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सीएम सुक्खु का समोसा-केक खाकर पुलिसवालों ने किया गुनाह, बैठा दी गई CID जांच

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में जो हुआ वो भारतीय राजनीती की हक़ीक़त बयान करता है, दरअसल राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के लिए खासतौर पर मंगवाए गए समोसे और केक गलती से सुरक्षाकर्मियों को परोस दिए गए, इस गलती ने ऐसा बवाल खड़ा कर दिया कि मामला सीआईडी तक पहुंच गया, और इस मामले को एक सरकार विरोधी कृत्य करार दिया, विस्तार से जानिए पूरी ख़बर

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यूं तो समोसा हर गली, नुक्कड़, चाक और चौराहों पर मिल ही जाता है। 5-10 रुपये निकालिए, समोसा लीजिए, चटनी और मिर्ची के साथ चट कर जाइए, आनंद ही आनंद लेकिन ऐसा तभी करना है जब समोसा ख़ुद का हो, वरना दूसरों के समोसे पर नज़र डाली तो समझिए CID, CBI, ED, NIA सबको जांच पर बैठा दिया जाएगा। अरे भई मज़ाक़ नहीं कर रहा हूं, सच बता रहा हूं, फिर भी यक़ीन न हो तो सुनिए सीएम के समोसे वाली सच्ची कथा।

भारत का एक राज्य है हिमाचल प्रदेश, जहां सत्ता में विराजमान है कांग्रेस और शहंशाह है सुखविंदर सिंह सुक्खू, शहंशाह इसलिए क्योंकि जहांपनाह के लिए जो समोसे और केक आए थे उन्हें खाने को मिला नहीं तो CID जांच बैठा दी गई, 5 पुलिस वालों को कारण बताओ नोटिस जारी करके कह दिया गया, बताओ समोसा कैसे ग़ायब हुआ, केक किसने खाया। इतना ही नहीं शाही सल्तनत से ये भी ऐलान कर दिया गया कि, जिसने 5 स्टार होटल से सीएम के लिए आए केक और समोसे खाए हैं, वो सरकार विरोधी है।

हुआ यूं कि, 21 अक्टूबर को सीएम सुक्खू एक कार्यक्रम के लिए CID मुख्यालय पहुंचे थे, उनके स्वागत के लिए शिमला के रेडिसन ब्लू से समोसे और केक मंगवाए गए थे, फाइव स्टार होटल से तीन डिब्बे समोसे और केक लाया गया, लेकिन सीएम साहब को एक रत्ती भर भी केक-समोसा नसीब नहीं हुआ और पूरा का पूरा नाश्ता सुरक्षाकर्मियों के पेट में चला गया।

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फिर क्या था, जांच बैठा दी गई, रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि खाने की चीज़ों की को-ऑर्डिनेशन की कमी के कारण सुरक्षा कर्मचारियों को परोस दी गई थीं।अब बताइए भला, सीएम साहब के लिए समोसे आए थे, भला उसे कोई पुलिसकर्मी कैसे खा सकता है? साहब के समोसे और केक को खाकर अधिकारियों ने गलती की तो, CID विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने लिखा है कि, जांच रिपोर्ट में नामित सभी व्यक्तियों ने CID और सरकार विरोधी तरीके से काम किया है, जिसके कारण ये वस्तुएं अतिविशिष्ट लोगों को नहीं दी जा सकीं, उन्होंने अपने एजेंडे के अनुसार यह काम किया।

बताइए भला, कितना बड़ा सरकार विरोधी काम पुलिसकर्मियों ने कर दिया, सीएम का समोसा खाकर तुर्रमखां बनने चले अधिकारियों को पता होना चाहिए कि शहंशाह जो खाएंगे उनके सुरक्षाकर्मी वो नहीं खा सकते, वो भी फ़ाइव स्टार होटल वाला समोसा, क्योंकि मामला क्लास का है, रुतबे का है, तानाशाही का है।

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फ़िलहाल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का समोसा-केक खाकर गुनाह करने वालों को अब रिपोर्ट सौंपनी है, रिपोर्ट आने के बाद इस गुनाह की सज़ा क्या तय की जाती है उसपर हिमाचल प्रदेश, भारत, यूएन, अमेरिका, रूस, मोदी, ट्रंप, नासा, सबकी नज़रें बनी हुई हैं। तब तक सीएम सुक्खू कह रहे होंगे,अजीब सी हालत है तेरे जाने के बाद,भूख ही नहीं लगती, समोसे ग़ायब होने के बाद।

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