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हमलावर की हिट लिस्ट में ट्रंप की पूरी टीम को मारने का था प्लान, लेकिन काश पटेल का नाम गायब, क्या हिंदू होने की वजह से बचे FBI चीफ? जांच में उठा बड़ा सवाल
Donald Trump: हमलावर कोल एलन के मेनिफेस्टो की भी गहराई से जांच की जा रही है, क्योकि उसमे हमले के पीछे की सोच छिपी हुई मानी जा रही है. वहीं सबसे हैरान करने की बात यह है कि उसने कई बड़े अधिकारियों को अपना निशाना बताया, लेकिन सिर्फ एक नाम जानबूझकर छोड़ दिया, और वहीं अब जांच का बड़ा मुद्दा बन गया है.
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अमेरिका में हुए व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स (White House Correspondents) डिनर के दौरान गोलीबारी की घटना ने सभी को चौंका दिया है. इस हमले के बाद जांच एजेंसियो हर छोटी -बड़ी जानकारी को खंगाल रही है. हमलावर कोल एलन के मेनिफेस्टो की भी गहराई से जांच की जा रही है, क्योकि उसमे हमले के पीछे की सोच छिपी हुई मानी जा रही है. वहीं सबसे हैरान करने की बात यह है कि उसने कई बड़े अधिकारियों को अपना निशाना बताया, लेकिन सिर्फ एक नाम जानबूझकर छोड़ दिया, और वहीं अब जांच का बड़ा मुद्दा बन गया है....
क्यों नहीं था काश पटेल का नाम?
जांच में सामने आया कि Donald Trump से जुड़े लगभग सभी वरिष्ठ अधिकारियों के नाम उस लिस्ट में थे, लेकिन Kash Patel का नाम उसमें शामिल नहीं था. अब अधिकारी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ. क्या यह महज संयोग था या इसके पीछे कोई सोच-समझकर लिया गया फैसला?
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धर्म से जुड़ा एंगल भी जांच में..
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कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर के मैनीफेस्टो में ईसाई धर्म के खिलाफ गुस्सा साफ दिखाई देता है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि काश पटेल, जो हिंदू हैं, हमलावर के निशाने वाले दायरे में नहीं आते थे.यानी अगर उसका गुस्सा किसी खास धार्मिक समूह के खिलाफ था, तो पटेल उस सोच से बाहर हो सकते हैं. हमलावर ने अपनी हिंसा को सही ठहराने के लिए धार्मिक और वैचारिक तर्क भी दिए थे, जिससे यह एंगल और मजबूत हो जाता है.
क्या यह एक रणनीतिक फैसला था?
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दूसरी ओर, कुछ जांचकर्ता इसे एक रणनीतिक फैसला भी मान रहे हैं। उनका कहना है कि हमलावर ने अपने हमले के लिए कुछ “नियम” तय किए थे. जैसे, कानून लागू करने वाले अधिकारियों को नुकसान न पहुंचाना और आम लोगों को कम से कम हानि हो. चूंकि काश पटेल FBI के डायरेक्टर हैं, इसलिए संभव है कि उन्हें इसी वजह से लिस्ट से बाहर रखा गया हो. हालांकि, यह बात पूरी तरह साफ नहीं है क्योंकि हमले के दौरान एक अधिकारी को गोली लगी थी, भले ही उसकी जान बच गई.
मैनीफेस्टो और हमले की योजना
जांच में यह भी सामने आया है कि कोल एलन ने अपने मैनीफेस्टो में अधिकारियों की एक तरह की “हिट-लिस्ट” बनाई थी. उसने साफ लिखा था कि प्रशासन के कई अधिकारी उसके निशाने पर हैं, लेकिन काश पटेल को छोड़कर. हैरानी की बात यह भी है कि उसने यह मैनीफेस्टो हमले से सिर्फ 10 मिनट पहले अपने परिवार को भेजा था। उसमें उसने अपने कदम को कथित अन्याय के खिलाफ उठाया गया बताया.
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घटना के दिन क्या हुआ?
25 अप्रैल को वाशिंगटन के हिल्टन होटल में यह हमला हुआ. हमलावर भारी हथियारों के साथ वहां पहुंचा और सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की. लेकिन सीक्रेट सर्विस ने समय रहते उसे रोक लिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया. इस दौरान एक अधिकारी को गोली लगी, लेकिन उसने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, इसलिए उसकी जान बच गई. Donald Trump समेत सभी बड़े नेताओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
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हमलावर कोल एलन के खिलाफ हत्या के प्रयास और हथियारों से जुड़े गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं. जांच एजेंसियों का मानना है कि यह एक “लोन वुल्फ” हमला हो सकता है, यानी उसने यह सब अकेले किया. हालांकि, उसके पीछे की सोच, उसे किसने प्रभावित किया और वह इतना कट्टर कैसे बना, इन सभी सवालों के जवाब अभी तलाशे जा रहे हैं.