‘अमेरिका पर भरोसा करना बंद करो’, पंडित धीरेंद्र शास्त्री की दोटूक, भारत की विदेश नीति को दी सलाह?
मिडिल ईस्ट संघर्ष को लेकर जब पत्रकारों ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री से सवाल किया, तो उन्होंने साफ शब्दों में अमेरिका पर भरोसा न करने की सलाह दी. जानिए उन्होंने क्या कहा?
पूरा मध्य पूर्व युद्ध की आग में जल रहा है और इसकी लपटे हर रोज अपना दायरा बढ़ा रही हैं. पूरी दुनिया दो हिस्सों में बंट चुकी है. कोई अमेरिका-इजरायल के साथ है, तो कोई ईरान का साथ दे रहा है और इसे ईरान के ऊपर थोपी हुई जंग बता रहा है. इसी बीच पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष पर अमेरिका को खरी-खोटी सुनाई है. दरअसल, आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में भारत के टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में फाइनल में पहुंचने पर पूरे देश को हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि यह भारत की तरक्की और गर्व की बात है. क्रिकेट टीम के शानदार प्रदर्शन से सभी भारतीयों को खुशी हो रही है.
‘भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है’
उन्होंने कहा कि आज हम उस दौर में पहुंच चुके हैं, जहां भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ा रहा है. क्रिकेट हो या अन्य क्षेत्र, देश की प्रगति सभी के लिए गर्व का विषय है. हम ऐसी धरती पर रहते हैं, जहां विनाश नहीं होता, सब कुछ सुरक्षित और अद्भुत है. यह महादेव और भगवान विश्वनाथ की पावन भूमि है. काशी (वाराणसी) में आना हमारा सौभाग्य है. हम बार-बार इस धरती को छूने का अवसर पाते हैं और मां गंगा और विश्वनाथ जी का शुक्रिया अदा करते हैं.
सीएम योगी और मिडिल ईस्ट संघर्ष पर भी दिया बयान
आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने योगी आदित्यनाथ के हिंदू होने के सवाल को लेकर कहा कि वे किसी व्यक्ति को प्रमाणपत्र नहीं बांटते हैं. उन्होंने इजराइल और ईरान संघर्ष पर कहा कि युद्ध कभी समाधान नहीं होता है. शांति ही एकमात्र रास्ता है. प्यार और समझदारी से ही तरक्की होती है, जबकि जंग से सिर्फ तबाही फैलती है.
हम अपनी सेना के मजबूत हाथों में सुरक्षित है- धीरेंद्र शास्त्री
उन्होंने कहा, "हम बस यही कहना चाहेंगे कि जब मिडिल ईस्ट में तनाव है तो भारत में होली मनाई जा रही हैं. पूरी दुनिया आग में जल रही है, लेकिन भारत शांत और फल-फूल रहा है. हम अपनी सेना के मजबूत हाथों में सुरक्षित हैं.”
अमेरिका पर भरोसा न करने की धीरेंद्र शास्त्री ने दी सलाह
धीरेंद्र शास्त्री ने अमेरिका पर भरोसा न करने की सलाह देते हुए कहा, "अमेरिका सरकार बहुत चालाकी से काम करती है. उन पर भरोसा नहीं करना चाहिए. वे सुबह कुछ और शाम को कुछ और कहते हैं. ऐसे लोगों पर भरोसा मत करो. भारत को अपनी नीति खुद बनानी चाहिए, जो हमारे पास है (सनातन संस्कृति, शांति और एकता), उसकी रक्षा करनी चाहिए. हमें सोचना चाहिए कि क्या नहीं करना है यानी विभाजन या झगड़े से बचना है.
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