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‘हमारे बाप का नाम बाला साहेब ठाकरे है…’ बागियों को संजय राउत की सीधी चेतावनी, क्या एक्शन लेगी शिवसेना? खुद बताया
संजय राउत ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें सबक सिखाया जाएगा, चाहे इसके लिए उन्हें जेल ही क्यों न जाना पड़े.
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शिवसेना UBT (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) पार्टी में एक बार फिर बड़ी टूट होने जा रही है. बताया जा रहा है उद्धव गुट के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है. 3 दिन से चल रही सुगबुगाहट के बाद ये बगावत उस वक्त खुलकर सामने आई जब दिल्ली में हुई बैठक में महज 3 सांसद पहुंचे.
सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना UBT के 6 सांसद एकनाथ शिंदे वाले शिवसेना के साथ जाने की तैयारी कर रहे हैं. उद्धव गुट के प्रवक्ता संजय राउत ने दावा किया कि हमारे सांसदों को किडनैप किया गया ताकि वे बैठक में न पहुंच सकें. संजय राउत ने कहा,
‘बागी सांसदों को 50-50 करोड़ रुपए ऑफर हुए हैं. मेरे पास जानकारी है कि सांसदों को 15-15 करोड़ रुपए पहुंचा दिए गए हैं और उन्हें 3 चार्टड विमानों से दिल्ली लाया गया.’
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संजय राउत ने दी चेतावनी
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संजय राउत ने यह भी कहा कि एक बार शिवसेना को तोड़ा जा चुका है, लेकिन अब दोबारा ऐसा करके दिखाएं. उन्होंने कहा, ‘हमारे बाप का नाम बाला साहेब ठाकरे है, हम डरने वाले नहीं हैं.’ राउत ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें सबक सिखाया जाएगा, चाहे इसके लिए उन्हें जेल ही क्यों न जाना पड़े. उन्होंने कहा कि ED और CBI की धमकियों से शिवसेना नहीं डरती क्योंकि वे पहले भी जेल जा चुके हैं.
दरअसल, पार्टी ने व्हिप जारी कर सभी सांसदों को दिल्ली वाली बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए थे लेकिन इसमें केवल 3 सांसद ही पहुंचे.
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शिवसेना UBT के सभी 9 सांसद कौन हैं और किसने की बगावत?
- अरविंद सांवत
- अनिल देसाई
- राजाभाऊ वाजे
- भाऊसाहेब वाकचौरे
- नागेश पाटिल
- संजय दीना पाटिल
- संजय हरिभाऊ
- ओमप्रकाश राजे
- संजय देशमुख
इनमें से 6 सांसद बागी रुख अपना चुके हैं, जो भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल, संजय दीना पाटिल, संजय हरिभाऊ, ओमप्रकाश राजे, संजय देशमुख हैं. दावा किया जा रहा है इन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को शिंदे गुट में विलय के लिए चिट्ठी भेजी है.
बागी सांसदों पर क्या एक्शन लेंगे उद्धव ठाकरे?
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सांसदों के शिंदे गुट में विलय को लेकर अभी तक स्पीकर ओम बिरला की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है. वहीं, UBT गुट के नेताओं ने विलय की खबरों को खारिज किया है, लेकिन पार्टी बैठक में उनके नदारद रहने पर एक्शन की बात की. शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता अनिल देसाई ने पार्टी की संसदीय बैठक में गैरमौजूद रहने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि जो सांसद बैठक में शामिल नहीं हुए, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा.
उन्होंने बताया, पार्टी ने पहले से ही बैठक की जानकारी और व्हिप जारी कर मौजूद रहने के निर्देश दिए थे. इसके बावजूद सांसदों का नहीं आना पार्टी विरोधी गतिविधि माना जाएगा. उन्होंने कहा कि संबंधित सांसदों से जवाब मांगा जाएगा कि सूचना और व्हिप के बावजूद वे बैठक में क्यों नहीं पहुंचे. देसाई ने दावा किया कि व्हिप पूरी तरह कानून और नियमों के तहत जारी किया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल पार्टी में कोई टूट नहीं हुई है और न ही कोई अलग गुट अस्तित्व में आया है.
#WATCH | Delhi: Shiv Sena (UBT) MP Anil Desai leaves after parliamentary party meeting.
When asked if notice will be issued to absent MPs, he says, "We will issue notice..." pic.twitter.com/igrLwoM3u3Advertisement
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शिवसेना उद्धव गुट में टूट की खबर ऐसे समय में आ रही है जब बंगाल में TMC के 20 से ज्यादा सांसदों ने पाला बदलकर NCPI में विलय कर लिया. इसके साथ ही बंगाल में TMC विधायकों ने भी बगावती तेवर अपनाते हुए ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में अपना अलग गुट बना लिया.