PM मोदी का नया दफ्तर तैयार... साउथ ब्लॉक छोड़ अब इस जगह होगा प्रधानमंत्री कार्यालय, जानें नया एड्रेस
प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द साउथ ब्लॉक से नए सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट हो सकता है. यह सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बना है, जहां पीएमओ के साथ कैबिनेट सचिवालय और NSCS को भी जगह दी गई है.
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देश की सत्ता के सबसे अहम केंद्र प्रधानमंत्री कार्यालय को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दफ्तर अब ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक से हटकर नए सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट हो सकता है. हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सरकारी सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स में इसे लगभग तय माना जा रहा है. अटकलें हैं कि इसी सप्ताह यह बदलाव देखने को मिल सकता है.
अभी तक साउथ ब्लॉक में है कार्यालय
खास बात यह है कि जवाहरलाल नेहरू के दौर से लेकर अब तक सभी प्रधानमंत्रियों ने साउथ ब्लॉक से ही काम किया है. ऐसे में पीएमओ का स्थान बदलना न केवल प्रशासनिक, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति के दिन नए कार्यालय में शिफ्ट हो सकते हैं. हालांकि, तारीख को लेकर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है.
सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत तैयार हुआ ऑफ़िस
सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स दारा शिकोह रोड पर स्थित है और इसे सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत तैयार किया गया है. इस नए कॉम्प्लेक्स में प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय यानी NSCS को भी जगह दी गई है. रिपोर्ट के अनुसार, कैबिनेट सचिवालय सितंबर 2024 में ही सेवा तीर्थ में शिफ्ट हो चुका है. वहीं, NSCS के भी जल्द यहां आने की संभावना जताई जा रही है. सरकारी सूत्रों का कहना है कि नए सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में पीएमओ, कैबिनेट सचिवालय और NSCS के लिए अलग-अलग आधुनिक इमारतें बनाई गई हैं. इससे प्रशासनिक कामकाज में बेहतर तालमेल और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा. इससे पहले कैबिनेट सचिवालय राष्ट्रपति भवन परिसर से काम करता था, जबकि NSCS सरदार पटेल भवन से संचालित होता था. नई पीएमओ बिल्डिंग को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है. सुरक्षा, तकनीक और कार्यक्षमता के लिहाज से इसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. इस पूरे कॉम्प्लेक्स का निर्माण देश की जानी-मानी कंपनी लार्सन एंड टर्बो ने किया है, जिसे साल 2022 में इसका कॉन्ट्रेक्ट दिया गया था.
पहले भी हुए कई बदलाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में नाम और पहचान से जुड़े कई बड़े बदलाव पहले भी देखने को मिले हैं. साल 2016 में उन्होंने अपने सरकारी आवास रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया था. इसके बाद राजपथ को कर्तव्य पथ नाम दिया गया. अब सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बने नए केंद्रीय सचिवालय परिसरों को भी कर्तव्य भवन नाम दिया गया है. पीएमओ का सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट होना इसी सोच की एक और कड़ी माना जा रहा है.
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बताते चलें कि प्रधानमंत्री कार्यालय का स्थान बदलना सिर्फ एक दफ्तर की शिफ्टिंग नहीं है, बल्कि यह देश की प्रशासनिक व्यवस्था को नए दौर के अनुरूप ढालने की दिशा में उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है. आने वाले दिनों में इस बदलाव से जुड़ी आधिकारिक घोषणा और नई जानकारी पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी.
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