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उत्तराखंड: आंदोलनकारी और उनके आश्रितों की बढ़ेगी पेंशन, सीएम धामी ने की 7 बड़ी घोषणाएं

सीएम पुष्कर धामी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "हमारे राज्य के आंदोलनकारियों और शहीदों ने राज्य निर्माण में बहुत बड़ा योगदान दिया है. हमने पहले भी मानदेय पेंशन में वृद्धि की है और इस बार भी इसे बढ़ाया है. हमने अपने राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों के लिए भी राशि बढ़ाई है. हमने घायलों के लिए मानदेय पेंशन 20,000 से बढ़ाकर 30,000 रुपए करने का निर्णय लिया है, साथ ही एक चिकित्सा सहायक भी दिया जाएगा."

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून स्थित शहीद स्मारक कचहरी परिसर में राज्य निर्माण में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी. इसके साथ ही उन्होंने आंदोलनकारी और उनके आश्रितों की पेंशन बढ़ाने की घोषणा की. 

पेंशन में वृद्धि और नई सुविधाओं की घोषणा

सीएम पुष्कर धामी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "हमारे राज्य के आंदोलनकारियों और शहीदों ने राज्य निर्माण में बहुत बड़ा योगदान दिया है. हमने पहले भी मानदेय पेंशन में वृद्धि की है और इस बार भी इसे बढ़ाया है. हमने अपने राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों के लिए भी राशि बढ़ाई है. हमने घायलों के लिए मानदेय पेंशन 20,000 से बढ़ाकर 30,000 रुपए करने का निर्णय लिया है, साथ ही एक चिकित्सा सहायक भी दिया जाएगा."

सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर देहरादून में आयोजित ‘राज्य आन्दोलनकारियों के सम्मान समारोह’ में राज्य निर्माण आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर बलिदानियों के परिजनों तथा आंदोलन में अपना बहुमूल्य योगदान देने वाले आंदोलनकारियों को सम्मानित किया. राज्य की देवतुल्य जनता से विनम्र निवेदन है कि राज्य स्थापना दिवस की संध्या पर घरों में शहीद राज्य आंदोलनकारियों की स्मृति में पांच दीपक अवश्य प्रज्वलित करें.''

मुख्यमंत्री धामी की प्रमुख घोषणाएं

एक अन्य एक्स पोस्ट में सीएम धामी ने लिखा, ''राज्य आंदोलन के दौरान शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन को बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति माह, जेल गए एवं घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन को बढ़ाकर 7,000 रुपए प्रति माह एवं घायल राज्य आंदोलनकारियों से भिन्न अन्य चिन्हित आंदोलनकारियों की पेंशन 5,500 रुपए प्रति माह की जाएगी. विकलांग होकर पूर्णतः शैयाग्रस्त हुए आंदोलनकारियों की पेंशन 30,000 रुपए प्रति माह निर्धारित की जाएगी तथा उनकी देखभाल हेतु अटेंडेंट की व्यवस्था भी की जाएगी. आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण से संबंधित 2021 तक जिलाधिकारी कार्यालयों में लंबित प्रकरणों का निस्तारण छह माह के भीतर किया जाएगा. साथ ही, राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी गेस्ट हाउसों में छूट भी प्रदान की जाएगी.''

मुख्यमंत्री ने ये निम्नलिखित घोषणाएं की:

शहीद राज्य आंदोलनकारियों के नाम पर उनके क्षेत्र की मुख्य अवस्थापना सुविधाओं का नामकरण किया जाएगा.

उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान 7 दिन जेल गए अथवा राज्य आंदोलन के दौरान घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 6 हजार रुपए से बढ़ाकर 7 हजार रुपए प्रतिमाह की जाएगी.

उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान जेल गए या घायल श्रेणी से भिन्न अन्य राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 4,500 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रतिमाह की जाएगी.

उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान विकलांग होकर पूर्णतः शय्याग्रस्त हुए राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 20,000 रुपए से बढ़ाकर 30,000 रुपए की जाएगी और उनकी देखभाल के लिए मेडिकल अटेंडेंट की व्यवस्था भी की जाएगी.

उत्तराखंड राज्य आन्दोलन के दौरान शहीद हुए राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन प्रतिमाह 3,000 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए की जाएगी.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अपील

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण हेतु वर्ष 2021 तक जिलाधिकारी कार्यालय में प्राप्त लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण हेतु छः माह का समय विस्तार प्रदान किया जायेगा.

समस्त शहीद स्मारकों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा.

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