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'पाकिस्तान दलाल है, हम नहीं...', सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर की ईरान-इजरायल जंग में मध्यस्थता पर दो टूक
मध्य पूर्व में जारी तनाव को लेकर बुधवार को सरकार ने संसद भवन में सर्वदलीय बैठक बुलाई. इसमें विपक्ष ने जैसे ही पाकिस्तान द्वारा ईरान-अमेरिका-इजराल जंग में मध्यस्थता को लेकर जैसे ही सवाल पूछा, विदेश मंत्री ने दो टूक कहा कि भारत पाक की तरह दलाली नहीं करता है.
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खाड़ी में जंग और होर्मुज संकट के मद्देनज़र देश में पैदा हुए हालात को लेकर केंद्र की मोदी सरकार ने बीती शाम सर्वदलीय बैठक बुलाई. संसद में हुई मीटिंग में तमाम दलों के सवालों और चिंताओं पर ना सिर्फ चर्चा हुई, बल्कि सरकार ने विस्तृत ब्रीफिंग भी दी. इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को लेकर हुए सवाल पर सख्त रुख अपनाया और कहा कि भारत पाकिस्तान जैसा दलाल देश नहीं है और हम किसी के लिए भी मध्यस्थता नहीं करते.
कांग्रेस सांसद को विदेश मंत्री का जवाब!
समाचार एजेंसी PTI के हवाले से सामने आई खबर के मुताबिक विदेश मंत्री ने कांग्रेस सासंद तारिक अनवर के एक सवाल के जवाब में ये बातें कहीं. अनवर ने सरकार को घेरते हुए पूछा था कि एक ओर पाकिस्तान मध्यस्थता करा रहा है, वहीं भारत मूकदर्शक बना हुआ है.
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आपको बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बुलाई गई इस बैठक में करीब 2 घंटे देश में तेल और गैस की उपलब्धता पर चर्चा हुई. इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने मीडिल ईस्ट में जंग के मुद्दे पर भारत की चुप्पी पर सवाल उठाया. वहीं रक्षा मंत्री ने सरकार की ओर से कहा कि भारत लगातार पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है.
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सरकार ने विपक्षी दलों को जानकारी दी कि पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि युद्ध जल्द से जल्द खत्म होना चाहिए, इससे सभी पक्षों को भारी परेशानी हो रही है, जान और माल की बहुत नुकसान हो रहा है. खबर के मुताबिक विपक्ष ने सरकार के जवाबों से असंतोष जताते हुए संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की.
सर्वदलीय बैठक से क्या निकलकर आया सामने?
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- केंद्र सरकार ने साफ किया कि संघर्ष के बावजूद भारत में स्थिति पूर्ण नियंत्रण में, देश में कच्चा तेल, LPG और अन्य जरूरी सप्लाई पर्याप्त.
- विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेजेंटेशन दिया, विदेश मंत्री और पेट्रोलियम मंत्री गैस-तेल की सप्लाई सामान्य रहने की जानकारी दी.
- सरकार ने विपक्ष को बताया कि भारत की मजबूत रिफाइनिंग क्षमता के कारण सप्लाई प्रभावित नहीं हुई.
- अब तक 4 शिपमेंट आ चुकी हैं, आगे भी सप्लाई जारी रहने की उम्मीद जताई गई.
- ईरान ने 5 दिन बाद सप्लाई रूट फिर खोले, इसे सकारात्मक संकेत बताया गया.
- भारत सभी देशों के संपर्क में और सक्रिय कूटनीति जारी है, सप्लाई लाइन चालू रहना भारत की कूटनीतिक सफलता.
- भारतीयों की सुरक्षा के लिए दूतावास अलर्ट हैं, जरूरत पड़ने पर भारतीयों को निकालने की पूरी तैयारी है.
सर्वदलीय बैठक के बाद क्या बोले किरेन रिजिजू?
आपको बताएं कि सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मैंने विपक्ष और सरकार की तरफ से दिए गए सभी सुझावों को डिटेल में सुना है, सभी सवाल और सभी कन्फ्यूजन, जो कुछ भी था, सरकार ने उन सभी को साफ-साफ समझाया और विपक्ष ने मीटिंग के आखिर में कहा, जो बहुत जरूरी है कि वे इस ऑल पार्टी मीटिंग को बुलाने के लिए सरकार को धन्यवाद देते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मुश्किल हालात में हम सभी को एक साथ खड़ा होना होगा.
