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CM भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला, DA और DR में वृद्धि से खजाने पर 1156 करोड़ का बोझ
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है.
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मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, राज्य सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 2 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है.
राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत
इस बदलाव के साथ, 7वें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है, जो 1 जनवरी, 2026 से लागू होगा. इस फैसले से पूरे राज्य में लगभग 7.02 लाख कर्मचारियों और 5.44 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होने की उम्मीद है.
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पंचायत समितियों और जिला परिषदों के कर्मचारियों को भी इस बढ़ोतरी के दायरे में लाया जाएगा. आदेश के अनुसार, राज्य कर्मचारियों को संशोधित महंगाई भत्ता मई 2026 के वेतन के साथ नकद रूप में मिलेगा, जिसका भुगतान जून 2026 में किया जाएगा.
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इसके अलावा, 1 जनवरी से 30 अप्रैल, 2026 तक की अवधि का बकाया कर्मचारियों के जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) खातों में जमा किया जाएगा. दूसरी ओर, पेंशनभोगियों को बढ़ा हुआ महंगाई राहत नकद रूप में मिलेगा, जो 1 जनवरी, 2026 से लागू होगा, जिससे उन्हें तत्काल वित्तीय लाभ सुनिश्चित होगा.
सरकार का उद्देश्य महंगाई से राहत देना
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यह फैसला राज्य सरकार की अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वित्तीय हितों और कल्याण की रक्षा करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, खासकर बढ़ती जीवन लागत के संदर्भ में.
महंगाई भत्ते में संशोधन करके, सरकार का उद्देश्य महंगाई से राहत देना और घरेलू खर्चों में सहायता करना है. इस बढ़ोतरी से राज्य के खजाने पर लगभग 1,156 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय बोझ पड़ेगा.
वित्तीय प्रभावों के बावजूद, सरकार ने कर्मचारियों के कल्याण और समय पर वित्तीय सहायता को प्राथमिकता दी है.
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डीए और डीआर में 2% की बढ़ोतरी, 60% हुआ महंगाई भत्ता
इससे पहले, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी, जिससे यह 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया. यह संशोधन 1 जनवरी से लागू होगा, जिससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बकाया राशि मिलेगी.
इस कदम से 1.17 करोड़ से अधिक लोगों को फायदा होने की उम्मीद है और सरकार पर सालाना 6,791 करोड़ रुपए का खर्च आएगा. इस बढ़ोतरी से लगभग 49.19 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 68.72 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा.
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चूंकि संशोधित दर इस साल 1 जनवरी से प्रभावी होगी, इसलिए दोनों समूहों को पिछले महीनों का बकाया मिलेगा.