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'अब नियम नहीं, बदलेगी पूरी नीति...', PM मोदी ने बताया बेरोजगारी दूर करने का नया फॉर्मूला, लाइसेंस राज पर बोला बड़ा हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार सिर्फ नियम नहीं बदल रही, बल्कि पूरी नीति में सुधार कर रही है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्थिरता और नीतिगत निरंतरता के चलते दुनिया भारत को विकास के उज्ज्वल केंद्र के रूप में देख रही है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार सिर्फ नियमों में बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमों से जुड़ी पूरी सोच और नीति में परिवर्तन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक विकास दर को बनाए रखने और शासन व्यवस्था को आसान बनाने के लिए सरकार अगली पीढ़ी के सुधारों पर तेजी से काम कर रही है. पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सरकार कारोबार से लेकर तकनीक और आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों तक व्यवस्था को सरल बनाने पर जोर दे रही है.
विकास के लिए जरूरी है नीतियों में निरंतरता
हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के पास राजनीतिक स्थिरता और नीतियों में निरंतरता है. उनके मुताबिक, दुनिया इस समय आर्थिक विकास को लेकर कई चुनौतियों से गुजर रही है. संसाधनों का इस्तेमाल दबाव बनाने के साधन के तौर पर भी किया जा रहा है, लेकिन इन परिस्थितियों के बीच आज भारत को दुनिया विकास के एक मजबूत और उज्ज्वल केंद्र के तौर पर देख रही है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों की नीतियों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पहले ऐसी व्यवस्था थी, जिसमें लोगों को अभाव की स्थिति में रखा जाता था और बुनियादी जरूरतों के लिए भी उन्हें सरकार पर निर्भर रहना पड़ता था. मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य लोगों को अवसर देना और व्यवस्था में अनावश्यक रुकावटों को कम करना है. पीएम मोदी की ये बातें इस बात का संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में कई मुद्दों से जुड़े नीतियों में बड़ा बदलाव दिख सकता है.
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लाइसेंस राज बने अवसरों में बाधक
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पीएम मोदी ने लाइसेंस राज का जिक्र करते हुए कहा कि इस व्यवस्था ने बेरोजगारी की समस्या को बढ़ाने में भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि सरकार अब ऐसी व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जिसमें लोगों और कारोबार को बेवजह अनुमति और कागजी प्रक्रिया में न उलझना पड़े. प्रधानमंत्री ने साफ किया कि जिस काम पर कानून के तहत स्पष्ट रोक नहीं है, उसके लिए अलग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होनी चाहिए. सरकार का जोर इसी सोच के साथ शासन को सरल बनाने और लोगों की जिंदगी में सुविधा बढ़ाने पर है. पीएम मोदी का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है.
अंतरिक्ष स्टार्टअप को सरकार का भरोसा
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प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरिक्ष क्षेत्र में काम कर रहे 20 स्टार्टअप के सीईओ और संस्थापकों से भी बातचीत की. उन्होंने युवा अंतरिक्ष उद्यमियों को सरकार के पूर्ण समर्थन का भरोसा दिया और तकनीक को आम लोगों की जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया. पीएम मोदी ने स्टार्टअप से कहा कि अंतरिक्ष तकनीक का इस्तेमाल कृषि, पशुधन प्रबंधन, डेयरी, पर्यावरण और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े क्षेत्रों में बढ़ाया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि भारत का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र देश की बड़ी ताकत बन सकता है. इसके लिए ऐसा माहौल तैयार करने की जरूरत है, जहां दुनिया अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की ओर उम्मीद के साथ देखे. प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष मलबे की समस्या का भी जिक्र किया. उन्होंने सुझाव दिया कि इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियां पर्यावरण संगठनों के साथ मिलकर अपनी तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा सकती हैं.
छोटे बदलाव, बड़ा असर
पीएम मोदी ने भारतीय रेलवे, दिल्ली मेट्रो और नमो रैपिड रेल में किए गए बदलावों को उदाहरण के तौर पर सामने रखा. उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे सुधार भी समय के साथ बड़ी तस्वीर बदल सकते हैं. उन्होंने मैपिंग व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भारत का नक्शा तैयार करने के लिए भी अनुमति की जरूरत होती थी, जबकि विदेशी उपग्रह भारत की मैपिंग कर सकते थे. सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव किया है. इसके साथ ही सीमा से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का दावा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों की तस्वीर भी बदली है.
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बहरहाल, पीएम मोदी के बयान का केंद्र यही रहा कि विकास केवल बड़े फैसलों से नहीं, बल्कि व्यवस्था में किए गए लगातार छोटे और व्यावहारिक सुधारों से भी गति पकड़ता है. सरकार अब इसी सोच को अगली पीढ़ी के सुधारों के जरिए आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है.