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ब्रजरज उत्सव 2026 में छाया स्वदेशी का जादू, ओडीओपी और खादी उत्पादों पर उमड़ रही भीड़
उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप ब्रजरज उत्सव में ओडीओपी और ओडीओसी के उत्पादों को एक बड़ा और शानदार मंच प्रदान किया गया है. मेले में विभाग द्वारा कुल 40 स्टॉल लगाई गई हैं. इससे न केवल स्थानीय उद्यमियों और छोटे कारीगरों के उत्पादों को बड़ा बाजार मिल रहा है.
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कान्हा की नगरी में पूरी भव्यता के साथ चल रहे 'ब्रजरज उत्सव 2026' में स्वदेशी उत्पादों, ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद), खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादों का रंग पर्यटकों और श्रद्धालुओं पर खूब चढ़ रहा है. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों के चलते पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक डिजाइन के बेहतरीन मेल ने ग्राहकों को अपनी ओर खींचने में बड़ी सफलता हासिल की है. उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा आयोजित ब्रजरज उत्सव में लगे खादी और ओडीओपी के स्टॉलों पर कपड़ों, हस्तशिल्प और सजावटी सामानों की खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है, जो न केवल स्थानीय कारीगरों को रोजगार दे रही है, बल्कि 'वोकल फॉर लोकल' के संदेश को भी मजबूत कर रही है.
योगी सरकार ने ओडीओपी को दी नई पहचान
योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) के तहत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के उत्पाद भी ब्रजरज उत्सव में लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं. मेले में आगरा के चमड़े के उत्पाद, फिरोजाबाद की कांच की चूडियां, वाराणसी की सिल्क साड़ियां, लखनऊ की चिकनकारी, कन्नौज का इत्र, मथुरा की पोशाक, कंठी माला, वाराणसी की जारी जरदोजी और सिल्क साड़ी, चंदौली की जारी जरदोजी, मुजफ्फरनगर का मशहूर गुड़, प्रयागराज के मूँज उत्पाद, कानपुर के चर्म उत्पाद, अलीगढ़ ब्रास एवं टेक्सटाइल, आगरा लैदर मार्बल उत्पाद और मैनपुरी की तारकशी कला सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों के स्टॉल लगे हैं. स्वदेशी सामान की खरीदारी के बीच स्थानीय कारीगरों के हुनर और देश में बने उत्पादों को अपनाने का संदेश हर तरफ दिखाई दे रहा है.
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खादी के कपड़ों में दिखा आधुनिक फैशन का टच
उत्तर प्रदेश खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से उत्सव में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री के लिए 21 भव्य स्टॉल लगवाए गए हैं. इन स्टॉलों की खासियत यह है कि यहां केवल पारंपरिक खादी के कपड़े ही नहीं, बल्कि बदलते फैशन और युवाओं की पसंद के अनुरूप तैयार किए गए आधुनिक डिजाइन के परिधान भी उपलब्ध हैं. खादी का आकर्षण केवल पहनावे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वदेशी परंपरा, कारीगरों के हुनर और आत्मनिर्भरता से भी गहराई से जुड़ा है. इको-फ्रेंडली होने के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.
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ओडीओसी के स्टॉल पर ब्रज के स्वाद की धूम
उत्सव में एक जिला एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना के तहत ब्रज के पारंपरिक और स्वादिष्ट व्यंजनों के भी विशेष स्टॉल लगाए गए हैं. पर्यटक मथुरा का ओडीओसी में शामिल मशहूर पेड़े और अन्य स्थानीय व्यंजनों का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं.
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि ब्रजरज उत्सव में विभाग की ओर से खादी और ग्रामोद्योग की कुल 21 स्टॉल लगाई गई हैं. मेले में वाराणसी, मथुरा, लखनऊ, आगरा, फिरोजाबाद, एटा और मैनपुरी आदि जनपदों के स्टॉलों पर हस्तनिर्मित आभूषण, मिट्टी से बने उत्पाद, हर्बल सामग्री, जैविक गुड़ और अगरबत्ती उपलब्ध हैं. लोग अपनी जरूरत के हिसाब से जमकर खरीदारी कर रहे हैं, जिससे कारीगरों को बहुत आर्थिक लाभ हो रहा है.
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उपायुक्त उद्योग चंद्रभान सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप ब्रजरज उत्सव में ओडीओपी और ओडीओसी के उत्पादों को एक बड़ा और शानदार मंच प्रदान किया गया है. मेले में विभाग द्वारा कुल 40 स्टॉल लगाई गई हैं. इससे न केवल स्थानीय उद्यमियों और छोटे कारीगरों के उत्पादों को बड़ा बाजार मिल रहा है, बल्कि स्वदेशी उत्पादों को वैश्विक पहचान भी मिल रही है. यह मेला आत्मनिर्भर भारत के सपने को धरातल पर उतार रहा है.