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'हिंदी में बात करूं या मराठी में...', उज्जवल निकम को पीएम मोदी ने किया कॉल, फिर खास अंदाज में दी बधाई

राष्ट्रपति ने शक्तियों का उपयोग करते हुए उज्ज्वल देवराव निकम को राज्यसभा का सदस्य बनाया. इसके बाद पीएम मोदी ने निकम को शुभकामनाएं देते हुए फोन पर बातचीत के दौरान कहा हिंदी में बात करनी चाहिए या मराठी में….

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान ने शक्तियों का उपयोग करते हुए राज्यसभा के लिए 4 नए सदस्यों को मनोनीत किया है. नामित सदस्यों में उज्ज्वल देवराव निकम, सी. सदानंदन मास्टर, हर्षवर्धन श्रृंगला और डॉ. मीनाक्षी जैन का नाम शामिल हैं. यह नियुक्तियां नामित सदस्यों की सेवानिवृत्ति के कारण रिक्त हुए स्थानों को भरने के लिए की गई हैं. गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, 12 जुलाई 2025 को इसका ऐलान किया गया.

पीएम मोदी ने दी सदस्यों को बधाई
पीएम मोदी ने दी बधाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा के लिए नॉमिनेट हुए चारों सदस्यों को शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कानूनी क्षेत्र और संविधान के प्रति उज्ज्वल निकम के समर्पण को अनुकरणीय बताते हुए एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह न सिर्फ एक सफल वकील रहे हैं, बल्कि महत्वपूर्ण मामलों में न्याय दिलाने में भी सबसे आगे रहे हैं.
पीएम मोदी ने एक्स पर कहा, 'अपने पूरे कानूनी करियर के दौरान, उन्होंने हमेशा संवैधानिक मूल्यों को मज़बूत करने और आम नागरिकों के साथ हमेशा सम्मान के साथ व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए काम किया है. यह खुशी की बात है कि भारत के राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है. उनके संसदीय कार्यकाल के लिए मेरी शुभकामनाएं.'

पीएम मोदी ने दी निकम को शुभकामनाएं
राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर पीएम मोदी ने निकम से फोन पर भी बातचीत की है. इसकी जानकारी देते हुए वरिष्ठ वकील ने बताया, 'मुझे मनोनीत करने के लिए मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का शुक्रिया अदा करता हूं. जब मैं लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी से मिला था, तो उन्होंने मुझ पर अपना भरोसा जताया था. कल पीएम नरेंद्र मोदी ने मुझे मेरे नामांकन की जानकारी देने के लिए फोन किया.'

‘हिंदी में बात करनी चाहिए या मराठी…’
उज्ज्वल निकम ने आगे कहा, 'पीएम मोदी ने मुझसे पूछा कि क्या उन्हें हिंदी में बात करनी चाहिए या मराठी में, इस पर हम दोनों हंसने लगे. फिर पीएम मोदी ने मुझसे मराठी में बात की और मुझे बताया कि राष्ट्रपति मुझे जिम्मेदारी देना चाहती हैं, जिसके बाद उन्होंने मुझे राष्ट्रपति के फैसले के बारे में बताया. मैंने तुरंत हां कर दिया, मैं पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद देता हूं.'

कौन है उज्ज्वल निकम?
महाराष्ट्र के जलगांव में जन्मे उज्ज्वल निकम देश के प्रमुख और प्रतिष्ठित वकीलों में गिने जाते हैं. उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सरकारी वकील के तौर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है. 26/11 मुंबई आतंकी हमले में पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब को फांसी की सजा दिलाने में उनकी भूमिका निर्णायक रही. इसके अलावा, वह 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस में भी सरकारी वकील रह चुके हैं.

उज्ज्वल निकम ने बॉलीवुड के प्रसिद्ध म्यूजिक प्रोड्यूसर गुलशन कुमार हत्याकांड और प्रमोद महाजन हत्याकांड जैसे चर्चित मामलों में भी सरकारी पक्ष का नेतृत्व किया. अपने व्यापक कानूनी अनुभव और निष्पक्ष कार्यशैली के कारण वे देश के सबसे सम्मानित विधिक विशेषज्ञों में शुमार हैं. उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2016 में चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, 'पद्म श्री' से सम्मानित किया.

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