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नोएडा प्रोटेस्ट मामले में तगड़ा एक्शन, 60 लोग गिरफ्तार, 200 से अधिक हिरासत में...कई सोशल मीडिया हैंडल्स भी रडार पर
नोएडा में श्रमिकों के प्रोटेस्ट के मामले में पुलिस और प्रशासन ताबड़तोड़ एक्शन ले रही है. पुलिस ने अब तक 60 गिरफ्तारियां करने के साथ-साथ 200 से अधिक को हिरासत में लिया है. वहीं अफवाह फैलाने वाले कई हैंडल्स भी रडार पर हैं.
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नोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन को उग्र करने और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने के मामले में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है. सरकार और प्रशासन ने सक्रियता से पूरी स्थिति को नियंत्रित कर लिया है. इसी कड़ी में नोएडा पुलिस ने सख्त एक्शन लेते हुए कई FIR दर्ज की हैं वहीं, 60 लोगों की गिरफ्तारी की गई है, वहीं 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. इसके अलावा पूरे प्रोटेस्टे में स्थानीय से लेकर बाहरी, विदेशी साजिश, हर एंगल से जांच की जा रही है. बाहरी एजेंसियों की संभावित संलिप्ता की भी जांच की जा रही है.
नोएडा प्रोटेस्ट मामले में 60 लोग गिरफ्तार
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय कमेटी के सदस्य भी मजदूरों की मांगों सहित अन्य तमाम मसलों पर संबंधित पक्षों, स्टेकहोल्डर्स से बात कर रहे हैं. जल्द ही अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे. आपको बताएं कि इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहुंची, जहां कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और हालात पर विस्तृत बैठक की गई.
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मजदूरों की कई मांगें स्वीकार, CM का तगड़ा ऐलान
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इस दौरान श्रमिकों की मांगों, प्रदर्शन के कारणों और भविष्य की रणनीति पर गहन चर्चा हुई. प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई. पुलिस के मुताबिक, करीब 42,000 कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें कुछ स्थानों पर हिंसा भी देखने को मिली.
हॉजरी कॉम्प्लेक्स समेत नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में रुक-रुक कर हिंसक घटनाएं सामने आईं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई. पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 60 लोगों को हिंसक प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है, जबकि 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
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भड़काऊ पोस्ट वाले कई हैंडल्स पुलिस के रडार पर
इसके अलावा, कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह से स्वाभाविक नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश की आशंका है. जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोग अन्य जनपदों से आकर माहौल को भड़काने और हिंसक बनाने की कोशिश कर रहे थे. ऐसे तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
पुलिस के नियंत्रण में पूरी स्थिति
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गौतमबुद्ध नगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि प्रशासन श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी. फिलहाल, पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. प्रशासन का प्रयास है कि संवाद और समन्वय के जरिए जल्द से जल्द औद्योगिक शांति बहाल की जाए.