सप्लाई आने से विपक्षी सदस्य खुश!
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किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि कई सदस्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गैस और पेट्रोलियम सप्लाई की डिटेल्स जानना चाहते थे. और वे सभी इस बात से संतुष्ट थे कि भारत पहले ही चार जहाज लाने में सफल रहा. इसलिए विपक्षी सदस्य सरकार की कोशिशों से संतुष्ट थे.
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि हमारी पुरानी मांग है कि इस पूरे मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा में बहस होनी चाहिए. तभी लोग संतुष्ट होंगे. हमने उनकी बात सुनी है, लेकिन कई ऐसे मुद्दे थे जिन पर उनका जवाब संतोषजनक नहीं था. उन्होंने कहा कि सरकार कुछ नहीं कह रही है. सरकार के कुछ कहने से क्या होगा? लेकिन, असलियत यह है कि जंग चल रही है. और पाकिस्तान, जो हमसे छोटा देश है और हर तरह से हमसे कमजोर है, आज मीडिएटर बन रहा है और मीडिएटर का रोल निभा रहा है.
सर्वदलीय बैठक में किसने क्या कहा?
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ऑल पार्टी मीटिंग पर समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि मीटिंग में बहुत सारे जरूरी सवाल थे, जो सभी विपक्ष की तरफ से आए थे. लेकिन इस मौके पर मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि लोकसभा में आर्टिकल 193 और राज्यसभा में आर्टिकल 176 पर जो चर्चा हो, अगर वो चर्चा होती है, तो उस चर्चा से पूरे देश के सामने चीजें साफ हो जाएंगी.
सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि सरकार विपक्ष को भरोसा दिला रही है कि सब कुछ सुरक्षित है, तेल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, एलएनजी, एलपीजी, वगैरह की सप्लाई काफी है. जहाजों के आसानी से चलने के लिए ईरान की तरफ से बातचीत हुई है और यह हो भी रही है. सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया कि भारत सरकार सभी देशों और स्टेकहोल्डर्स से बात करने में प्रोएक्टिव कदम उठा रही है और सरकार चाहती है कि युद्ध जल्द खत्म हो.
राहुल गांधी के मीटिंग में ना आने पर बवाल!
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लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ऑल-पार्टी मीटिंग में न आने पर भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि यह राहुल गांधी की आदत है. हमने हमेशा लोकसभा में देखा है कि वह कोई भी टॉपिक उठाते हैं और भाग जाते हैं. मिडिल ईस्ट में जब ऑल-पार्टी मीटिंग बुलाई गई थी, तब भी यही हुआ था. जब सरकार अपनी बात समझाने आई, तो न तो टीएमसी और न ही राहुल गांधी मौजूद थे. दोनों ही नॉन-सीरियस लोग हैं. राहुल गांधी को पॉलिटिक्स में कोई इंटरेस्ट नहीं है. उन्हें देश में कोई इंटरेस्ट नहीं है.
TMC भी रही मीटिंग से गायब!
केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा कि टीएमसी डरी हुई है. यह भी मुमकिन नहीं है कि टीएमसी इतने बड़े इवेंट में हिस्सा ले. उनकी नीयत और पॉलिसी खराब है. अब इस मुश्किल हालात में सबको साथ आना चाहिए, लेकिन वे नहीं आ रहे हैं.
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बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि आप देखिए ऑल पार्टी मीटिंग में सीनियर मिनिस्टर और फ्लोर लीडरशिप के मेंबर थे. तीन या चार एरिया थे, जिन पर बातचीत हुई. एक एनर्जी की अवेलेबिलिटी के बारे में था. दूसरा जियोपॉलिटिक्स के बारे में था. तीसरा डिप्लोमैटिक इनिशिएटिव के बारे में था और चौथा इस देश के लोगों के लिए तेल, क्रूड और एलएनजी वगैरह की बेसिक सप्लाई की अवेलेबिलिटी के बारे में था.