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'खुद के गिरेबान में झांके अमेरिका...', भारत ने अमेरिकी आयोग को लगाई फटकार, कहा-हिंदू मंदिरों पर हमले रोकें
अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की सेलेक्टिव रिपोर्ट को लेकर भारत ने कड़ी फटकार लगाई है. USCIRF की ओर से RSS-RAW पर बैन की मांग पर भी तगड़ा जवाब दिया गया गया है.
विदेश मंत्री एस जयशंकर के नेतृत्व वाले विदेश मंत्रालय ने अमेरिका, खासकर ट्रंप प्रशासन के तहत आने वाले अमेरिकी आयोग को जमकर लताड़ लगाई है और उसे खुद के देश में हिंदू मंदिरों पर हो रहे हमलों को लेकर गिरेबान में झांकने की सलाह दी है. इसके अलावा MEA ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिशों पर भी तगड़ा सुनाया.
मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायवाल ने कहा कि अमेरिकी आयोग ने सच्चाई के बजाय संदिग्ध सोर्स और वैचारिक नैरेटिव पर भरोसा करते हुए अपने हिसाब से भारत की तस्वीर पेश करने में लगा हुआ है.
आपको बताएं कि भारत ने सोमवार को अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर संयुक्त राज्य आयोग (USCIRF) की ताज़ा रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए इसे पक्षपातपूर्ण और प्रेरित बताया। भारत ने कहा कि आयोग कई वर्षों से भारत की छवि को विकृत और चयनात्मक तरीके से पेश करता रहा है।
'USCIRF की टिप्पणी पूरी तरह पक्षपातपूर्ण'
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि भारत ने USCIRF की 2026 की वार्षिक रिपोर्ट का संज्ञान लिया है, लेकिन इसमें भारत के बारे में की गई टिप्पणियां पूरी तरह पक्षपातपूर्ण और प्रेरित हैं।
USCIRF की विश्वसनीयता ही संदिग्ध: MEA
उन्होंने कहा, “पिछले कई वर्षों से यूएससीआईआरएफ भारत की स्थिति को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहा है। आयोग मूल फैक्ट्स के बजाय संदिग्ध स्रोतों और वैचारिक नैरेटिव पर निर्भर करता है। इस तरह की गलत प्रस्तुतियां आयोग की विश्वसनीयता को ही कमजोर करती हैं।” मंत्रालय ने आगे कहा कि भारत एक जीवंत बहुसांस्कृतिक समाज है, लेकिन USCIRF बार-बार भारत के बारे में संदेह पैदा करने की कोशिश करता है, जो वास्तविक चिंता से अधिक एक पूर्वाग्रहपूर्ण एजेंडा को दर्शाता है।
अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमले पर ध्यान दे USCIRF: रणधीर जायसवाल
प्रवक्ता ने कहा कि भारत पर सेलेक्टिव विरोध के बजाय USCIRF को अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हो रहे हमलों, भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ बढ़ती असहिष्णुता और डराने-धमकाने की घटनाओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और इन पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
भारत विरोधी एजेंडे को हवा देने का रहा है USCIRF का इतिहास
भारत पहले भी यूएससीआईआरएफ की रिपोर्टों पर आपत्ति जताता रहा है। इससे पहले भी सरकार ने कहा था कि आयोग राजनीतिक एजेंडे के तहत भारत के बारे में तथ्यों को गलत तरीके से पेश करता है।
विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी आयोग को दिखाया आईना
विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत 1.4 अरब लोगों का देश है, जहां दुनिया के लगभग सभी प्रमुख धर्मों के अनुयायी रहते हैं और यहां विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण सह-अस्तित्व की मजबूत परंपरा है। भारत ने यह भी कहा कि इस तरह की रिपोर्टें भारत की लोकतांत्रिक और सहिष्णु छवि को कमजोर करने की कोशिश करती हैं, जो सफल नहीं होगी।