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हिंदू मंदिरों की कमाई से नहीं बनेंगे मॉल-हॉल... तमिलनाडु के CM विजय का सख्त आदेश, 46 प्रोजेक्ट्स किए रद्द

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री 'थलापति' विजय ने बड़ा फैसला लेते हुए पिछली DMK सरकार द्वारा HR&CE विभाग के तहत मंजूर 245.85 करोड़ रुपये के 46 प्रोजेक्ट्स रद्द कर दिए.

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02 Jul 2026
( Updated: 02 Jul 2026
05:06 PM )
हिंदू मंदिरों की कमाई से नहीं बनेंगे मॉल-हॉल... तमिलनाडु के CM विजय का सख्त आदेश, 46 प्रोजेक्ट्स किए रद्द
Image Source: IANS/X/@CMOTamilnadu
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तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय तक द्रविड़ दलों का दबदबा रहा, लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव ने राज्य की राजनीति की तस्वीर बदल दी. फिल्म अभिनेता से नेता बने 'थलापति' सी. जोसेफ विजय ने जनता का भरोसा जीतते हुए मुख्यमंत्री पद संभाला और शपथ लेने के बाद से लगातार ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है. शुरुआत में उनके अनुभव को लेकर कई तरह के सवाल उठे थे, लेकिन पहले एक महीने में लिए गए फैसलों ने यह संकेत दिया कि उनकी सरकार तेज फैसले लेने और प्रशासनिक सख्ती पर जोर दे रही है.

DMK सरकार के फैसले को पलटा

मुख्यमंत्री विजय के सबसे चर्चित फैसलों में हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) विभाग के तहत 245.85 करोड़ रुपये की लागत वाले 46 प्रोजेक्ट्स की प्रशासनिक मंजूरी रद्द करना शामिल है. ये परियोजनाएं पिछली DMK सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत हुई थीं. इनमें शादी हॉल और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स जैसे निर्माण कार्य शामिल थे. सरकार का कहना है कि मंदिरों की संपत्ति और संसाधनों का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के बजाय धार्मिक और श्रद्धालुओं से जुड़ी सुविधाओं के विकास में होना चाहिए. इसी सोच के तहत इन परियोजनाओं को रद्द किया गया है. साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि बचने वाली राशि मंदिरों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर खर्च की जाएगी.

कानून व्यवस्था पर दिया साफ संदेश

मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए. उनका जोर इस बात पर भी रहा कि प्रभावशाली व्यक्ति भी कानून से ऊपर नहीं हैं और सभी मामलों में निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित किया जाए. राज्य में नशीले पदार्थों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए हर जिले में एंटी-ड्रग टास्क फोर्स का गठन किया गया है. इसकी निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा. वहीं महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 'सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स' का गठन भी सरकार का अहम फैसला माना जा रहा है.

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जनहित से जुड़े कई बड़े ऐलान

मुख्यमंत्री विजय ने शपथ लेने के कुछ ही घंटों के भीतर 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा कर दी. इस योजना से राज्य के करीब 2.4 करोड़ घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की बात कही गई है. इसके अलावा सरकार ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में सभी सरकारी बसों को चरणबद्ध तरीके से वातानुकूलित करने की घोषणा की. वहीं धार्मिक स्थलों, शिक्षण संस्थानों और बस स्टैंडों के 500 मीटर के दायरे में संचालित 717 तस्माक शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश भी सरकार के शुरुआती फैसलों में शामिल रहा.

काम करने का अलग अंदाज बना चर्चा का विषय

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मुख्यमंत्री विजय की कार्यशैली भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है. वे रोज समय पर सचिवालय पहुंचते हैं और नियमित रूप से कई घंटे प्रशासनिक बैठकों में बिताते हैं. अधिकारियों से भी समय की पाबंदी और जवाबदेही की अपेक्षा की जा रही है. राजनीतिक बैठकों की बजाय फाइलों के निपटारे और विभागीय समीक्षा पर उनका अधिक जोर दिखाई देता है. यही कारण है कि उनकी कार्यशैली की तुलना कई लोग कॉर्पोरेट प्रबंधन से भी कर रहे हैं. प्रशासनिक स्तर पर तेज निर्णय लेने और समयबद्ध कार्य संस्कृति विकसित करने की कोशिश साफ नजर आ रही है.

विकास और निवेश पर भी सरकार का फोकस

राज्य सरकार ने आर्थिक विकास को भी प्राथमिकता दी है. 2035 तक तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था को 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. इस दिशा में निवेश, उद्योग, रक्षा निर्माण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं पर काम किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए. इनमें मेकेदातु बांध परियोजना, श्रीलंकाई नौसेना द्वारा पकड़े गए भारतीय मछुआरों की रिहाई और रक्षा व एआई क्षेत्र में सहयोग जैसे विषय शामिल रहे.

पारदर्शिता और कल्याणकारी योजनाओं पर जोर

सरकार ने 620 अम्मा कैंटीनों के आधुनिकीकरण, सहकारी बैंकों के ऋण राहत कार्यक्रम और जल जीवन मिशन की रुकी परियोजनाओं को दोबारा शुरू करने जैसे फैसले भी लिए हैं. कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए धान की खेती को बढ़ावा देने हेतु 134.83 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज घोषित किया गया है.

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बताते चलें कि इसके साथ ही राज्य के वित्तीय हालात पर श्वेत पत्र जारी कर पारदर्शिता बढ़ाने का संदेश दिया गया है. फिलहाल मुख्यमंत्री विजय के शुरुआती फैसलों ने यह संकेत दिया है कि उनकी सरकार प्रशासनिक सुधार, कानून व्यवस्था, जनकल्याण और आर्थिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है. आने वाले महीनों में इन फैसलों का असर राज्य की राजनीति और प्रशासन दोनों पर कितना पड़ता है, इस पर सभी की नजर बनी रहेगी.

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