Advertisement

Loading Ad...

राहुल गांधी की बढ़ी मुश्किलें! आय से अधिक संपत्ति मामले में हाईकोर्ट सख्त, CBI, ED और SFIO को किया तलब

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी की कथित 'आय से अधिक संपत्ति' मामले में सीबीआई (CBI), ईडी (ED) को आठ सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.

Image Source: IANS/Kuntal Chakrabarty
Loading Ad...

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने सीबीआई, ईडी, गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ कथित तौर पर अनुपातहीन संपत्ति होने के आरोप वाली एक याचिका पर आठ हफ्तों के भीतर अपना जवाब दाखिल करें.

CBI आठ हफ्तों में दाखिल करेगी रिपोर्ट

जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जफर अहमद की डिवीजन बेंच ने कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की क्रिमिनल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया. शिशिर खुद कोर्ट में पेश हुए थे. चैंबर में हुई सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश वकील ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को 11 मई के लिखित निर्देशों के आधार पर बताया कि जांच एजेंसी को याचिकाकर्ता की शिकायत मिल गई है और वह आठ हफ्तों के भीतर अपना जवाब दाखिल करेगी.

Loading Ad...

शिकायत पर ईडी की जांच शुरू

Loading Ad...

इसी तरह, ईडी के वकील ने जस्टिस चौहान की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने 9 मई के निर्देशों के आधार पर बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग रोकने वाली इस केंद्रीय एजेंसी को भी शिकायत मिल गई है और वह आरोपों की जांच कर सकती है. दलीलों को रिकॉर्ड करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह उम्मीद की जाती है कि यदि याचिकाकर्ता की शिकायत प्राप्त हुई है, तो शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कानून के अनुसार की जाएगी. यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि सीबीआई या ईडी कानून के तहत अनुमत उचित कदम उठा सकती हैं.

आठ हफ्ते में जवाबी हलफनामा मांगा गया

Loading Ad...

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इस मामले में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, वित्त मंत्रालय के तहत राजस्व विभाग और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के माध्यम से भारत संघ को अतिरिक्त पक्ष के रूप में शामिल करने की भी अनुमति दी. इसमें निर्देश दिया गया कि सभी पक्ष, जिनमें नए शामिल किए गए अधिकारी भी शामिल हैं, आठ हफ्तों के भीतर अपने-अपने जवाबी हलफनामे दाखिल करें और याचिकाकर्ता की शिकायत के संबंध में हुई प्रगति का ब्योरा रिकॉर्ड पर रखें.

अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी

जस्टिस चौहान की अध्यक्षता वाली बेंच ने आगे आदेश दिया कि मामले में दाखिल की गई पेपर-बुक और दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में ही रहें और इलाहाबाद हाई कोर्ट के सीनियर रजिस्ट्रार की सुरक्षित हिरासत में रखे जाएं. इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को तय की गई है और इस पर फिर से इन-चैंबर कार्यवाही के दौरान विचार किया जाएगा.

Loading Ad...

कोर्ट ने अधिकारियों को जवाब देने का समय दिया

इससे पहले, 6 मई को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता की शुरुआती दलीलें सुनने के बाद निर्देश दिया था कि पूरी पेपर-बुक को सीलबंद करके सुरक्षित हिरासत में रखा जाए. साथ ही, प्रतिवादी अधिकारियों को इस मामले में निर्देश लेने के लिए समय दिया था.

कोर्ट ने कहा- आरोपी का पक्ष सुनना जरूरी

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

शिशिर वही याचिकाकर्ता हैं जिनकी याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पहले उत्तर प्रदेश पुलिस को दोहरी नागरिकता के आरोपों को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने पर विचार करने और जांच करने का निर्देश दिया था. हालांकि, जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की एकल-न्यायाधीश बेंच ने, जिन्होंने बाद में इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था, उस निर्देश को वापस ले लिया था. बेंच ने यह टिप्पणी की थी कि गांधी, जो कि एक संभावित आरोपी हैं, को ऐसा कोई भी आदेश पारित करने से पहले सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...