प्रधानमंत्री मोदी ने खाड़ी देशों के नेताओं से टेलीफोन पर की अहम वार्ता, हमलों की कड़ी निंदा की और भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर जोर

भारत और यूएई के बीच मजबूत रणनीतिक और आर्थिक संबंध हैं. दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों पर घनिष्ठ साझेदारी है. यूएई दुनिया के सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदायों में से एक का घर है, जो दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के रिश्तों को मजबूत करता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दो महत्वपूर्ण टेलीफोन वार्ताएं कीं. उन्होंने बहरीन के किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा और सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से अलग-अलग बातचीत की.

पीएम मोदी ने बहरीन, सऊदी अरब और यूएई के नेताओं से की टेलीफोन वार्ता

प्रधानमंत्री ने दोनों देशों पर हाल ही में हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि भारत हिंसा के किसी भी रूप का विरोध करता है. उन्होंने इन घटनाओं पर चिंता जताते हुए क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया.

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बहरीन और सऊदी अरब में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा के बारे में भी जानकारी ली. दोनों नेताओं ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया.

पीएम मोदी ने हमलों की कड़ी निंदा की

इससे पहले पीएम मोदी ने रविवार देर रात को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान से फोन पर बातचीत की और खाड़ी देश पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की. उन्होंने इस कठिन समय में यूएई के साथ भारत की एकजुटता भी व्यक्त की.

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, "मैंने यूएई के राष्ट्रपति और मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की. मैंने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया. इन कठिन समय में भारत यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है.”

प्रधानमंत्री ने यूएई के नेतृत्व का आभार भी जताया

उन्होंने यूएई में रह रहे बड़े भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए वहां के नेतृत्व का आभार भी जताया था. पीएम मोदी ने कहा, “यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय का ख्याल रखने के लिए उनका धन्यवाद किया. हम तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं.”

भारत और यूएई के बीच मजबूत रणनीतिक और आर्थिक संबंध हैं. दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों पर घनिष्ठ साझेदारी है. यूएई दुनिया के सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदायों में से एक का घर है, जो दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के रिश्तों को मजबूत करता है.

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