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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने किया स्मृतिका युद्ध स्मारक के मल्टीमीडिया शो का उद्घाटन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ छावनी स्थित स्मृतिका युद्ध स्मारक में एक अत्याधुनिक लेजर, लाइट और साउंड शो का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया.
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के लखनऊ छावनी स्थित स्मृतिका युद्ध स्मारक में अत्याधुनिक लेजर, लाइट और साउंड शो का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया. लगभग 30 मिनट के इस मल्टीमीडिया शो में हिंदी भाषा में उन्नत प्रोजेक्शन, साउंड और लाइटिंग तकनीकों के माध्यम से भारतीय सेना के इतिहास, सैन्य अभियानों में उसकी उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान को दर्शाया गया. यह शो स्मृतिका युद्ध स्मारक में प्रतिदिन शाम को आयोजित किया जाएगा और जल्द ही आम जनता के लिए भी खोल दिया जाएगा.
प्रमुख युद्धों और अभियानों का प्रभावशाली चित्रण
मल्टीमीडिया प्रस्तुति में भारत के प्रमुख युद्धों का संक्षिप्त विवरण दिया गया, जिसमें विशेष रूप से 1947-48, 1962, 1965 और 1971 के संघर्षों के महत्वपूर्ण परिचालन पहलुओं और मेघदूत एवं विजय अभियानों में किए गए विशिष्ट योगदानों पर प्रकाश डाला गया. विभिन्न अभियानों में केंद्रीय कमान की अहम भूमिका को भी प्रमुखता से दर्शाया गया. इसके अलावा, अवध क्षेत्र के परम वीर चक्र विजेताओं की अद्वितीय वीरता को भी उजागर किया गया, साथ ही अवध की समृद्ध युद्ध परंपराओं और राष्ट्र की रक्षा में उनके विशिष्ट योगदान का संक्षिप्त विवरण भी प्रस्तुत किया गया.
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परम वीर चक्र विजेताओं और अवध क्षेत्र की वीरता को सम्मान
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इस कार्यक्रम में भारतीय सेना के निरंतर आधुनिकीकरण और परिवर्तन को भी शामिल किया गया, जो उभरते खतरों और युद्ध की बदलती परिस्थितियों के अनुरूप है. भारतीय रक्षा उद्योग की हालिया प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसका पहला उपयोग ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रदर्शित किया गया, और उत्तर प्रदेश का आत्मनिर्भरता पहलों के केंद्र के रूप में उभरना, जिसका उदाहरण राज्य का रक्षा गलियारा है.
आधुनिक भारतीय सेना और आत्मनिर्भर भारत की झलक
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इस लेजर, लाइट और साउंड शो को सुगम बनाने और प्रदर्शित करने के लिए, स्मृतिका युद्ध स्मारक परिसर का व्यापक जीर्णोद्धार किया जा रहा है. शो के लिए अत्याधुनिक प्रोजेक्टर और स्पीकर लगाने के साथ-साथ नई पीढ़ी के सैन्य उपकरणों और युद्ध ट्राफियों को दर्शाने वाले भित्तिचित्र भी लगाए जा रहे हैं, और एक आधुनिक एम्फीथिएटर का निर्माण किया गया है. इसके अलावा, तीन विशेष भित्तिचित्र दीवारें भी बनाई जा रही हैं, जो सैन्य इतिहास के प्रमुख प्रदर्शन के साथ-साथ लेजर, लाइट और साउंड शो के लिए जीवंत कैनवास का काम करेंगी. यह पहल मुख्यालय केंद्रीय कमान द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के सहयोग से कार्यान्वित की गई है.
ऐतिहासिक महत्व
लखनऊ छावनी में स्थित स्मृतिका युद्ध स्मारक, भारतीय रक्षा बलों के सैनिकों की वीरता, बलिदान और अदम्य भावना को 1994 से ही अटूट श्रद्धांजलि अर्पित करता आ रहा है. केंद्रीय कमान मुख्यालय के तत्वावधान में स्थापित यह स्मारक राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने, सैन्य विरासत के संरक्षण और आम जनता, विशेषकर युवाओं में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
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इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्या सेंगपुटा, भारतीय सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और राज्य सरकार के अधिकारी उपस्थित थे.
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