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झारखंड हाईकोर्ट के 18वें चीफ जस्टिस बने महेश शरदचंद्र सोनक, राज्यपाल ने दिलाई शपथ

जस्टिस सोनक इसके पूर्व बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदस्थापित थे. 28 नवंबर 1964 को जन्मे जस्टिस सोनक ने गोवा के पणजी स्थित डॉन बॉस्को हाई स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी की.

झारखंड हाईकोर्ट के नवनियुक्त चीफ जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक ने शुक्रवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. रांची के लोकभवन के बिरसा मंडप में आयोजित समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें शपथ दिलाई. इसके साथ ही वे झारखंड के 18वें चीफ जस्टिस बन गए. 

18वें चीफ जस्टिस बने महेश शरदचंद्र सोनक

मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा जारी चीफ जस्टिस की नियुक्ति संबंधी वारंट को हिंदी और अंग्रेजी में पढ़कर सुनाया. मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड हाई कोर्ट के सभी न्यायाधीश, झारखंड सरकार के कई मंत्री, महाधिवक्ता राजीव रंजन, जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक के परिजन और राज्य सरकार के वरीय अधिकारी उपस्थित रहे. 

जस्टिस सोनक ने पणजी से प्रथम श्रेणी में एलएलबी की डिग्री प्राप्त की

जस्टिस सोनक इसके पूर्व बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदस्थापित थे. 28 नवंबर 1964 को जन्मे जस्टिस सोनक ने गोवा के पणजी स्थित डॉन बॉस्को हाई स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी की. इसके बाद धेम्पे कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस से बीएससी और एमएस कॉलेज ऑफ लॉ, पणजी से प्रथम श्रेणी में एलएलबी की डिग्री प्राप्त की.

इसके अतिरिक्त उन्होंने जेवियर सेंटर ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च से पुर्तगाली भाषा में डिप्लोमा भी हासिल किया है. अक्टूबर 1988 में जस्टिस सोनक महाराष्ट्र एवं गोवा बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुए. उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट की पणजी पीठ में दीवानी और संवैधानिक कानून, श्रम एवं सेवा कानून, पर्यावरण कानून, वाणिज्यिक और कर कानून, कंपनी कानून तथा जनहित याचिकाओं के क्षेत्र में व्यापक प्रैक्टिस की. 

जस्टिस सोनक को 2013 में बॉम्बे हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त

वे केंद्र सरकार के अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता, राज्य सरकार तथा वैधानिक निगमों के विशेष अधिवक्ता भी रहे. कई मामलों में एमिकस क्यूरी तथा विधिक सहायता योजना के तहत अदालत की सहायता कर चुके हैं. इसके अलावा वे कई विधिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों से भी जुड़े रहे हैं. उनके पास न्यायिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर लंबा अनुभव है. 21 जून 2013 को उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. 

जस्टिस एमएस सोनक न्यायिक दायित्वों के साथ-साथ सामाजिक और मानवीय सरोकारों के लिए भी पहचाने जाते हैं. उन्होंने इतिहास रचते हुए गोवा मेंलिविंग विलया एडवांस मेडिकल डायरेक्टिव दर्ज कराने वाले पहला व्यक्ति बनने का गौरव प्राप्त किया था. जस्टिस सोनक के पूर्व झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रहे तरलोक सिंह चौहान 8 जनवरी को सेवानिवृत्त हो गए. उन्हें गुरुवार को हाईकोर्ट में आयोजित एक समारोह में भावपूर्ण विदाई दी गई.

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