गन्ना पेराई सीजन में महाराष्ट्र ने दिखाया दम, चीनी उत्पादन 492 लाख क्विंटल तक पहुँचा
Maharashtra: अमरावती डिवीजन में 4 फैक्ट्रियां चल रही हैं और 5.93 लाख टन गन्ने की पेराई हुई है. वहीं नागपुर डिवीजन में 2 प्राइवेट फैक्ट्रियों ने 0.25 लाख टन गन्ने की पेराई की है. इन दोनों डिवीजनों में भी धीरे-धीरे पेराई की रफ्तार बढ़ रही है.
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Maharashtra Sugarcane: शुगर कमिश्नरेट की ओर से जारी की गई जानकारी के अनुसार 1 जनवरी 2026 तक राज्य में कुल 562.1 लाख टन गन्ने की पेराई पूरी हो चुकी है. इससे 492 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया गया है. इस समय पूरे राज्य का औसत चीनी रिकवरी रेट 8.75 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले बेहतर है. इससे साफ है कि इस सीजन में चीनी उत्पादन की स्थिति मजबूत बनी हुई है.
राज्य में कितनी फैक्ट्रियां चल रही हैं
इस पेराई सीजन में राज्य की कुल 195 चीनी फैक्ट्रियां शुरू हो चुकी हैं. इनमें 97 कोऑपरेटिव और 98 प्राइवेट फैक्ट्रियां शामिल हैं. वहीं पिछले सीजन में इसी समय तक 197 फैक्ट्रियां चालू हुई थीं, जिनमें 97 कोऑपरेटिव और 100 प्राइवेट फैक्ट्रियां थीं. यानी फैक्ट्रियों की संख्या में थोड़ा बदलाव जरूर है, लेकिन उत्पादन में बढ़ोतरी देखने को मिली है.
पिछले साल की तुलना में इस साल बेहतर
प्रदर्शन पिछले साल इसी समय तक 369.39 लाख टन गन्ने की पेराई हुई थी और 317.02 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था. उस समय राज्य का औसत रिकवरी रेट 8.58 प्रतिशत था. इस साल गन्ना पेराई, चीनी उत्पादन और रिकवरी रेट तीनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो किसानों और चीनी उद्योग के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है.
चीनी रिकवरी में कोल्हापुर सबसे आगे
कोल्हापुर डिवीजन चीनी रिकवरी के मामले में पूरे राज्य में पहले नंबर पर है. यहां की फैक्ट्रियों ने अब तक 122.61 लाख टन गन्ने की पेराई कर 126.54 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है. कोल्हापुर डिवीजन का रिकवरी रेट 10.32 प्रतिशत है, जो राज्य में सबसे ज्यादा है. यहां कुल 37 फैक्ट्रियां चल रही हैं, जिनमें 25 कोऑपरेटिव और 12 प्राइवेट फैक्ट्रियां शामिल हैं.
गन्ना पेराई में पुणे डिवीजन नंबर वन
गन्ना पेराई के मामले में पुणे डिवीजन सबसे आगे है. यहां कुल 30 फैक्ट्रियां चल रही हैं, जिनमें 17 कोऑपरेटिव और 13 प्राइवेट हैं. पुणे डिवीजन में अब तक 133.39 लाख टन गन्ने की पेराई हो चुकी है और 120.32 लाख क्विंटल चीनी बनाई गई है. इस डिवीजन का रिकवरी रेट 9.02 प्रतिशत है.
सोलापुर और अहिल्यानगर का प्रदर्शन
सोलापुर डिवीजन गन्ना पेराई में तीसरे स्थान पर है. यहां 45 फैक्ट्रियां चल रही हैं, जिनमें 16 कोऑपरेटिव और 29 प्राइवेट फैक्ट्रियां शामिल हैं. अब तक 122.82 लाख टन गन्ने की पेराई और 96.4 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हो चुका ह. सोलापुर का रिकवरी रेट 7.85 प्रतिशत है. वहीं अहिल्यानगर (अहमदनगर) डिवीजन चौथे नंबर पर है. यहां की 26 फैक्ट्रियों ने 67.17 लाख टन गन्ने की पेराई कर 55.45 लाख क्विंटल चीनी बनाई है. इस डिवीजन का रिकवरी रेट 8.26 प्रतिशत है.
अन्य डिवीजनों की स्थिति
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छत्रपति संभाजीनगर डिवीजन में 22 फैक्ट्रियां चल रही हैं. यहां 53.13 लाख टन गन्ने की पेराई और 39.32 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है. रिकवरी रेट 7.4 प्रतिशत है। नांदेड़ डिवीजन में 29 फैक्ट्रियां चालू हैं, जहां 56.8 लाख टन गन्ने की पेराई और 48.65 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया गया है. यहां का रिकवरी रेट 8.57 प्रतिशत है. अमरावती डिवीजन में 4 फैक्ट्रियां चल रही हैं और 5.93 लाख टन गन्ने की पेराई हुई है. वहीं नागपुर डिवीजन में 2 प्राइवेट फैक्ट्रियों ने 0.25 लाख टन गन्ने की पेराई की है. इन दोनों डिवीजनों में भी धीरे-धीरे पेराई की रफ्तार बढ़ रही है.
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