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पत्रकार Ajeet Bharti ने बताया Delhi में कैसे खत्म होगा BJP का वनवास ?

साल 2014 में प्रचंड मोदी लहर के बावजूद बीजेपी दिल्ली नहीं जीत पाई। जिसकी वजह से उसे पिछले 27 सालों से वनवास झेलना पड़ रहा है। इसी बीच वरिष्ठ पत्रकार अजीत भारती ने एक ऐसा प्लान बताया है जिसके दम पर बीजेपी दिल्ली जीत सकती है ।

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जिस राजधानी दिल्ली में बैठ कर PM Modi पूरे देश की सत्ता चलाते हैं। उसी राजधानी दिल्ली में बीजेपी पिछले 27 साल से वनवास झेल रही है। पहले कांग्रेस नेता शीला दीक्षित की वजह से। तो वहीं अब अरविंद केजरीवाल की वजह से। यहां तक कि साल 2014 में प्रचंड मोदी लहर के बावजूद बीजेपी दिल्ली नहीं जीत पाई। जिसकी वजह से उसे पिछले 27 सालों से वनवास झेलना पड़ रहा है। इसी बीच वरिष्ठ पत्रकार अजीत भारती ने एक ऐसा प्लान बताया है जिसके दम पर बीजेपी दिल्ली जीत सकती है।


जिस मोदी को बीजेपी ब्रांड बताती रही है। जिस मोदी के दम पर बीजेपी साल 2014 और साल 2019 लोकसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई। जिस मोदी के दम पर बीजेपी ने कई राज्यों में सरकार बनाई। लेकिन बात जब राजधानी दिल्ली की आती है तो ऐसा लगता है। ना ही मोदी मैजिक काम आता है।और ना ही बीजेपी की कोई रणनीति काम आती है। यही वजह है कि मोदी के सत्ता में आने के बाद दिल्ली में दो बार विधानसभा चुनाव हुए। पहला चुनाव साल 2015 में हुआ और दूसरा विधानसभा चुनाव 2020 में हुआ। लेकिन एक भी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जीत नसीब नहीं हुई। दोनों ही चुनावों में केजरीवाल ने बीजेपी को हराया ही नहीं। बहुत ही बुरी तरह से धूल चटाई। तो वहीं अब एक बार फिर दिल्ली में कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। जिसके लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साथ ही बीजेपी भी जोरशोर से तैयारी कर रही है। तो वहीं इसी बीच बीजेपी समर्थक पत्रकार कहे जाने वाले अजीत भारती ने बीजेपी को दिल्ली जीतने का तगड़ा प्लान बताया है।उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया। "अगर दिल्ली चुनाव भी झारखंड और महाराष्ट्र के साथ नवंबर या दिसंबर में होते हैं, जब पराली, कोहरा और धुंध होगा, तब ही दिल्ली वालों को फ्री स्कीम का सच पता चलेगा, जब तक चुनाव की घोषणा न हो, दिल्ली भाजपा को हर दिन वैयक्तिक तौर पर लोगों से मिल कर यह विश्वास दिलाना होगा ठगों को सत्ता देना कितना बड़ा अपराध है"

वैसे तो दिल्ली विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी मार्च के महीने में होना है। लेकिन पत्रकार अजीत भारती चाहते हैं महाराष्ट्र और झारखंड के साथ ही दिल्ली का भी चुनाव नवंबर दिसंबर में ही करवा देना चाहिए। क्योंकि इसी दौरान हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में पराली जलाए जाने की वजह से राजधानी दिल्ली में सबसे ज्यादा धुंध होती है। जिसकी वजह से हर साल दिल्ली ही नहीं एनसीआर वालों को भी दम घोंटी माहौल में जीना पड़ता है।और दिल्ली की केजरीवाल सरकार इसका समाधान खोजने के नाम पर कभी ऑड ईवन नियम लागू कर देती है। तो कभी हरियाणा यूपी और पंजाब जैसे राज्यों पर पराली जलाकर धुआं फैलाने का आरोप लगा कर पल्ला झाड़ लेती है। वैसे अब तो पंजाब में भी आम आदमी पार्टी की ही सरकार हैं। तो फिर इस बार लगता है दिल्ली सरकार यूपी और हरियाणा पर दिल्ली में धुएं फैलाए जाने का आरोप लगाएगी। यही वजह है कि अजीत भारती चाहते हैं कि दिल्ली में भी नवंबर या दिसंबर में ही विधानसभा चुनाव कराया जाए। जिससे लोगों को फ्री स्कीम का सच तो पता चले। तो वहीं दिल्ली बीजेपी को भी सलाह दी है कि उसे व्यक्तिगत तौर पर लोगों के पास जाना चाहिए और बताना चाहिए कि उन्होंने ठगों को सत्ता देकर कितना बड़ा अपराध किया है। तो वहीं अजीत भारती के इस सुझाव पर मनीष नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा। दिल्ली में भाजपा जब तक स्मृति ईरानी या कुमार विश्वास जैसा कद्दावर नेता नहीं देगी तब तक आम आदमी पार्टी से वहां पार पाना मुश्किल है, अगर चुनाव से पहले इनमें से किसी भी नाम की घोषणा हो गई तो केजरीवाल की पार्टी 15-17 सीट के ऊपर नहीं जाएगी।

पीयूष गुप्ता नाम के एक यूजर ने तो यहां तक कह दिया कि। दिल्ली क्या कहीं भी बीजेपी के स्वघोषित नेताओं से यह आशा करना कि वह जनता से वैयक्तिक संवाद करेंगे, अंधे के आगे रोने जैसा निरर्थक है, उन्होंने चुनाव जीतने का काम मोदी जी को आउटसोर्स कर रखा है, ये लोग तो बस हूटर वाली कार में ट्रैफिक रुकवाकर चलने वाले शहंशाह हैं।

एक सोशल मीडिया यूजर ने तो लिखा। दिल्ली वाले मुफ्तखोरी के जाल में फंस चुके हैं, आसानी से बाहर नहीं निकलेंगे, कांग्रेस मजबूत होगी, तभी बीजेपी को फायदा होगा वरना दिल्ली फिर केजरीवाल की हो जाएगी।

लोकसभा चुनाव में तो बीजेपी दिल्ली में पूरी तरह से क्लीनस्वीप करती आई है। लेकिन पिछले दो विधानसभा चुनावों से बीजेपी आठ सीट से आगे नहीं बढ़ पाई है। तो वहीं कांग्रेस तो खाता भी नहीं खोल पाई।  ऐसे में कुछ लोगों का ये भी मानना है कि दिल्ली में कांग्रेस मजबूत होगी। तभी बीजेपी को फायदा होगा। क्योंकि बीजेपी बनाम केजरीवाल की सीधी लड़ाई में बीजेपी कमजोर पड़ जाती है। ऐसे में आपको क्या लगता है। क्या बीजेपी इस बार दिल्ली जीत कर 27 साल का वनवास दूर कर पाएगी।
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