Advertisement

Loading Ad...

भारत-बांग्लादेश रिश्तों में नई शुरुआत की आहट, अजित डोभाल के घर डिनर पर बांग्लादेश के विदेश मंत्री; जानें क्या हुई चर्चा

भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में आई दूरी अब कम होती नजर आ रही है. दिल्ली में एनएसए अजित डोभाल ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के लिए डिनर रखा, जहां रिश्तों को सुधारने पर चर्चा हुई. नई सरकार बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है.

Ajit Doval/ Khalilur Rahman (File Photo)
Loading Ad...

भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में आई दूरियां अब कम होती दिखाई दे रही हैं. पिछले कुछ समय से दोनों देशों के संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल सामने आई हैं. मंगलवार को दिल्ली में हुई एक खास मुलाकात ने इस सकारात्मक बदलाव की स्पष्ट झलक पेश की है.

डोभाल-रहमान डिनर मुलाकात बनी खास

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (Ajit Doval) ने अपने आवास पर बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान (Khalilur Rahman) के सम्मान में एक विशेष डिनर का आयोजन किया. यह सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों को फिर से मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कोशिश भी थी. करीब 18 महीनों से चले आ रहे तनाव के बाद यह पहल काफी मायने रखती है.

Loading Ad...

नई सरकार के बाद पहला बड़ा दौरा

Loading Ad...

दरअसल, बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद यह किसी बड़े मंत्री का पहला भारत दौरा है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, खलीलुर रहमान तीन दिन के दौरे पर दिल्ली पहुंचे हैं. उनका स्वागत भी गर्मजोशी के साथ किया गया, जो यह संकेत देता है कि भारत इस रिश्ते को नई दिशा देने के लिए तैयार है.

डिनर टेबल पर कूटनीतिक चर्चा

Loading Ad...

डिनर के दौरान सिर्फ खान-पान ही नहीं हुआ, बल्कि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा भी हुई. हालांकि इस बैठक को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह बातचीत भविष्य में बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकती है.

पिछले घटनाक्रम ने बढ़ाई थी दूरी

अगर पिछले घटनाक्रम पर नजर डालें, तो अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद हालात काफी बदल गए थे. इसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी, जिससे भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में खिंचाव बढ़ गया था. लेकिन अब जब नई सरकार स्थिर हो रही है, तो दोनों देशों के बीच संवाद भी धीरे-धीरे फिर शुरू हो गया है. खलीलुर रहमान के इस दौरे का सबसे अहम हिस्सा बुधवार को होने वाली उनकी बैठक है, जिसमें वह भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से विस्तार से बातचीत करेंगे. इस बैठक में सबसे बड़ा एजेंडा दोनों देशों के बीच भरोसे को दोबारा कायम करना होगा.

Loading Ad...

इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

इसके अलावा कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है. गंगा जल संधि, जो इस साल समाप्त होने वाली है, उसे आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है. व्यापार को बढ़ावा देने, ईंधन सप्लाई और वीजा नियमों में ढील जैसे विषय भी इस बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं. बांग्लादेश की तरफ से भारत से अतिरिक्त डीजल-पेट्रोल की मांग और यात्रा को आसान बनाने की अपील भी सामने आ सकती है.

शेख हसीना का मुद्दा भी अहम

Loading Ad...

एक और संवेदनशील मुद्दा है शेख हसीना का, जो पिछले साल अगस्त से भारत में रह रही हैं. बांग्लादेश की नई सरकार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है. हालांकि भारत ने इस पर अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है. लेकिन हाल के समय में हसीना की तरफ से कोई राजनीतिक बयान न आना, स्थिति को संतुलित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि खलीलुर रहमान के भारत आने से ठीक पहले प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने अपने क्षेत्र के पांच मंदिरों के लिए 6.5 करोड़ टका देने का ऐलान किया. यह कदम भारत के लिए एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है, क्योंकि भारत हमेशा बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर सजग रहा है. बहरहाल, दिल्ली में हुई यह मुलाकात सिर्फ एक राजनयिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि दो पड़ोसी देशों के बीच भरोसे की नई शुरुआत है. अगर यही सकारात्मक माहौल आगे भी बना रहा, तो आने वाले समय में भारत और बांग्लादेश के रिश्ते फिर से मजबूत और स्थिर हो सकते हैं.

Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...