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बिहार चुनाव से पहले नीतीश कैबिनेट का बड़ा फैसला, DA में 3% बढ़ोतरी, छात्रवृति भी हुई दोगुनी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट ने 129 एजेंडों पर मुहर लगाई, कर्मचारियों का DA 55 से 58 प्रतिशत हुआ, छात्रों के लिए तीन अरब की छात्रवृत्ति स्वीकृत हुई.

बिहार में DA बढ़ोतरी से 5 लाख से अधिक कर्मचारियों को लाभ होगा, जबकि छात्रवृत्ति से ग्रामीण शिक्षा मजबूत बनेगी. महंगाई भत्ते को 55% से बढ़ाकर 58% करने का फैसला जुलाई से लागू होगा, जिससे कर्मचारियों के खाते में औसतन 3-4 हजार रुपये अतिरिक्त आएंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की अहम बैठक में कुल 129 एजेंडों पर मुहर लगाई गई. इस बैठक में राज्यकर्मियों और छात्रों दोनों के लिए बड़े फैसले लिए गए. जिससे लाखों लोगों को सीधा लाभ पहुंचेगा.

नीतीश कैबिनेट ने 3 प्रतिशत बढ़ाया DA 

राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा तोहफा देते हुए महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) में वृद्धि को मंजूरी दे दी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, महंगाई भत्ते को 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया गया है. कर्मचारियों के लिए यह बढ़ोतरी उनकी वित्तीय स्थिति को मजबूती प्रदान करेगी. यह फैसला दर्शाता है कि सरकार अपने कर्मियों के हितों के प्रति संजीदा है.

बिहार सरकार ने राज्य के स्कूली छात्रों को बड़ी सौगात दी है. शिक्षा विभाग के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है. जिसके तहत ‘मुख्यमंत्री बालक बालिका योजना’ के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति की राशि को दोगुना कर दिया गया है. इस फैसले से राज्य के सभी कोटि (वर्ग) के छात्र-छात्राओं को बढ़ी हुई राशि का सीधा लाभ मिलेगा.

कैबिनेट ने शिक्षा के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. राज्य के राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति (Scholarship) के लिए तीन अरब रुपये ($300 करोड़) की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. यह राशि सरकारी स्कूलों के बच्चों को उनकी शिक्षा जारी रखने में मदद करेगी और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करेगी. शिक्षा के लिए इतनी बड़ी राशि की स्वीकृति से स्पष्ट है कि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों के कल्याण को प्राथमिकता दे रही है.

छात्रों के लिए बढ़ाई गई स्कॉलरशिप राशि 

क्लास 1 से 4 तक की स्कॉलरशिप 600 से बढ़ाकर ₹1200, क्लास 5 से 6 की 1200 से बढ़ाकर ₹2400, क्लास 7-8 की 1800 से बढ़ाकर ₹3600 और क्लास 9-10 की 1800 से बढ़ाकर ₹3600 कर दी गई है. स्कॉलरशिप के लिए तीन अरब रुपए की स्वीकृति दी गई है. राज्य के शहरी क्षेत्र में टीकाकरण अभियान के लिए संविदा पर नियोजित एएनएम कर्मियों का मानदेय 11500 से बढ़ाकर ₹15000 किया गया है और इसके साथ ही 5% वार्षिक मानदेय वृद्धि की भी स्वीकृति दी गई है.

बिहार के 20 से 25 वर्ष के आयु वर्ग के स्नातक युवाओं को रोजगार तलाशने के लिए ₹1000 प्रति माह की दर से 2 वर्ष तक स्वयं सहायता भत्ता देने की स्वीकृति दी गई है. 1 जनवरी 2024 या उसके पश्चात नामांकित सभी नए अधिवक्ताओं को 3 वर्ष तक ₹5000 प्रति माह की दर से स्टाइपेंड देने और राज्य के अधिवक्ता संघ को ई-लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए ₹500000 की सहायता देने के साथ-साथ बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को सहायता हेतु एकमुश्त 30 करोड़ रुपए की राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है.

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अधिकतम चार लाख रुपए का शिक्षा ऋण सभी आवेदकों को बिना ब्याज के देने और ₹200000 तक के ऋण को अधिकतम 5 वर्ष से बढ़ाकर 7 वर्ष में और शेष राशि को 7 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष में वापस करने की स्वीकृति दी गई है.

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