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मिडिल ईस्ट जंग के PM मोदी ने ली CCS की बड़ी बैठक, 40 अहम पेट्रोकैमिकल्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट का ऐलान
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच पीएम मोदी ने सीसीएस बैठक में तैयारियों की समीक्षा की। सरकार ने एलपीजी-एलएनजी सप्लाई के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए हैं और कीमतें स्थिर रखते हुए कालाबाजारी पर सख्ती बढ़ाई है.
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मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 7 लोक कल्याण मार्ग पर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की अहम बैठक की. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच बुलाई गई इस विशेष बैठक में विभिन्न मंत्रालयों की तैयारियों की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. यह इस मुद्दे पर दूसरी उच्चस्तरीय बैठक थी.
ऊर्जा सप्लाई पर फोकस
कैबिनेट सचिव ने जानकारी दी कि पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं. खासकर एलपीजी और एलएनजी अब अलग-अलग देशों से मंगाए जा रहे हैं, ताकि किसी तरह की कमी न हो. साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमतें फिलहाल स्थिर रखी गई हैं और कालाबाजारी व जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई जारी है.
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बिजली और गैस सेक्टर को राहत
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सरकार ने गर्मियों में बिजली की मांग को ध्यान में रखते हुए गैस आधारित बिजली संयंत्रों को कुछ छूट दी है. इसके अलावा थर्मल पावर स्टेशनों तक अधिक कोयला पहुंचाने के लिए भी विशेष कदम उठाए गए हैं. पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है. बैठक में कृषि क्षेत्र की जरूरतों पर भी चर्चा हुई। खाद की उपलब्धता बनाए रखने के लिए यूरिया का उत्पादन जारी रखा गया है, जबकि डीएपी और एनपीके खाद के लिए विदेशों से समन्वय किया जा रहा है. राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी नजर रखें.
कीमतों पर लगातार नजर
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सरकार के मुताबिक पिछले एक महीने में खाद्य वस्तुओं की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. कीमतों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और राज्यों के साथ लगातार संपर्क रखा जा रहा है. सब्जियों, फलों और अन्य जरूरी सामान की कीमतों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है. ऊर्जा, खाद और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार वैश्विक स्तर पर नए स्रोत तलाश रही है. इसके साथ ही समुद्री मार्गों की सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों को भी तेज किया गया है, ताकि सप्लाई चेन प्रभावित न हो.
PM मोदी ने दिया अहम निर्देश
प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि इस वैश्विक संकट का असर आम नागरिकों पर नहीं पड़ना चाहिए. उन्होंने जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया. बैठक के अंत में प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिए कि वे स्थिति पर लगातार नजर रखें और प्रभावित क्षेत्रों व लोगों की समस्याओं को कम करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएं.
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30 जून तक सीमा शुल्क में पूरी छूट
पीएम मोदी की सीसीएस की बैठक के बाद वित्त मंत्रालय के फैसले के तहत 30 जून 2026 तक प्रमुख पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर पूर्ण सीमा शुल्क छूट दी जाएगी, जिससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को राहत मिलने की उम्मीद है. सरकार ने अहम पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी हटाने का निर्णय लिया है, ताकि कच्चे माल की उपलब्धता बनी रहे और उद्योगों पर लागत का दबाव कम हो. यह फैसला खास तौर पर वैश्विक सप्लाई में आई रुकावटों को ध्यान में रखकर लिया गया है. इस छूट का सबसे ज्यादा लाभ प्लास्टिक, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, फार्मा, केमिकल और ऑटो सेक्टर को मिलने की संभावना है. ये सभी उद्योग पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक पर निर्भर हैं, ऐसे में इनकी उत्पादन लागत कम हो सकती है और सप्लाई चेन में सुधार आएगा. सरकार के इस कदम का असर अंतिम उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है. लागत घटने से तैयार उत्पादों की कीमतों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे बाजार में महंगाई का दबाव कुछ कम हो सकता है.
पहले भी उठाए गए थे राहत के कदम
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इससे पहले सरकार पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर चुकी है, ताकि तेल कंपनियों पर कीमतें बढ़ाने का दबाव कम रहे. हालांकि, एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल के समय में बढ़ोतरी देखी गई है, खासकर कमर्शियल सिलेंडरों के दाम कई बार बढ़ चुके हैं.
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बताते चलें कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सरकार हालात पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है. पीएम मोदी के निर्देश के बाद स्पष्ट है कि आम लोगों पर किसी भी तरह का असर न पड़े, इसके लिए हर स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. आने वाले दिनों में सरकार की रणनीति और कदम हालात के अनुसार तय होंगे.