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पुडुचेरी चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज, सीट बंटवारे से पहले ही DMK नेता ने भरा नामांकन
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव को इस बार काफी दिलचस्प और कड़ा मुकाबला माना जा रहा है. यहां गठबंधन की राजनीति अहम भूमिका निभाएगी और नतीजों पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा.
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पुडुचेरी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत अभी अंतिम चरण में है, लेकिन गठबंधन पर सहमति बनने से पहले ही डीएमके नेता ने नामांकन दाखिल कर दिया है.
डीएमके और कांग्रेस पुडुचेरी में साथ मिलकर चुनाव लड़ने को तैयारी
जानकारी के मुताबिक, डीएमके और कांग्रेस पुडुचेरी में एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर सहमति बनी हुई है, लेकिन सीटों के बंटवारे पर बातचीत अभी जारी है और औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है.
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इसी बीच डीएमके के नेता और मौजूदा विधायक एल. संबथ ने मुदलियारपेट विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. उन्होंने साफ किया है कि वे इसी सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं. यह नामांकन पुडुचेरी के पुराने जिला कलेक्टरेट परिसर में स्थित डिप्टी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के कार्यालय में दाखिल किया गया.
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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह डीएमके की एक रणनीतिक चाल है, ताकि चुनावी प्रक्रिया में वह पीछे न रहे और अपनी मजबूत सीटों पर पहले से पकड़ बनाए रखे. अक्सर ऐसे हालात में, जब सीट बंटवारे की बातचीत चल रही होती है, पार्टियां अपनी सुरक्षित सीटों पर पहले ही उम्मीदवार उतार देती हैं.
डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर चल रही है बातचीत
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सूत्रों के अनुसार, डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. दोनों पक्ष आपसी सहमति से फॉर्मूला तय करने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, कुछ महत्वपूर्ण सीटों को लेकर अंतिम समय में मांग और समायोजन के कारण समझौते में देरी हो रही है.
इसके बावजूद, दोनों पार्टियों के नेताओं का कहना है कि गठबंधन पूरी तरह मजबूत है और जल्द ही इसका औपचारिक ऐलान किया जाएगा. उम्मीद जताई जा रही है कि आज ही सीट बंटवारे को अंतिम रूप दिया जा सकता है, जिससे संयुक्त चुनाव प्रचार का रास्ता साफ हो जाएगा.
इस बार पुडुचेरी विधानसभा चुनाव होंगे दिलचस्प
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पुडुचेरी विधानसभा चुनाव को इस बार काफी दिलचस्प और कड़ा मुकाबला माना जा रहा है. यहां गठबंधन की राजनीति अहम भूमिका निभाएगी और नतीजों पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा.
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नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. सभी पार्टियां एक तरफ जहां आपसी बातचीत को अंतिम रूप देने में जुटी हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों को भी तेजी से आगे बढ़ा रही हैं. यहां 9 अप्रैल को चुनाव होना है, वोटों की गिनती 4 मई को होगी.