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उत्तराखंड: सीएम धामी ने तुष्टिकरण की राजनीति को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना, भूस्खलन को लेकर एजेंसियों को अलर्ट रहने के दिए निर्देश
सीएम धामी ने मीटिंग की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "शासकीय आवास पर बैठक के दौरान सभी जिलाधिकारियों को भारी बारिश को देखते हुए अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए. अधिकारियों को निर्देश दिए कि नदियों के जलस्तर की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए और भूस्खलन एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को हरिद्वार दौरे पर रहे, जहां उन्होंने भूपतवाला स्थित ब्रह्मा निवास आश्रम में आयोजित 50वें निर्वाण दिवस समागम कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने भूस्खलन को लेकर की गई मीटिंग के बारे में बताया. इसके साथ ही उन्होंने तुष्टिकरण की राजनीति पर विपक्ष पर निशाना साधा.
सीएम धामी ने भूस्खलन पर सभी एजेंसियां अलर्ट रहने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, "आपदा प्रबंधन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है. सोमवार सुबह सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी निर्देश दिए गए हैं और सभी एजेंसियां समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं."
एनसीपी (एसपी) विधायक जितेंद्र आव्हाड के विवादित बयान को लेकर भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि माननीय न्यायालय ने इस पर स्पष्ट फैसला सुना दिया है और यह बात साफ हो गई है कि तत्कालीन सरकार ने तुष्टिकरण की राजनीति करते हुए समाज सेवा में लगे लोगों को फंसाने का काम किया था.
सीएम धामी ने विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि तुष्टिकरण हमेशा उनकी नीति रही है, लेकिन अब न्याय की जीत हुई है और सच्चाई सामने आ चुकी है.
सीएम धामी ने मीटिंग की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "शासकीय आवास पर बैठक के दौरान सभी जिलाधिकारियों को भारी बारिश को देखते हुए अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए. अधिकारियों को निर्देश दिए कि नदियों के जलस्तर की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए और भूस्खलन एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए. प्रदेश के समस्त जनपदों में स्थित जिला, सीएचसी व पीएचसी अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को तय समय पर सभी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों. अधिकारियों को स्कूलों के भी निरीक्षण के निर्देश दिए."
लोगों की समस्याएं सुनने के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
उन्होंने लिखा, "बरसात समाप्त होते ही अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़क, पेयजल एवं बिजली लाइनों की मरम्मत सुनिश्चित किए जाने के साथ ही ग्राम और तहसील स्तर पर रात्रि प्रवास शुरू कर लोगों की समस्याएं सुनने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए. अधिकारियों को 'ऑपरेशन कालनेमि' के अंतर्गत और अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई तेज करने एवं 1905 सीएम हेल्पलाइन की निरंतर समीक्षा करने हेतु भी निर्देशित किया."
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