Advertisement
Loading Ad...
Loading Ad...
लालू यादव को नीतीश ने भेजा जवाब, तेजस्वी से की मुलाकात, क्या बिहार में खेला तय है?
लालू यादव का सीएम नीतीश को साथ आने का ऑफर देने के बीच राजभवन से नीतीश और तेजस्वी की मुलाकात की एक तस्वीर सामने आई है, इसमें तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री को हाथ जोड़कर प्रणाम करते दिख रहे हैं, जैसे ही तेजस्वी मुस्कुराते हुए हाथ जोड़ते हैं वैसे ही मुख्यमंत्री उनके कंधे पर हाथ रखकर आशीर्वाद देते हैं, साथ ही लालू यादव के ऑफ़र पर जवाब भी दिया, विस्तार से जानिए पूरा मामला
Advertisement
Loading Ad...
जनवरी का महीना हो और बिहार की सियासत हो तो इससे अच्छा कॉबिनेशन शायद ही ढूंढने को मिले, अभी पिछले साल की ही बात है 28 जनवरी को नीतीश ने RJD का साथ छोड़कर NDA का दामन थामा था, लेकिन भी एक साल पूरा भी नहीं हुआ बिहार में फिर से सियासी जंग शुरु हो गई है और नीतीश कुमार के लिए RJD ने एक बार फिर से दरवाज़े खोल दिए है और लालू प्रसाद यादव ने इसी बीच नीतीश को फिर से बुलावा भेज दिया है, जिसका जवाब भी नीतीश कुमार ने दे दिया।
बिहार में ठंड के मौसम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर सियासी अटकलों का बाजार गर्म है, RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने ऑफर देकर इस सियासी उठापटक को और तेज कर दिया है। " लालू यादव, RJD, प्रमुख। उनके दरवाजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए खुले हैं और वह चाहें तो साथ आ सकते हैं, नीतीश कुमार भले ही भाग जाते हैं लेकिन हमने उन्हें माफ कर दिया है"
लालू यादव का CM नीतीश को साथ आने का ऑफर देने के बीच राजभवन से नीतीश और तेजस्वी की मुलाकात की एक तस्वीर सामने आई है, जिसने अटकलबाजियों को और तेज़ कर दिया, तस्वीर में तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री को हाथ जोड़कर प्रणाम करते दिख रहे हैं, इस दौराना जैसे ही तेजस्वी मुस्कुराते हुए हाथ जोड़ते हैं वैसे ही मुख्यमंत्री उनके कंधे पर हाथ रखकर आशीर्वाद देते हैं, तो क्या इस एक मुलाक़ात और मुस्कुराहट के साथ हुई मुलाक़ात ने बिहार में खेला कंफर्म कर दिया ये बड़ा सवाल है, इस बीच तेजस्वी यादव ने पिता लालू यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुओ बड़ी बात कह दी।
लालू के ऑफ़र, तेजस्वी से मुलाक़ात के बाद सबकी नज़रें नीतीश पर टिकी थी की आख़िर उनका क्या स्टैंड होगा, उन्होंने इन सारे सवाल का जवाब भी दिया और बता दिया कि क्या करने जा रहें, सीएम नीतीश कुमार ने, उन्होंने लालू यादव के ऑफ़र पर कहा वो क्या बोल रहे हैं, छोड़िये न, इन सब बातों का कोई मतलब नहीं है।
फ़िलहाल नीतीश सबके है ये बात फिर से शुरु हो गई है, तो देखना दिलचस्प होगा कि, लालू के ऑफ़र, तेजस्वी से मुलाक़ात के बाद इस जनवरी में नीतीश अपने राजनीतिक भविष्य में क्या कुछ फ़ैसला करते हैं ।
Advertisement
Loading Ad...
यह भी पढ़ें
Loading Ad...
Loading Ad...