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कुछ ही घंटो में पलट गया पाकिस्तान… पहले की ट्रंप के लिए नोबल पुरस्कार की मांग, अब दे डाली नसीहत
ट्रंप को नोबल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करने की सिफारिश कर रहा पाकिस्तान आज फिर पलट गया. पाक विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है. पाकिस्तान ने दो टूक शब्दों में कहा- इससे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ सकता है, जिससे हम बेहद चिंतित महसूस कर रहे हैं.
भारत-पाक जंग के सीजफायर के बाद पाकिस्तान कुछ दिनों से अमेरिका के गुणगान करता नजर आ रहा था. व्हाइट हाउस में पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ लंच किया. इसके बाद ट्रंप को खुश करने के चक्कर में मुनीर ने उन्हें नोबल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करने तक की सिफारिश कर डाली. इस मांग की पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी समर्थन किया. पर कुछ ही घंटो बाद वक्त और जज्बातदोनों बदल गए और पाकिस्तान में अपना रंग दिखा दिया. ट्रंप के लिए नोबल प्रइज की मांग करने वाला पाक और अमेरिका के ईरान पर हमले की निंदा करने लगा. पाकिस्तान का ये बयान साफतौर पर ईरान के लिए सम्र्थन दिखा रहा है.
पाकिस्तान ने क्या कहा?
बता दें कि अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला कर उसे तबाह कर दिया. इस पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है. पाकिस्तान ने दो टूक शब्दों में कहा- इससे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ सकता है, जिससे हम बेहद चिंतित महसूस कर रहे हैं.
‘ईरान को रक्षा का अधिकार’
बता दें कि पाकिस्तान और ईरान 900 किलोमीटर की सीमा साझा करते हैं. पाकिस्तान ने कहा, "अमेरिका ने इस हमले से अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है. संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुसार ईरान को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है."
टेंशन में पाकिस्तान
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान के खिलाफ की जा रही कार्रवाई हिंसा और चिंता को जन्म दे रही है. इससे हम बेहद परेशान हैं. अगर यह तनाव और बढ़ा तो इसके नुकसानदायक परिणाम पूरे क्षेत्र में देखने को मिल सकते हैं.
बातचीत का दिया सुझाव
पाकिस्तान ने ईरान, इजरायल और अमेरिका को बातचीत से मसले का हाल निकालने का सुझाव दिया है. पाक विदेश मंत्रालय ने कहा, "बातचीत और कूटनीति की मदद से इस तनाव का हल निकालने पर जोर दिया जाना चाहिए."
ट्रंप को नोबल पुरस्कार देने की मांग की थी
बता दें कि शनिवार को पाकिस्तान सरकार की तरफ से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम नोबल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करने की अपील की गई थी. पाक सरकार का यह बयान ठीक असीम मुनीर के अमेरिका दौरे के तीन दिन बाद सामने आया था. लेकिन अब एक बार फिर अपने बयान से मुकरकर पाकिस्तान ने साफ कर दिया कि वो अमेरिका ईरान जंग में वो ईरान के साथ हैं.
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