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“‘सही आदमी, गलत पार्टी’, राघव चड्ढा ने AAP छोड़ BJP जॉइन करने पर दी सफाई

राघव चड्ढा ने कहा कि पिछले कई सालों से ये महसूस हो रहा था कि वे सही जगह पर नहीं हैं. उन्होंने कहा, "शायद मैं सही आदमी हूं, लेकिन गलत पार्टी में." उनके सामने सिर्फ तीन रास्ते थे. पहला, पूरी तरह राजनीति छोड़ देना. दूसरा, उसी पार्टी में रहकर चीजें सुधारने की कोशिश करना, जो संभव नहीं हुआ और तीसरा, अपनी एनर्जी और अनुभव को लेकर किसी और प्लेटफॉर्म पर जाकर सकारात्मक राजनीति करना.

Image Credits: Video Grab
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राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है. इस फैसले के बाद से लगातार उन पर कई सवाल उठ रहे थे. कुछ लोग उन्हें शुभकामनाएं दे रहे थे तो कुछ उनके फैसले के पीछे के कारण जानना चाहते थे. इन सवालों का जवाब देने के लिए राघव चड्ढा ने सोमवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया. 

राघव चड्ढा ने वीडियो में कहा कि पिछले तीन दिनों से उनके पास ढेर सारे मैसेज आ रहे हैं. ज्यादातर लोग उन्हें बेस्ट विशेस और बधाई दे रहे हैं, जबकि कुछ लोग उनके इस बड़े फैसले के पीछे क्या वजहें हैं, ये जानना चाहते हैं. इसलिए उन्होंने यह वीडियो उन सभी के लिए बनाया है, जिन्होंने शायद उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी नहीं देखी.

“राजनीति करियर के लिए नहीं चुनी”

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उन्होंने बताया कि राजनीति में आने से पहले वह एक प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट थे. उनके सामने एक बहुत अच्छा करियर था, लेकिन उन्होंने उस करियर को छोड़कर राजनीति में कदम रखा. उन्होंने कभी करियर बनाने के लिए राजनीति नहीं की. बल्कि वे आम आदमी पार्टी के फाउंडिंग मेंबर बने और उस पार्टी को अपने युवा दिनों के पूरे 15 साल दिए. उन्होंने अपनी मेहनत, खून-पसीने से उस पार्टी को सींचा और बड़ा किया. लेकिन अब वह पार्टी अब पहले जैसी नहीं रही. आम आदमी पार्टी में आज एक टॉक्सिक माहौल बन गया है. वहां काम करने से रोका जाता है, संसद में बोलने से रोका जाता है. पूरी पार्टी अब कुछ भ्रष्ट और समझौता करने वाले लोगों के हाथ में फंसकर रह गई है. ये लोग अब देश के लिए नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम करते हैं.

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आप पार्टी पर राघव चड्ढा ने लगाए गंभीर आरोप

राघव चड्ढा ने कहा कि पिछले कई सालों से ये महसूस हो रहा था कि वे सही जगह पर नहीं हैं. उन्होंने कहा, "शायद मैं सही आदमी हूं, लेकिन गलत पार्टी में." उनके सामने सिर्फ तीन रास्ते थे. पहला, पूरी तरह राजनीति छोड़ देना. दूसरा, उसी पार्टी में रहकर चीजें सुधारने की कोशिश करना, जो संभव नहीं हुआ और तीसरा, अपनी एनर्जी और अनुभव को लेकर किसी और प्लेटफॉर्म पर जाकर सकारात्मक राजनीति करना. इसलिए उन्होंने तीसरा रास्ता चुना, लेकिन उन्होंने अकेले यह फैसला नहीं लिया. उनके साथ और भी सांसद थे. कुल सात सांसदों ने मिलकर यह तय किया कि अब वो इस पार्टी से अपना रिश्ता तोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा, "एक आदमी गलत हो सकता है, दो आदमी गलत हो सकते हैं, लेकिन सात लोग गलत नहीं हो सकते."

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उन्होंने कहा कि कितने सारे पढ़े-लिखे, समझदार लोग इस पार्टी के सपने के साथ जुड़े थे, लेकिन बाद में उन्होंने भी पार्टी छोड़ दी. क्या वो सब गलत हो सकते हैं?

नौकरी का उदाहरण देकर समझाया फैसला

राघव चड्ढा ने उदाहरण देते हुए कहा, "आप में से जो लोग नौकरी करते हैं, अगर आपका ऑफिस एक टॉक्सिक जगह बन जाए, जहां आपको काम करने नहीं दिया जाता, आपकी मेहनत को दबाया जाता है और आपको चुप करा दिया जाता है, तो आप क्या करेंगे? जाहिर है, आप उस जगह को छोड़ देंगे." उन्होंने कहा कि उन्होंने भी ठीक वही किया है.

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उन्होंने कहा, "मैं अब आपकी समस्याओं को पहले से भी ज्यादा जोश और एनर्जी के साथ उठाऊंगा. अच्छी बात ये है कि अब हम उन समस्याओं के समाधान भी ढूंढ पाएंगे और उन्हें लागू भी करा पाएंगे."

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