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संभल: जामा मस्जिद के विवादित ढांचे की किलेबंदी, योगी सरकार की तैयारी पूरी
कोर्ट के फैसले के बाद संभल की जामा मस्जिद के विवादित ढांचे के चारों तरफ़ किलेबंदी, हिंदुओं ने मस्जिद पर दावा ठोकते हुए कहा है कि ये हरिहर मंदिर है, जिसके बाद कोर्ट ने सर्वे का आदेश दिया, सर्वे कर भी लिया गया है, अगली सुनवाई से पहले अब योगी सरकार किसी भी अनहोनी को लेकर पूरी तरह तैयार है, विस्तार से जानिए पूरी ख़बर
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काशी-मथुरा के बाद अब जामा मस्जिद पर हिंदुओं ने दावा ठोक दिया है, संभल की जामा मस्जिद को हिंदुओं ने श्रीहरिहर मंदिर बताते हुए याचिका डाली, जिसके बाद कोर्ट ने सर्वे का आदेश जारी कर दिया, कोर्ट के आदेश पर मस्जिद के अंदर सर्वे भी हो गया, जिसके बाद से ही संभल की जामा मस्जिद को लेकर हंगामा मचा है, ऐसे में पुलिस-प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है, शाही मस्जिद की ओर जाने वाले आसपास के रास्तों की नाकेबंदी कर दी गई है, चप्पे-चप्पे पर पहरा है।
इन तस्वीरों को देखने के बाद अब लोगों ने कहना शुरु कर दिया है कि, सीएम योगी ने कोर्ट के फ़ैसले के बाद तैयारी पूरी कर ली है, एक यूज़र ने लिखा- "कोर्ट के फैसले के बाद संभल में महाराज जी ने वो करके दिखाया है, जो सोचने पर भी इस देश में नेता कांप जाते थे, फैसले के बाद तुरंत सर्वे और अब विवादित ढांचे के चारों और किलेबंदी, सब संभव है, बस इच्छाशक्ति ऊंची चाहिए।
कोर्ट के आदेश के बाद जिसपर से चप्पे-चप्पे पर सिक्योरिटी तैनात है उससे तो ये साफ़ पता चलता है कि, किसी भी अनहोनी को देखते हुए सीएम योगी अभी से ही सख़्त है, क़ानून व्यवस्था क़ायम रहे इसको लेकर पूरी मुस्तैदी है, मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर को होनी है, उससे पहले सरकार ने पूरे इंतज़ाम कर रखे है।
बताते चले कि, संभल सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में मंगलवार को सर्वे कराने का फ़ैसला दिया गया था, जिसके बाद शाम तक ही सर्वे करा लिया गया, ऐसे में मुस्लिम पक्ष ने सर्वे के दावा किया कि, वो जामा मस्जिद ही सर्वे में कुछ नहीं मिली ।
लेकिन हिंदू पक्ष का दावा है कि शाही जामा मस्जिद जिस जगह पर बनी है, वहां पहले श्रीहरिहर मंदिर था। जिसे तोड़वाकर बाबर ने 1529 में मस्जिद बनवा दिया, अपनी याचिका में हिंदू पक्ष ने दो किताब बाबरनामा और आइन-ए-अकबरी को रिपोर्ट का अपना आधार बनाया है।
फ़िलहाल जब सर्वे हुआ था तो उस दौरान मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग आ गए थे, विरोध प्रदर्शन भी हुआ था, लोगों को हटाने में पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी, ऐसे में अब मस्जिद की सुरक्षा के लिए कई थानों की पुलिस, पीएसी, आरआरएफ को तैनात कर दिया गया, मस्जिद की तरफ़ जाने वाले रास्तों को भी बंद कर दिया गया है, नमाजियों के लिए एक रास्ता खोल गया है, ऐसे में अब देखना होगा कि 29 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई में कोर्ट क्या कुछ आदेश जारी करता है ।
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