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ऑपरेशन सिंदूर के बाद मसूद अजहर हुआ गायब… जैश-ए-मोहम्मद में मची अफरा-तफरी, भारतीय एजेंसियों ने किया बड़ा दावा

जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान में अफवाहें तेज हैं कि उसकी हालत गंभीर है या वह गंभीर स्वास्थ्य संकट में है. संगठन के भीतर भी उसकी अनुपस्थिति से असमंजस है. हालांकि भारतीय खुफिया एजेंसियों का कहना है कि वह नाजुक स्थिति में जरूर है, लेकिन जीवन के लिए तत्काल खतरा नहीं है.

Image Source: Masood Azhar Via IANS
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पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को लेकर इन दिनों रहस्य और अफवाहों का माहौल बना हुआ है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या वह जिंदा है या जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है. खास बात यह है कि यह चर्चा बाहर नहीं, बल्कि खुद संगठन के अंदर ही तेज हो गई है. लंबे समय से अजहर अपने कैडरों के बीच नजर नहीं आया है, जिससे तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं.

सूत्रों के मुताबिक, संगठन के भीतर यह बात तेजी से फैल रही है कि मसूद अजहर की हालत काफी गंभीर है और वह जीवन के अंतिम चरण में पहुंच चुका है. हालांकि, संगठन का शीर्ष नेतृत्व इन सभी खबरों को खारिज कर रहा है और कार्यकर्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील कर रहा है. दूसरी ओर भारतीय खुफिया एजेंसियों का कहना है कि अजहर की स्थिति नाजुक जरूर है, लेकिन फिलहाल वह किसी जानलेवा हालत में नहीं है. बताया जा रहा है कि वह शारीरिक रूप से कमजोर हो चुका है और मानसिक रूप से भी काफी दबाव में है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदली तस्वीर

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खुफिया सूत्रों का दावा है कि हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मसूद अजहर को बड़ा झटका लगा. बताया जा रहा है कि उसने अपने कई करीबी परिजनों को खो दिया, जिससे वह गहरे सदमे में चला गया. इसी घटना के बाद से उसने सार्वजनिक रूप से सामने आना लगभग बंद कर दिया है. संगठन का नेतृत्व जानबूझकर उसे लोगों से दूर रख रहा है, ताकि उसकी मौजूदा स्थिति कैडरों के सामने न आए और उनका मनोबल बना रहे.

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संगठन के अंदर बढ़ती बेचैनी

पहले मसूद अजहर नियमित रूप से कैडरों को संबोधित करता था और नए युवाओं को अपने विचारों से प्रभावित करता था. लेकिन अब यह सिलसिला पूरी तरह थम चुका है. हाल के महीनों में नए भर्ती हुए सदस्यों से संगठन के अन्य शीर्ष आतंकवादी संवाद कर रहे हैं. इससे संगठन के भीतर असंतोष और असमंजस की स्थिति बन गई है. इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी के अनुसार, यह पहली बार है जब अजहर इतना कमजोर नजर आ रहा है.

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प्रार्थना सभाओं ने बढ़ाई चर्चा

सूत्रों का कहना है कि मसूद अजहर के स्वास्थ्य को लेकर लगातार प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही हैं. इन सभाओं की संख्या बढ़ने से ही अफवाहों को और बल मिला है. संगठन के कई सदस्य मानते हैं कि उनसे कोई बड़ी सच्चाई छिपाई जा रही है. यही वजह है कि अंदरखाने बेचैनी लगातार बढ़ रही है.

भर्ती प्रक्रिया पर असर

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बताया जा रहा है कि फिलहाल जैश-ए-मोहम्मद में भर्ती प्रक्रिया जारी तो है, लेकिन पहले जैसी सक्रियता नहीं रही. पहले जहां मसूद अजहर खुद नए सदस्यों से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाता था, अब वह पूरी तरह गायब है. इससे नए और पुराने दोनों तरह के कैडरों में निराशा साफ देखी जा रही है. संगठन ने पुराने वीडियो और ऑडियो संदेशों के जरिए स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन अब ये तरीका भी ज्यादा असरदार नहीं रह गया है.

नए नेतृत्व की तलाश तेज

खुफिया अधिकारियों के अनुसार, संगठन अब संभावित नए नेतृत्व की तलाश में जुट गया है. माना जा रहा है कि जब तक नया चेहरा सामने नहीं आता, तब तक मसूद अजहर की असली स्थिति को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा. फिलहाल शीर्ष नेतृत्व स्थिति को संभालने और समय निकालने की कोशिश कर रहा है.

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बहरहाल, मसूद अजहर को लेकर बनी यह रहस्यमयी स्थिति सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे संगठन की स्थिरता पर असर पड़ रहा है. आने वाले दिनों में यह साफ हो सकता है कि यह सिर्फ अफवाह है या फिर किसी बड़े बदलाव का संकेत. फिलहाल, पाकिस्तान में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है.

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