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भारत ने 100 साल पुराने हिंदू मंदिर ध्वस्त करने पर पाकिस्तान को लगाई लताड़, कहा- दोषियों पर हो कार्रवाई
Randhir Jaiswal: भारत के विदेश मंत्रालय ने मंदिर को नुकसान पहुंचाने की घटना की साफ शब्दों में निंदा करते हुए पाकिस्तान सरकार से मामले की तुरंत और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. भारत ने यह भी कहा है कि जो लोग इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और मंदिर को जल्द से जल्द दोबारा बहाल किया जाना चाहिए.
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Pakistan: पाकिस्तान के नरोवाल जिले के सिराज गांव में करीब 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को कथित तौर पर तोड़े जाने की खबर ने एक बार फिर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और उनकी धार्मिक विरासत को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस घटना पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है. भारत के विदेश मंत्रालय ने मंदिर को नुकसान पहुंचाने की घटना की साफ शब्दों में निंदा करते हुए पाकिस्तान सरकार से मामले की तुरंत और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. भारत ने यह भी कहा है कि जो लोग इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और मंदिर को जल्द से जल्द दोबारा बहाल किया जाना चाहिए.
विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के सिराज गाव में ऐतिहासिक हिंदू मंदिर को नुकसान पहुंचाए जाने से जुड़े सवालों पर भारत का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि भारत इस घटना को लेकर बेहद चिंतित है. उनके मुताबिक, एक अल्पसंख्यक समुदाय के करीब एक सदी पुराने पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाना बेहद निंदनीय है. भारत ने मंदिर में हुई तोड़फोड़ की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा करना किसी भी सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है.
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Official Spokesperson’s response to media queries regarding reported demolition of a century-old Hindu temple in Pakistan
🔗 https://t.co/jPd7WzGdUD pic.twitter.com/iFn4ElXT2m— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) ?ref_src=twsrc%5Etfw">September 2, 2026Advertisement
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पाकिस्तान की भूमिका पर भी उठे सवाल
भारत ने केवल मंदिर तोड़े जाने की घटना पर ही चिता नहीं जताई, बल्कि उसकी सुरक्षा को लेकर स्थानीय अधिकारियों की कथित लापरवाही पर भी सवाल उठाए हैं. विदेश मंत्रालय का कहना है कि इतने पुराने धार्मिक स्थल की रक्षा करने में अधिकारियों की नाकामी और इस मामले में दिखाई गई कथित उदासीनता गंभीर चिंता का विषय है. भारत के मुताबिक, ऐसी घटनाएं यह बताती हैं कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों को अपनी धार्मिक पहचान, पूजा स्थलों और सांस्कृतिक विरासत को लेकर अब भी असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है.
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जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग
भारत ने पाकिस्तान सरकार से इस पूरे मामले की तत्काल और पारदर्शी जांच कराने को कहा है. विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि घटना के पीछे जो भी लोग हैं, उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए. साथ ही भारत ने मंदिर को हुए नुकसान की भरपाई करते हुए उसे दोबारा बहाल करने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की है.
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अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पाकिस्तान की जिम्मेदारी
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भारत ने इस मामले को केवल एक मंदिर को नुकसान पहुंचाने की घटना तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा का बड़ा मुद्दा भी उठाया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अपने सभी अल्पसंख्यक नागरिकों की सुरक्षा और उनके धार्मिक स्थलों की रक्षा सुनिश्चित करे. भारत का कहना है कि किसी भी समुदाय के पूजा स्थल और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना जरूरी है, क्योंकि ये केवल इमारतें नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतीक होते हैं.