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मोदी सरकार ने उड़ाई कांग्रेस की नींद, खाली करना होगा 24 अकबर रोड वाला दफ्तर, 28 मार्च की डेडलाइन, नोटिस जारी
कांग्रेस और गांधी परिवार को मोदी सरकार से बड़ा झटका लगा है. दशकों तक सत्ता के केंद्र रहे कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय, 24 अकबर रोड और 5 रायसीना रोड के परिसरों को 28 मार्च तक हर हाल में खाली करना होगा. बेदखली नोटिस से पार्टी की नींद उड़ गई है.
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पिछले करीब 11 सालों से सत्ता से बाहर चल रही कांग्रेस को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है. दशकों तक देश की राजनीति का केंद्र रहे कांग्रेस के 24 अकबर रोड स्थित पुराने मुख्यालय और 5 रायसीना रोड के परिसरों को खाली करने के नोटिस से हड़कंप मच गया है. बेदखली की खबर के बाद से ही पार्टी आलाकमान की चिंता बढ़ गई है. हालांकि कांग्रेस अब दूसरी जगह, नए मुख्यालय DDU मार्ग स्थित इंदिरा भवन में शिफ्ट हो गई है. सूत्रों के मुताबिक दोनों परिसरों को खाली करने की डेडलाइन 28 मार्च तय की गई है.
कांग्रेस तलाश रही बचने का रास्ता
कांग्रेस पार्टी दोनों परिसरों को खाली करने को लेकर मिले नोटिस के बाद कानूनी रास्ता तलाश रही है कि कैसे इसे बचाया जाए. हालांकि इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक ये बेदखली के नोटिस कुछ दिनों पहले दिए गए थे, जिसके बाद से ही पार्टी के नेता विभिन्न विकल्पों को खंगाल रहे थे कि कैसे इस से निपटा जाए.
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कांग्रेस के पास क्या विकल्प हैं?
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कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक पार्टी किसी वरिष्ठ नेता को राज्यसभा के जरिए संसद लाकर इस बड़े और ऐतिहासिक बंगले को आवंटित कराना चाहती है. हालांकि कांग्रेस के सूत्र ये भी मानते हैं कि उनके लिए ऐसा करना इस बार थोड़ा मुश्किल है क्योंकि ना सिर्फ सरकार इस मुद्दे पर आक्रमक है बल्कि डेडलाइन की तारीख भी अब निकट है, अब तीन ही दिन बचे हैं.
कहा जा रहा है कि कांग्रेस पहले विकल्प के तौर पर बेदखली नोटिस पर सरकार से कुछ दिनों की मोहलत की मांग कर रही है. ताकि उसके किसी वरिष्ठ सांसद को जब संसद में लाया जाए, उसके नाम से बंगले का आवंटन हो तब तक उसे अतिरिक्त समय मिल जाए. ऐसे में देखने वाली बात है कि क्या सरकार इस पर क्या करती है. दूसरा तरीका भी साथ ही साथ अपनाया जा रहा है कि कोर्ट इस पर रोक लगा दे, हालांकि कोर्ट के स्टे की भी संभवाना भी कम ही है.
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'बेदखली' नोटिस को लेकर क्या कहते हैं नियम?
आपको बता दें कि कांग्रेस दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर अपने नए मुख्यालय में शिफ्ट हो गई है. उसे पहले ही नए हेडक्वार्टर के लिए जमीन दी गई थी. नियमानुसार अगर किसी भी राजनीतिक दल को अगर अपना नया मुख्यालय बनाने के लिए जमीन दी जाती है, तो फिर उसे एक टाइमफ्रेम के बाद पुराना सरकारी बंगला खाली करना होता है. चुकि कांग्रेस दोनों टर्म्स को पूरा कर चुकी है, ऐसे में उसे बंगला खाली करना ही पड़ेगा. इसी को देखते ही संपदा निदेशालय ने 24 अकबर रोड और 5 रायसीना रोड के परिसरों का आवंटन रद्द कर दिया था.
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सरकार और कोर्ट पर कांग्रेस की नजरें?
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ऐसे में देखें तो नियमानुसार कांग्रेस को 24 अकबर रोड वाला मुख्यालय खाली करना पड़ेगा. हां अगर आखिरी डेडलाइन जो कि 28 मार्च है, उससे पहले अगर सरकार मोहलत नहीं देती है और कोर्ट से स्टे नहीं मिलता है तो पार्टी को दोनों परिसरों को खाली करना होगा. इस लिहाज से कांग्रेस और देश की राजनीति के केंद्र रहे इस पते से कांग्रेस का वास्ता खत्म हो जाएगा.