Advertisement

Loading Ad...

Lenskart Controversy: बिंदी-तिलक पर फरमान पड़ा भारी, नहीं थमा बवाल, लेंसकार्ट को 4500 करोड़ का नुकसान!

Lenskart Bindi Ban Controversy: बिंदी-तिलक बैन विवाद के बाद लेंसकार्ट की मार्केट साख पर भी बुरा असर हुआ है. कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी को कुल 4500 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है.

Image Source- X/@peyushbansal/Grok
Loading Ad...

बिंदी-तिलक पर रोक और हिजाब-पगड़ी में एंट्री को इजाजत देने के लेंसकार्ट के फैसले पर बवाल थम नहीं रहा. कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने माफी मांगते हुए पूरे मामले पर सफाई दी और नई स्टाइल गाइड जारी की, लेकिन इसके बावजूद मार्केट में कंपनी की साख को तगड़ा नुकसान पहुंचा है. बताया जा रहा है कंपनी की वैल्यूएशन 4500 करोड़ तक कम हो गई. 

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लेंसकार्ट सॉल्यूशंस के शेयरों में कारोबारी सत्र के दौरान करीब 5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी को कुल 4500 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है. 

क्या कहते हैं BSE के आंकड़े? 

Loading Ad...

पिछले हफ्ते के कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी का वैल्यूएशन 92,872.20 करोड़ रुपए पर था. ये गिरकर 88,331.48 करोड़ रुपए पर आ गया. इस हिसाब से कंपनी के वैल्यूएशन में कारोबारी सत्र के दौरान 4,540.72 करोड़ रुपए की गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि इसमें रिकवरी भी हो रही है. सोमवार सुबह कंपनी का शेयर 530.05 के साथ खुला. 

Loading Ad...

क्या है लेंसकार्ट विवाद की जड़? 

दरअसल, लेंसकार्ट की कर्मचारी गाइडलाइन का एक लेटर वायरल हुआ था. इस गाइड में लिखा था, कर्मचारी तिलक, बिंदी और सिंदूर नहीं लगा सकते. जबकि कुछ शर्तों के साथ पगड़ी और हिजाब पहनने की अनुमति है. लेंसकार्ट की इस गाइडलाइन को ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ कहा गया. लेटर वायरल होने के बाद कंपनी के बॉयकॉट की मांग उठने लगी. सोशल मीडिया पर हैशटैग BoycottLenskart ट्रेंड होने लगा. 

Loading Ad...

कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने माफी मांगते हुए क्या कहा? 

सवाल उठे, विरोध हुआ, कंपनी की साख गिरी तो CEO पीयूष बंसल ने माफी मांगी और स्टाइल गाइड को पुराना वर्जन बता दिया. उन्होंने X पर लंबा चौड़ा पोस्ट कर लिखा, मौजूदा समय में प्रसारित हो रहा दस्तावेज़ एक पुराना आंतरिक प्रशिक्षण दस्तावेज़ है. यह कोई मानव संसाधन नीति नहीं है. हालांकि, इसमें बिंदी/तिलक के बारे में एक गलत पंक्ति थी जिसे लिखा ही नहीं जाना चाहिए था और यह हमारे मूल्यों या वास्तविक व्यवहार को प्रतिबिंबित नहीं करती है. 17 फरवरी को, सार्वजनिक चर्चा शुरू होने से काफी पहले, जब हमें इसका पता चला, तो हमने इसे तुरंत हटा दिया. 

पीषूय बंसल ने कहा, ‘मुझे इस गलती को पहले ही पकड़ लेना चाहिए था, संस्थापक और CEO होने के नाते, ऐसी चूक की जिम्मेदारी मेरी है. मैंने अपनी टीम को ऐसी सभी सामग्रियों की कड़ी समीक्षा करने के लिए कहा है और मैं व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करूंगा कि भविष्य में इस पर ध्यान दिया जाए. हम यह भी पता लगा रहे हैं कि यह हमारे प्रशिक्षण सामग्री में कैसे शामिल हो गया.'

Loading Ad...

यह भी पढ़ें- हिजाब पगड़ी की परमिशन, बिंदी-तिलक पर फरमान… लेंसकार्ट की ‘स्टाइल गाइड’ पर बवाल के बाद घुटनों पर आए CEO!

यह भी पढ़ें

लेंसकार्ट CEO ने साफ किया कि उनकी कंपनी किसी भी तरह की धार्मिक अभिव्यक्ति को प्रतिबंधित नहीं करती है और न ही कभी करेगी. इसमें बिंदी, तिलक या आस्था के ऐसे कोई भी प्रतीक शामिल हैं. 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...