जिद और कब्रिस्तान बना दिए गए है। अच्छा ये धार्मिक निर्माण इसलिए किए जाते है जिससे लोगों को भड़काया जा सके कि मस्जिद ढहाई जा रही है। अब दो बातें और समझ लिजिए। कि योगी ने वक्फ को भू माफिया का बोर्ड क्यों कहा और वक्फ में होने वाले संशोधन से मुसलमानों में बौखलाहट क्यों है।
अब जब एक लाख बारह हजार के पास कागड नहीं है तो औवेसी जरा यें बता दे कि ये जमीनें वक्फ की हुई कैसे। क्या इन जमीनों पर अवैध तरीके से कब्जा नहीं किया गया है। अगर वक्फ कि गई है तो कागज तो दिकाने पड़ेगे। ये बात योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दी है।और अगर योगी आदित्यनाथ की बात पर यकीन नहीं है तो मुस्लिम धर्मगुरु को सुन लीजिए।
अब यहां इस बात पर भी गौर कर लिजिए कि यूपी में वक्फ की सबसे ज्यादा जमीने सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास है और इसके अध्यक्ष जुफर फारुखी पिछले बीस साल से इस पद पर जमें हुए है। सरकारें बदली लेकिन जुफर फारुखी का रुतबा कर नहीं हुआ। और इन आरोप है कि इन्होंने वक्फ की जमीनों का घालमेल कर विदेशों में अपनी संपत्तिया बनाई है। दफ्तर भी ये छुप-छुपाकर जाते है। लेकिन आने वाले वक्त में कोई भी किसी की भी जमीन पर कब्जा नहीं कर पाएगा।
तो अब अगर कोई भी जबरदस्ती किसी भी जमीन पर वक्फ के नाम पर कब्जा करेगा उसकी डेंटिंग-पेंटिंग की जाएगी, और जो वक्फ के नाम पर कैंसर जैसी बीमारी हो गई है उसकी भी सर्जरी योगी आदित्यनाथ के द्वारा की जाएगी।
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