ऑपरेशन डेल्टा हंट’ के तहत गुजरात में बड़ी कार्रवाई, अवैध रूप से रह रहे 501 बांग्लादेशी गिरफ्तार
'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के पिछले चरणों में अहमदाबाद, सूरत और राजकोट जैसे शहरों में बड़े पैमाने पर जांच-पड़ताल और लोगों को हिरासत में लेने की कार्रवाई दर्ज की गई थी.
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गुजरात पुलिस ने अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ पूरे राज्य में 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' को तेज कर दिया है. इसी क्रम में पुलिस ने 501 लोगों को हिरासत में लिया है.
गुजरात में अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशियों पर हुई कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई एक ही समय में कई जिलों में हुई. इस समन्वित कार्रवाई में अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान और उनका सत्यापन किया गया. पुलिस टीमों ने खुफिया जानकारी के आधार पर चिह्नित आवासीय क्षेत्रों, मजदूरों के ठिकानों और अन्य स्थानों पर जांच की. इस कार्रवाई में पुलिस की जिला इकाइयां, क्राइम ब्रांच टीमें और साइबर सेल की टीमें शामिल थीं.
इसी ऑपरेशन के शुरुआती चरणों में अधिकारियों ने हजारों संदिग्ध लोगों की जांच की थी और सत्यापन के बाद सैकड़ों लोगों को हिरासत में ले लिया.
ऑपरेशन डेल्टा हंट की उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री ने की तारीफ
उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री हर्ष संघवी ने इस पहल को एक खुफिया-आधारित अभियान बताया है, जिसमें पुलिस की विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वित कार्रवाई शामिल है. उन्होंने कहा, "ऐसे अभियानों का उद्देश्य बिना दस्तावेज वाले निवासियों की पहचान करना और जाली दस्तावेज, आवास और रोजगार सहायता से जुड़े संभावित मददगार नेटवर्क की जांच करना है."
पिछले चरणों में पुलिस की जांच में पहचान के दस्तावेजों की बारीकी से जांच भी शामिल थी. कुछ मामलों में जाली या धोखाधड़ी से प्राप्त आधार रिकॉर्ड के संदिग्ध इस्तेमाल की बात सामने आई और जांच का दायरा उन लोगों और नेटवर्क तक भी बढ़ाया गया, जो कथित तौर पर बिना दस्तावेज वाले निवासियों की मदद कर रहे थे.
हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी
अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया था कि हिरासत में लिए गए लोगों के सत्यापन के साथ-साथ, अन्य संदिग्ध लोगों से भी आगे की पूछताछ जारी रहेगी.
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'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के पिछले चरणों में अहमदाबाद, सूरत और राजकोट जैसे शहरों में बड़े पैमाने पर जांच-पड़ताल और लोगों को हिरासत में लेने की कार्रवाई दर्ज की गई थी. फिलहाल, हिरासत में लिए गए लोगों का जिला-वार ब्योरा और आगे की कानूनी कार्रवाई समेत अन्य विस्तृत जानकारी, जारी सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद सामने आने की संभावनाएं हैं.