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Gyanwapi पर हो रही थी सुनवाई तभी Court में पहुंचा बंदर फिर देखिये क्या हुआ ?

भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या से बाबरी का विवादित ढांचा हट गया और वहां भव्य राम मंदिर भी बनकर तैयार हो गया तो वहीं अब महादेव की काशी में ज्ञानवापी मंदिर को लेकर कोर्ट में लड़ाई चल रही है जिस पर वाराणसी के जिला अदालत में शनिवार को एक अहम सुनवाई के दौरान बंदर पहुंच गया फिर देखिये क्या हुआ ?

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भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या से बाबरी का विवादित ढांचा हट गया और वहां भव्य राम मंदिर भी बनकर तैयार हो गया, जहां लाखों करोड़ों भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। तो वहीं अब महादेव की काशी में ज्ञानवापी मंदिर और मस्जिद को लेकर कोर्ट में लड़ाई चल रही है। जिस पर वाराणसी के जिला अदालत में शनिवार को एक अहम सुनवाई हुई और इसी दौरान एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसे देख कर ऐसा लगा मानो जैसे साक्षात बजरंग बली खुद महादेव के ज्ञानवापी मंदिर की सुनवाई देखने के लिए कोर्ट में मौजूद हों।

दरअसल, मुगलों ने अयोध्या में जहां राम मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनवा दी थी, वहीं वाराणसी में ज्ञानवापी मंदिर तोड़ कर मस्जिद चुनवा दी थी। लेकिन अब समय बदल गया है, और हिंदू समाज अपना मंदिर वापस लेने के लिए कोर्ट कचहरी की लड़ाई लड़ रहा है, जिसके दम पर अयोध्या राम मंदिर तो बन गया, और अब काशी के ज्ञानवापी मंदिर की लड़ाई चल रही है। जिस पर शनिवार को वाराणसी के जिला अदालत में एक अहम सुनवाई चल रही थी, कि तभी एक बंदर अचानक कोर्ट पहुंच गया और पूरे समय कभी सीजेएम कोर्ट की टेबल पर तो कभी जिला जज के कोर्ट परिसर में घूमता रहा। और हैरानी की बात तो ये है कि ये बंदर पूरी सुनवाई तक कोर्ट में बैठा रहा। किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया और जब सुनवाई पूरी हो गई तो बंदर खुद ही वहां से चला गया। इस पूरी घटना को लोगों ने मोबाइल में कैद कर ली, जिसके बाद सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रही है।

अवकुश सिंह नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा, “साल 1998 में अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर में आतंकियों ने बम रख दिया था, हनुमान जी वानर का रूप लेकर आए बम डिफ्यूज कर गए, अब ऐसा ही चमत्कार वाराणसी में भी हुआ। बनारस में ज्ञानवापी केस की सुनवाई के दौरान CJM कोर्ट रूम में अचानक एक बंदर आया और बिना किसी झिझक के जज की कुर्सी पर बैठ गया, सारी फाइलों को आराम से पलट के देखा और चले गए, ऐसा लगा मानो हनुमान जी अदालती कार्यवाही से संतुष्ट हों, बोलो हर हर महादेव जयकारा वीर बजरंगी।”

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संदीप मिश्रा नाम के एक यूजर ने लिखा, “कलयुग में हनुमान जी का चमत्कार अनोखा है, अयोध्या में बम डिफ्यूज करने से लेकर आज ज्ञानवापी केस की सुनवाई के दौरान वाराणसी कोर्ट में बंदर का पहुंचना, यह बजरंग बली की शक्ति और आशीर्वाद का प्रमाण है, जय श्रीराम।”

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विनोद गुप्ता नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, “कलयुग में जो चिरंजीवी है उनमें बजरंग बली सबसे पहले हैं, अयोध्या की कहानी आपको पता होगी जहां बॉम्ब ब्लास्ट को बंदरों ने डिफ्यूज कर दिया था, आज बंदर ज्ञानवापी केस की सुनवाई के दौरान वाराणसी कोर्ट में पहुंच गया है, जय हो बजरंग बली की।”

कपिल त्यागी नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा, “कोर्ट रूम में बंदर बना 'जज'! वाराणसी में ज्ञानवापी केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में पहुंच गया बंदर, बिना किसी झिझक के जज की कुर्सी पर बैठ गया बंदर, सारी फाइलों को टटोलते हुए एक छोटे से 'कोर्ट प्रैक्टिस' का आयोजन तक कर डाला।”

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ज्ञानवापी केस में सुनवाई के दौरान अचानक कोर्ट पहुंचे बंदर को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ इसी तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कोई उन्हें बजरंग बली बता रहा है, तो किसी को अयोध्या की 39 साल पुरानी घटना को याद कर रहा है, जब आज से करीब 39 साल पहले 1986 में अयोध्या में विवादित ढांचे के परिसर को तत्कालीन जिला एवं सेशन जज केएम पांडेय के आदेश पर खोला गया था, जिन्होंने साल 1991 में छपी अपनी आत्मकथा में एक घटना का जिक्र करते हुए बताया था कि वह जब ताला खोलने का आदेश लिख रहे थे, उनकी अदालत की छत पर एक काला बंदर पूरे दिन फ्लैग पोस्ट पकड़कर बैठा रहा। जो लोग फैसला सुनने के लिए आए थे, वह बंदर को फल और मूंगफली खिला रहे थे, लेकिन उसने कुछ नहीं खाया। वहीं फैसला सुनाने के बाद वह बंदर चला गया। इसके बाद डीएम और एसएसपी उन्हें छोड़ने के लिए घर तक आए। उस समय भी वह बंदर उनके घर के बरामदे में बैठा मिला। उन्होंने लिखा है कि वह दैवीय ताकत थी और उन्होंने उसे प्रणाम किया। और अब इसी तरह से ज्ञानवापी केस पर सुनवाई के दौरान जब एक बंदर अचानक कोर्ट पहुंच गया तो लोग इसे अयोध्या की घटना से जोड़ कर देख रहे हैं, और लोगों को ये उम्मीद है कि शनिवार के दिन जिस तरह से खुद बजरंग बली ज्ञानवापी केस के दौरान कोर्ट में मौजूद रहे, ऐसे में अयोध्या की तरह ज्ञानवापी में भी मंदिर के पक्ष में फैसला आ सकता है।

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