CM योगी के नेतृत्व में नए कीर्तिमान रच रहा यूपी, 9 सालों में लगे 242 करोड़ से अधिक पौधे, चीन का रिकॉर्ड तोड़ा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2030 तक प्रदेश के हरित आवरण को 15 प्रतिशत तक लाने का निर्देश दिया है. यह लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब पौधरोपण को जनांदोलन का स्वरूप दिया जा सके. सीएम के विजन को केंद्र में रखते हुए वन विभाग ने गांवों में ग्रीन चौपालों का गठन करने का निर्णय किया और इसके जरिए पर्यावरण संरक्षण में आमजन की भागीदारी भी सुनिश्चित की.

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03 Mar 2026
( Updated: 03 Mar 2026
03:13 PM )
CM योगी के नेतृत्व में नए कीर्तिमान रच रहा यूपी, 9 सालों में लगे 242 करोड़ से अधिक पौधे, चीन का रिकॉर्ड तोड़ा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक तरफ प्रदेश को सर्वोत्तम प्रदेश बनाया तो वहीं यूपी की पहचान ‘हरित प्रदेश’ के रूप में भी बन रही है. 9 वर्ष में यहां 242 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए. उत्तर प्रदेश का वनाच्छादन भी 559.19 वर्ग किमी. बढ़ा है. 

रिकॉर्ड तोड़ पौधरोपण अभियान

पिछले वर्ष सिर्फ एक दिन (9 जुलाई) को ही 37.21 करोड़ पौधे लगाए गए. यही नहीं, रविवार को वाराणसी के सुजाबाद डोमरी क्षेत्र में आयोजित 'वृहद पौधरोपण कार्यक्रम' में मात्र एक घंटे में काशीवासियों ने 2,51,446 पौधों का रोपण किया. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के जज ऋषिनाथ ने महापौर अशोक कुमार तिवारी व नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को प्रमाणपत्र सौंपा. योगी सरकार 2026 में भी 35 करोड़ से अधिक पौधरोपण की तैयारी में जुट गई है. 

जन भागीदारी और ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट

2017 में सत्ता संभालने के बाद सीएम योगी ने खुद यूपी की हरियाली की चिंता की. 5 जून को पर्यावरण दिवस हो या वर्षाकाल में पौधरोपण, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इसकी कमान संभाली. पौधरोपण अभियान के पहले वे खुद कई बार इसकी मीटिंग करते हैं. इसके बाद प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पहुंचकर पौधे भी लगाते हैं. योगी सरकार के प्रयास से 9 वर्ष में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए. इससे यूपी का वनाच्छादन में भी वृद्धि हुई. भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट- 2023 के मुताबिक उत्तर प्रदेश का वनाच्छादन भी 559.19 वर्ग किमी. बढ़ा. योगी सरकार ने 1 से 7 जुलाई 2025 के बीच जन्मे 18,348 बच्चों को ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट और उनके अभिभावकों को लकड़ी, फल व सहजन आदि प्रजातियों के पौधे भी प्रदान किए. एक पेड़ मां के नाम अभियान में सराहनीय कार्य को लेकर पीएम मोदी ने भी बधाई दी थी.

‘योगी के यूपी’ ने विश्व के पर्यावरण मानचित्र पर रविवार को नया इतिहास दर्ज किया. वाराणसी के सुजाबाद डोमरी में आयोजित 'वृहद पौधरोपण कार्यक्रम' में मात्र एक घंटे में काशीवासियों ने 2,51,446 पौधों का रोपण कर चीन के आठ साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया. पीएम मोदी से प्रेरणा लेकर सीएम योगी के कुशल मार्गदर्शन से यह रिकॉर्ड संभव हो सका. सुजाबाद डोमरी के 350 बीघा क्षेत्र में विकसित किए गए इस आधुनिक ‘शहरी वन’ ने आज विश्व पटल पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है. इसके पहले 10 मार्च 2018 को 1,53,981 पौधों का रोपण कर चीन की हेनान प्रांतीय समिति और हेनान शिफांगे ग्रीनिंग इंजीनियरिंग कंपनी ने विश्व रिकॉर्ड बनाया था. 

वर्षाकाल-2026 और भविष्य की तैयारी

यूपी सरकार वर्षाकाल-2026 में भी पौधरोपण की तैयारी में जुट गई है. वन व पर्यावरण विभाग की ओर से 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य प्रस्तावित है. पौधशालाओं, विभागों, जनपदों को आगामी दिनों में तैयारी को लेकर निर्देश दिए गए हैं. हाल में प्रस्तुत किए गए बजट में सामाजिक वानिकी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है. पौधशाला प्रबंधन योजना के लिए 220 करोड़ रुपए और राज्य प्रतिकारात्मक वन रोपण योजना के लिए 189 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित है. 

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2030 तक प्रदेश के हरित आवरण को 15 प्रतिशत तक लाने का निर्देश दिया है. यह लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब पौधरोपण को जनांदोलन का स्वरूप दिया जा सके. सीएम के विजन को केंद्र में रखते हुए वन विभाग ने गांवों में ग्रीन चौपालों का गठन करने का निर्णय किया और इसके जरिए पर्यावरण संरक्षण में आमजन की भागीदारी भी सुनिश्चित की. विभिन्न विभागों के सहयोग से प्रत्येक ग्रामसभा स्तर पर अब तक 15000 से अधिक गांवों में चौपाल का गठन/आयोजन किया जा चुका है. ग्रीन चौपाल ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में हो रही है. इसमें सरकार के सभी वर्गों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं. महीने में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से इसकी बैठक की जा रही रही है.

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