नारेबाजी, सड़कें जाम, आगजनी… होली पर हिंदू युवक की हत्या के बाद छावनी बना उत्तम नगर, रंगों से नफरत ने ली जान!
उत्तम नगर में होली वाले दिन हुए तरुण हत्याकांड से इलाके में तनाव का माहौल है. लोगों ने सड़कें जाम कर आगजनी की. एक बच्ची के गुब्बारा फेंकने का विवाद सामुदायिक तनाव में बदल गया.
दिल्ली का उत्तम नगर इलाका छावनी में तब्दील है. यहां होली वाले दिन हुए खून-खराबे के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. एक बच्ची के गुब्बारा फेंकने की बात से सांप्रदायिक विवाद खड़ा हो गया. जिसकी कीमत 26 साल के तरुण को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी.
4 मार्च को होली खेलने के बाद दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में भारी तनाव हो गया. एक बच्ची ने रंग और पानी से भरा गुब्बारा अपने रिश्तेदारों पर फेंका जिसके छींटे मुस्लिम समुदाय की महिला को जा लगे, लेकिन ये छींटे बच्ची के परिवार के लिए खून के छींटे बन गए. जिस महिला को गुब्बारे के छींटे लगे थे उसने बवाल इस कदर काटा कि बच्ची के परिवार पर मुस्लिम समुदाय के लोग लाठी-डंडे लेकर चढ़ गए. लोगों ने परिवार के सदस्य तरुण को बेरहमी से पीटा जिससे उसकी मौत हो गई.
हिंदू संगठनों का विरोध, भारी फोर्स तैनात
तरुण की मौत के बाद लोगों में भारी रोष है. इस बीच बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों ने भी जमकर बवाल काटा. तरुण के परिवार ने सड़क जाम कर आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की. बताया जा रहा है लोगों ने एक कार और बाइक को भी आग के हवाले कर दिया है. जिसके बाद हालात बिगड़ गए हैं. भारी प्रदर्शन के बाद पुलिस फोर्स तैनात की गई है.
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
इस मामले में FIR दर्ज कर चार आरोपियों के साथ एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है. इलाके के CCTV भी खंगाले जा रहे हैं. पुलिस इस घटना की जांच साजिश और सामुदायिक विवाद के एंगल से भी कर रही है.
झगड़े से बेखबर था तरण
दरअसल, 4 मार्च को एक 11 साल की बच्ची अपनी छत से नीचे खड़े परिवार के सदस्यों पर गुब्बार फेंक रही थी. जिसके छींटे वहां खड़ी एक मुस्लिम महिला को जा लगे. इसके बाद भड़की महिला ने जमकर बवाल काटा. महिला के परिवार और समुदाय के लोग भी वहां जमा हो गए और बच्ची के परिवार के साथ मारपीट शुरू कर दी. इस दौरान घर में तोड़-फोड़ भी की गई. इसके बाद जैसे-तैसे बच्ची के परिवार ने खुद को कमरे में बंद कर अपनी जान बचाई. उस दौरान परिवार का एक सदस्य तरुण घर से बाहर था, उसे झगड़े के बारे में कुछ नहीं पता था. वह शाम को जब घर आया तभी महिला पक्ष के लोगों ने उसकी बाइक को घेरा और जानलेवा हमला किया. करीब 8 से 10 लोगों ने तरुण के साथ मारपीट की. परिवार को पता चलते ही उसे अस्पताल ले जाया गया. जहां तरुण ने दम तोड़ दिया.
तरुण के परिवार का आरोप है कि तरुण को साजिश के तहत मारा गया है, क्योंकि विवाद पहले ही शांत हो चुका था. जबकि तरुण को इसके बारे में पता भी नहीं था. ये पूरा घटनाक्रम एक सोची समझी साजिश की ओर इशारा करता है.
तरुण के परिवार की मांग है कि आरोपियों के घर पर बुलडोजर चले और उन्हें कड़ी सजा दी जाए. गुस्साए परिजनों और हिंदू संगठनों ने गलियों और सड़कों को जाम कर लिया है. बड़ी संख्या में लोगों ने जमा होकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. वहीं, आगजनी के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची और आग पर काबू पाया. फिलहाल हालातों की गंभीरता को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
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