राम मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा फैसला, ऑनलाइन होगी सभी 8 आरोपियों की पेशी, तैयार हो रही सवालों की सूची
अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी मामले के सभी आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी होगी. इन सबके खिलाफ सवालों की सूची तैयार हो रही है. कहा जा रहा है कि अयोध्या के वकीलों के हालिया ऐलान के आलोक में इनकी ऑनलाइन पेशी का फैसला लिया गया है.
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राम मंदिर चढ़ावा मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों को सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अयोध्या की एक अदालत में पेश किया जाएगा. पुलिस ने कहा कि फिलहाल वह उनकी हिरासत नहीं मांगेगी, बल्कि जांचकर्ताओं द्वारा पूछताछ के लिए प्रश्नों की विस्तृत सूची तैयार करने के बाद आने वाले दिनों में हिरासत में लेगी. कहा जा रहा है कि अयोध्या में आरोपियों के प्रति गुस्से और वकीलों के ऐलान के बीच ऐसा फैसला लिया गया है. आपको बता दें कि इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई के बीच प्रशासन ने ये फैसला लिया है.
मालूम हो कि अयोध्या के वकीलों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बॉयकॉट का ऐलान किया है. वकीलों ने कहा है कि इन तीनों को अयोध्या छोड़कर जाना होगा नहीं तो अयोध्या जाम कर देंगे और जो भी इनका केस लड़ेगा उसे 5 लाख का जुर्माना देना होगा.
राम मंदिर चंदा चोरी मामले आरोपियों की होगी ऑनलाइन पेशी!
इसी पुलिस ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक सहित लगभग छह बैंकों को नोटिस जारी कर गिरफ्तार आरोपियों, ट्रस्ट और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों के बैंक खातों और लॉकरों का विवरण मांगा है. अधिकारियों ने बताया कि 70 से 80 लोग जांच के दायरे में हैं और उन्हें चरणबद्ध तरीके से नोटिस जारी किए जा रहे हैं. उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे.
इस बीच, सभी आरोपियों के मोबाइल फोन फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में भेजे जाएंगे. जांचकर्ताओं का मानना है कि आरोपियों ने अपने फोन से चैट डिलीट कर दी हैं, और डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने के प्रयास जारी हैं.
SBI ब्रांच पहुंची अयोध्या पुलिस
इससे पहले अयोध्या पुलिस अयोध्या में राम मंदिर को दिए गए दान के कथित गबन की चल रही जांच के तहत नया घाट स्थित एसबीआई शाखा पहुंची. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का प्राथमिक बैंक खाता एसबीआई की उस शाखा में है, जहां जांचकर्ता इस मामले में बैंक अधिकारियों की संभावित भूमिका की जांच कर रहे हैं. पुलिस द्वारा शाखा प्रबंधक से पूछताछ करने और जांच के तहत उनका बयान दर्ज करने की संभावना है.
एसबीआई के दो कर्मचारी, रत्नेश और गगनदीप, भी जांच के दायरे में हैं. दोनों बैंक के वेतनभोगी कर्मचारी थे और दान की गिनती करने और नकदी को सुरक्षित रूप से बैंक तक पहुंचाने के लिए जिम्मेदार छह आउटसोर्स कर्मचारियों की देखरेख करते थे.
6 आउटसोर्स सहित 8 लोग पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में सभी छह आउटसोर्स कर्मचारियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. सुभाष और टिन्नू को छोड़कर, गिरफ्तार किए गए सभी लोग मंदिर के दान का प्रबंधन करने के लिए नियुक्त आउटसोर्स कर्मचारी थे.
सूत्रों के अनुसार, एसबीआई ने अनियमितताओं की आशंका के चलते लगभग तीन महीने पहले दान-गणना करने वाले कर्मचारियों को हटाने की सिफारिश की थी. हालांकि, मंदिर ट्रस्ट के कुछ अधिकारियों ने कथित तौर पर उनकी बर्खास्तगी का विरोध किया था.
चंपत राय के बयान किए गए दर्ज
पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान दर्ज कर लिया है. सूत्रों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने पर पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव को भी नोटिस जारी किए जाने की संभावना है. चोरी के मामले में आठ मतगणना कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है और मंदिर के दान पेटियों से चोरी हुई संपत्ति को बरामद करने के प्रयास जारी हैं.
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा प्राप्त दान और चढ़ावे के प्रबंधन की अदालत की निगरानी में जांच और फोरेंसिक ऑडिट की मांग करने वाली जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया.
बीते दिन सभी आरोपियों के घर मारा गया था छापा
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इस बीच, चल रही आपराधिक जांच में, पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों के आवासों की तलाशी लेने के बाद एक आरोपी के घर से गहने और दस्तावेज बरामद किए. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक सदस्य की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई, जब प्रारंभिक एसआईटी रिपोर्ट में कई अनियमितताओं का पता चला.