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Sambhal मस्जिद मामले में Owaisi दे रहे थे Worship Act की दुहाई Vishnu Shankar Jain ने दिया गजब जवाब !

Sambhal की विवादित Masjid के सर्वे पर भड़के ओवैसी दिला रहे थे Worship Act 1991 की याद फिर देखिये सनातनी वकील विष्णु शंकर जैन कैसे मुंहतोड़ जवाब दिया !

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जब जब अयोध्या। काशी। मथुरा की बात उठी है। सबसे ज्यादा परेशानी हैदराबादी सांसद असदुद्दीन ओवैसी को हुई है। और हर बार वही पुराना घिसा पिटा तर्क देते रहते हैं कि भारत में वर्शिप एक्ट 1991 है। इसलिये भले ही मुगलों ने मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनवाई हो। उसे तोड़ कर दोबारा मंदिर नहीं बनाया जा सकता। लेकिन इसके बावजूद अदालत के रास्ते अयोध्या का विवाद निपटा और वहां भव्य राम मंदिर बन कर तैयार हो गया। और अब जब एक बार फिर संभल की विवादित मस्जिद का मसला उठा तो। यही ओवैसी फिर लगे वर्शिप एक्ट 1991 का ज्ञान देने। लेकिन ये बात शायद ओवैसी भूल गये थे कि उनका पाला सनातनी वकील विष्णु शंकर जैन से पड़ा है जिन्होंने संभल मसले पर ओवैसी की बखिया उधेड़ कर रख दी।


दरअसल नब्बे के दशक में जब राम मंदिर आंदोलन चरम पर था। और श्रीरामजन्मभूमि अयोध्या में स्थित विवादित ढांचे के खिलाफ हिंदुओं का गुस्सा बढ़ता जा रहा था । तभी तत्कालीन कांग्रेस सरकार पूजा स्थल कानून यानि वर्शिप एक्ट 1991 लेकर आई। जिसके मुताबिक 15 अगस्त 1947 से पहले अस्तित्व में आए किसी भी धर्म के पूजा स्थल को किसी दूसरे धर्म के पूजा स्थल में नहीं बदला जा सकता। और अब कांग्रेसी राज में आए इसी कानून के दम पर ओवैसी एक बार फिर संभल की विवादित मस्जिद के सर्वे पर सवाल उठा रहे हैं।

एक निजी चैनल को दिये इंटरव्यू में असदुद्दीन ओवैसी ने संभल की विवादित मस्जिद के मुद्दे पर वर्शिप एक्ट की याद दिलाते हुए कहने लगे। "सेक्शन थ्री, सेक्शन फोर पढ़ लीजिये, क्या करना चाह रहे हैं आप सर्वे करवा कर, क्या करना चाह रहे हैं आप खुदाई कराकर, जब सेक्शन थ्री और फोर में हमने कह दिया कि 15 अगस्त 1947 को जिस किसी समुदाय का धार्मिक स्थल होगा उसका ना तो कन्वर्जन होगा ना ही उसका कैरेक्टर चेंज किया जाएगा तो फिर सर्वे किस बुनियाद पर किया जाएगा"

ओवैसी ने वर्शिप एक्ट के बहाने संभल की विवादित मस्जिद के सर्वे का विरोध किया तो संभल मामले में वकील विष्णु शंकर जैन ने भी मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा कि। "पहली बात ये तथ्यात्मक रूप से गलत है, उन्होंने कहा कि खुदाई हो रही है, मुझे ये बताएं कोर्ट ने खुदाई का आदेश कहां दिया मैं अभी डिबेट खत्म कर दूंगा और माफी भी मांगूंगा, ज्ञानवापी में आदेश जो था हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट ने मोडिफाई कर दिया, मथुरा, श्रीकृष्ण जन्मभूमि में खुदाई का कोई ऑर्डर नहीं है, भोजशाला में खुदाई का कोई ऑर्डर नहीं है, आप क्या बोलना चाह रहे हो, आप सिर्फ अफवाह फैला रहे हो, बैरिस्टर हो ना आप मुझे बताओ खुदाई का ऑर्डर कहां है"

विष्णु शंकर जैन यहीं नहीं रुके। ओवैसी ने वर्शिप एक्ट की जिस सेक्शन थ्री और फोर का जिक्र करते हुए संभल मस्जिद के सर्वे का विरोध कर रहे थे। विष्णु शंकर जैन ने उस सेक्शन पर भी ओवैसी को मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा। "सर हम भी यही कह रहे हैं और बहुत विनम्र निवेदन कर रहे हैं सेक्शन 4 सब क्लॉज 3 पढ़ लीजिये जिसमें लिखा हुआ है प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट वहां पर लागू नहीं होगा जो ASI द्वारा संरक्षित स्मारक है और ASI ने स्मारक को 1920 में ही नोटिफाई किया था तो यहां पर प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट लागू ही नहीं होता है, ASI ने तो खुद कोर्ट में हलफनामा देकर कहा है कि हम ही वहां नहीं घुस पा रहे हैं, ऐसा कौन सा मोनुमेंट है जो ASI द्वारा संरक्षित है और ASI ही वहां कब्जे में नहीं है जवाब नहीं होगा मैं गारंटी के साथ कह सकता हूं "

हिंदुओं के मंदिरों के लिए कानूनी लड़ रहे विष्णु शंकर जैन। संभल की विवादित मस्जिद मामले में भी पक्षकार हैं। यही वजह है कि ओवैसी को सबसे ज्यादा दिक्कत विष्णु शंकर जैन से हैं। जो हिंदुओं के लिए लड़ने के साथ ही ओवैसी को मुंहतोड़ जवाब देना भी जानते हैं। यही वजह है कि कुछ ही दिनों पहले जब ओवैसी ने कहा था कि कल कोई मुस्लिम कह देगा कि फलां मंदिर के नीचे मस्जिद है तब क्या होगा? जिस पर विष्णु शंकर जैन ने भी पलटवार करते हुए कहा था कि इस देश में किसी की भी जमीन और किसी भी धर्म स्थल पर दावा करने का अधिकार सिर्फ वक्फ बोर्ड को है, अगर आप अपने धर्म स्थल पर अपना दावा करते हैं तो आप सांप्रदायिक हैं।
ऐसे तेज तर्रार वकील ने अब जिस तरह से संभल मस्जिद विवाद पर ओवैसी की बोलती बंद की है।


 

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